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पंजाब के 36 प्रिंसिपल्स का सिंगापुर में प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया रवाना

पंजाब के 36 प्रिंसिपल्स के एक बैच को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को सिंगापुर के लिए रवाना किया, जहां इन शिक्षकों को 9 से लेकर 15 मार्च तक विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्देश्य प्रिंसिपल्स को आधुनिक पढ़ाई और मैनेजमेंट के तरीकों से अवगत कराना है। सिंगापुर में यह ट्रेनिंग, विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए विशेष प्रोग्राम के तहत होगी, जिससे प्रिंसिपल्स को शिक्षा के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और प्रैक्टिकल नॉलेज मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक नया बदलाव लेकर आई है, जिसमें अब केवल रट्टा सिस्टम की जगह प्रैक्टिकल नॉलेज पर ध्यान दिया जा रहा है। यह ट्रेनिंग इन प्रिंसिपल्स के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इससे वे न सिर्फ अपनी खुद की शिक्षा शैली को सुधार सकेंगे, बल्कि राज्य के अन्य शिक्षकों और छात्रों के लिए भी नई दिशा प्रदान करेंगे।

प्रिंसिपल्स की चयन प्रक्रिया और ट्रेनिंग का उद्देश्य

पंजाब सरकार द्वारा प्रिंसिपल्स के चयन के लिए आवेदन मंगवाए गए थे, जिनमें से 36 प्रिंसिपल्स का चयन किया गया है। इन प्रिंसिपल्स को सिंगापुर में एक सप्ताह का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम मिलेगा, जिसमें पढ़ाई और स्कूल मैनेजमेंट के आधुनिक तरीके सिखाए जाएंगे। इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पढ़ाई के तरीके, बच्चों की मानसिकता, शिक्षा के प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा, “अब रट्टा सिस्टम का जमाना नहीं है। शिक्षा में बदलाव आ चुका है और अब प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर दिया जा रहा है। यह समय है जब हम बच्चों को केवल किताबों से बाहर की दुनिया भी सिखाएं, ताकि वे अपने जीवन में सफल हो सकें।” उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक अहम कदम बताया, जो भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार करेगा।

सिंगापुर में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है, जो प्रिंसिपल्स को न केवल शिक्षा की नई तकनीकें, बल्कि स्कूल संचालन और छात्रों की विभिन्न जरूरतों को समझने में मदद करेगा। यह प्रशिक्षण प्रिंसिपल्स को सिखाएगा कि कैसे वे अपनी स्कूलों में अच्छे प्रशासन और गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर सकते हैं।

शिअद पर मुख्यमंत्री का हमला: राजनीति और धर्म के संबंध

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्यक्रम के दौरान शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “अब उल्टा जमाना आ गया है, जहां राजनीति धर्म को शिक्षा दे रही है। ये लोग जत्थेदारों को अपनी जेब में समझते हैं।” इस बयान में मुख्यमंत्री ने शिअद के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक पदों का दुरुपयोग कर रहे हैं और राजनीति में उनका हस्तक्षेप बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री मान का यह बयान राज्य में शिअद के प्रभाव और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका को लेकर एक बड़ी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। मान ने यह भी कहा कि शिक्षा में धर्म और राजनीति का मिश्रण नहीं होना चाहिए, और यह समय है जब हम शिक्षा को एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं।

पहले बैच का अनुभव और इसके प्रभाव

यह पहला अवसर नहीं है जब पंजाब के प्रिंसिपल्स को विदेश में ट्रेनिंग दी जा रही है। जुलाई 2023 में, 72 प्रिंसिपल्स के पहले बैच को सिंगापुर भेजा गया था। इस बैच के प्रिंसिपल्स को सिंगापुर में आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित किया गया था, और उन्होंने वापसी के बाद अपने अनुभवों को साझा किया था।

इन प्रिंसिपल्स ने बताया था कि सिंगापुर में जो ट्रेनिंग उन्हें मिली थी, उसने उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया। वे अब यह समझने में सक्षम हैं कि कैसे विद्यार्थियों की सोच और समझ में सुधार लाया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि वे स्कूलों में नई तकनीकों और विधियों का इस्तेमाल करके बच्चों को अधिक बेहतर तरीके से पढ़ा सकते हैं।

सिंगापुर में हुई ट्रेनिंग का एक और अहम पहलू यह था कि प्रिंसिपल्स ने वहां के शिक्षा प्रशासन और पाठ्यक्रम को बारीकी से समझा, जो बाद में उन्होंने अपने स्कूलों में लागू किया। इस ट्रेनिंग से उन्हें बच्चों की मानसिकता और शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझने का एक नया तरीका मिला।

आने वाला फिनलैंड बैच और और भी सुधार

पंजाब सरकार ने केवल सिंगापुर में ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कदम उठाए हैं। 17 से 28 मार्च तक, पंजाब के दूसरे बैच के शिक्षकों को फिनलैंड भेजा जाएगा, जहां उन्हें वहाँ की शिक्षा पद्धतियों और आधुनिक अध्यापन विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिनलैंड को दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है, और यह ट्रेनिंग भी पंजाब के शिक्षकों के लिए एक बड़ा अवसर होगी।

फिनलैंड में होने वाली इस ट्रेनिंग में शिक्षकों को बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने, उनके लिए उपयुक्त शिक्षण विधियाँ अपनाने, और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम के बाद, पंजाब के शिक्षक अपने अनुभवों को साझा करेंगे और बच्चों के लिए बेहतर और अधिक प्रभावी शिक्षा विधियाँ अपनाएंगे।

शिक्षा में सुधार की दिशा

मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि उनका उद्देश्य पंजाब में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। उनका मानना है कि जब तक शिक्षकों को अच्छी ट्रेनिंग नहीं मिलेगी, तब तक शिक्षा प्रणाली में सुधार संभव नहीं है। इसलिए पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाया है और शिक्षक प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में और भी सुधार किए जाएंगे, ताकि पंजाब के छात्र न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें। पंजाब सरकार का यह प्रयास है कि राज्य के बच्चों को दुनिया के सबसे अच्छे शिक्षा प्रणालियों से परिचित कराया जाए, और उन्हें हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

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