रणवीर इलाहाबादिया के अश्लील टिप्पणी मामले में पुलिस का एक्शन तेज

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने इंडियाज गॉट टैलेंट के शो में रणवीर इलाहाबादिया द्वारा की गई अश्लील टिप्पणी के मामले में जांच को और तेज कर दिया है। पुलिस ने अब इस मामले में सिद्धार्थ तेवतिया (जो बप्पा के नाम से भी प्रसिद्ध हैं) को समन जारी किया है। सिद्धार्थ तेवतिया को बीएनएसएस की धारा 179 के तहत समन भेजा गया है। उन्हें आज महाराष्ट्र साइबर सेल के ऑफिस में आकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
सिद्धार्थ तेवतिया ने समन मिलने के बाद किया इंस्टाग्राम पोस्ट
सिद्धार्थ तेवतिया, जो शो के ज्यूरी पैनल का हिस्सा थे, ने समन मिलने के बाद अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने एक तंज कसा। सिद्धार्थ ने लिखा, “काश जितनी दिक्कत वल्गैरिटी से हो रही है, उतनी ही पॉल्यूशन, मर्डर और रेप पर होती।” सिद्धार्थ का यह पोस्ट इस बात को दर्शाता है कि उन्होंने मामले को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है और यह भी दिखाता है कि वे इससे कहीं अधिक गंभीर मुद्दों पर समाज का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है, और लोग विभिन्न प्रकार के रुख अपनाए हुए हैं। कुछ लोगों ने सिद्धार्थ के इस बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। यह सोशल मीडिया पोस्ट इस मामले के नए पहलू को उजागर करता है, जहां लोग अश्लीलता की तुलना अन्य गंभीर सामाजिक मुद्दों से कर रहे हैं।
शो के सभी ज्यूरी को समन
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने उन सभी ज्यूरी सदस्यों को समन भेजा है जो कभी न कभी इस शो का हिस्सा रहे हैं। यह कार्रवाई शो के सभी ज्यूरी पैनल के सदस्य को जांच में शामिल करने के उद्देश्य से की गई है। सभी ज्यूरी सदस्य को बुधवार को साइबर सेल के ऑफिस में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। इस समन में यह भी कहा गया है कि उन्हें मामले में अपनी भूमिका के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाया गया है।
इस बीच, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या शो के ज्यूरी पैनल के अन्य सदस्य इस विवाद में किसी तरह से शामिल थे या उन्होंने टिप्पणी के समय शो के कंटेंट पर उचित ध्यान नहीं दिया। पुलिस का मानना है कि शो में ऐसी टिप्पणी होने के बावजूद ज्यूरी की चुप्पी से स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
अपूर्वा मखीजा का बयान
अश्लील टिप्पणी मामले में पुलिस ने अपूर्वा मखीजा को भी तलब किया था, जो इस मामले की शिकायतकर्ता हैं। अपूर्वा मखीजा ने मुंबई के खार पुलिस स्टेशन जाकर अपना बयान दर्ज कराया है। उनकी शिकायत के बाद ही पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में गंभीरता से कदम उठाए हैं।
अपूर्वा मखीजा के बयान से यह साफ होता है कि यह मामला सिर्फ एक सामान्य टिप्पणी का नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और मानसिक प्रभाव डालने वाले विवाद का है। इस मामले में पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या यह टिप्पणी जानबूझकर की गई थी या यह सिर्फ एक लापरवाही का परिणाम थी।
समय रैना की वकील का महाराष्ट्र साइबर सेल में बयान
वहीं, इंडियाज गॉट टैलेंट के शो के होस्ट और कॉमेडियन समय रैना की वकील गुंजन मंगला भी महाराष्ट्र साइबर के ऑफिस पहुंची थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि समय रैना फिलहाल विदेश में हैं और 17 मार्च को वापस लौटेंगे। इस दौरान रैना ने अपने वकील के माध्यम से महाराष्ट्र साइबर से जांच अधिकारी से मिलने के लिए और समय मांगा है, ताकि वह मामले में अपना बयान दे सकें।
समय रैना के वकील ने साइबर सेल के सामने रैना का ट्रेवल टिकट और शो शेड्यूल भी सबमिट किया है, ताकि यह साबित किया जा सके कि वह इस समय भारत में नहीं हैं। रैना के वकील ने साइबर सेल से जांच में और सहयोग करने के लिए समय का अनुरोध किया है, ताकि रैना सही तरीके से अपना बयान दे सकें।
इस मामले का सामाजिक और कानूनी असर
यह मामला सिर्फ एक टीवी शो के भीतर हुई अश्लील टिप्पणी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में हो रहे बड़े मुद्दों को भी उजागर करता है। जब इस तरह के मुद्दों को लेकर पुलिस कार्रवाई होती है, तो यह एक संकेत है कि सार्वजनिक व्यक्तित्व और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ज़िम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
अगर इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत आचरण पाया जाता है, तो यह एक मिसाल बनेगा कि भविष्य में इस तरह की टिप्पणी या व्यवहार को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। साथ ही, इस मामले में जुड़े सभी व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
यह मामला इस बात को भी सामने लाता है कि कैसे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तियों द्वारा की गई टिप्पणियाँ समाज में फैल सकती हैं और गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से कार्य करना बेहद ज़रूरी हो गया है।
निष्कर्ष
समय रैना और अन्य ज्यूरी सदस्यों के खिलाफ जारी जांच, साथ ही रणवीर इलाहाबादिया की अश्लील टिप्पणी का मामला, समाज में बदलाव की आवश्यकता को और अधिक उजागर करता है। यह बताता है कि मीडिया और सार्वजनिक व्यक्ति जो सार्वजनिक रूप से प्रभावित करते हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। इस मामले में आगे की जांच में कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है, जिससे यह तय होगा कि इस तरह की टिप्पणियों को किस तरह से नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।