Lifestyle : जिम में आप भी करते हैं ये गलती तो हो जाएं सावधान

आजकल के दौर में जहां लोग शारीरिक फिटनेस को लेकर जागरूक हो गए हैं, वहीं जिम में वर्कआउट करना एक आम आदत बन चुका है। लेकिन क्या हर दिन जिम जाना आपके लिए जरूरी है? क्या इस आदत का कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि फिट रहने के लिए केवल जिम जाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे सही तरीके से और सही समय पर करना महत्वपूर्ण है। हर दिन जिम जाना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता, अगर आपको इसका सही तरीके से लाभ उठाना है तो आपको अपने वर्कआउट रूटीन को संतुलित और सुरक्षित रखना होगा।
जिम जाने के लाभ और सावधानियाँ
फिजिकल एक्टिविटी निश्चित रूप से हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है, और जिम जाना इसके एक अहम हिस्से के रूप में कार्य करता है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आप हर दिन जिम जाएं। विशेषज्ञों के अनुसार, शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हर सप्ताह कम से कम एक दिन का आराम लेना आवश्यक है। इसके बिना, शरीर को पर्याप्त रिकवरी का समय नहीं मिलता और लंबे समय में मांसपेशियों में थकावट और चोटें हो सकती हैं।
सही वर्कआउट रूटीन का चुनाव
विभिन्न प्रकार के वर्कआउट्स जैसे स्ट्रेचिंग, कार्डियो, और वेट ट्रेनिंग से शरीर को फायदा होता है, लेकिन इसका सही तरीका जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जब आप जिम में किसी भी उपकरण का उपयोग करते हैं, तो यह जरूरी है कि आप इसे सावधानी से करें। यदि आप लापरवाह तरीके से वर्कआउट करते हैं तो आप खुद को चोटिल कर सकते हैं। इसके अलावा, जब आप एक ही तरह के वर्कआउट को रोज़ करते हैं तो मांसपेशियों को एक ही तरह से तनाव मिलता है, जिससे आपकी शरीर की रिकवरी प्रभावित हो सकती है। इसलिए, वर्कआउट रूटीन में बदलाव और रिकवरी शूज़ का इस्तेमाल मांसपेशियों के दर्द को कम करने और रिकवरी को तेज़ करने में मदद करता है।
एक ही कसरत के तरीके से बचें
हर दिन एक ही कसरत के तरीके, तीव्रता, और अवधि को दोहराना शरीर के लिए नुकसानकारी हो सकता है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि आप अच्छे परिणामों को नहीं पा पाते। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि वर्कआउट को विविध बनाएं, ताकि मांसपेशियों पर एक ही प्रकार का दबाव ना पड़े और शरीर में संतुलन बना रहे। जब आप जिम जाते हैं, तो अपनी कसरत में बदलाव लाने की कोशिश करें। इससे आपके शरीर को अलग-अलग हिस्सों को काम करने का मौका मिलता है और मांसपेशियों की वृद्धि भी अधिक होती है।
जिम में वर्कआउट करते वक्त आम गलतियाँ
जिम में वर्कआउट करते वक्त कई लोग कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जिनका असर उनके शरीर पर पड़ सकता है। यदि आप जिम में काम करते समय कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं तो ये आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि जिम में वर्कआउट करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. बिना ट्रेनर की मदद के वर्कआउट करना
कई लोग जिम जाकर अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने का प्रयास करते हैं और बिना किसी ट्रेनर की मदद के वर्कआउट करते हैं। यह गलत है। ट्रेनर आपके शरीर और वजन के हिसाब से वर्कआउट निर्धारित करता है, जिससे आपको सही दिशा मिलती है और आप चोटिल नहीं होते। विशेष रूप से अगर आप वेट ट्रेनिंग कर रहे हैं, तो ट्रेनर की निगरानी में ही यह कार्य करें। यह न केवल आपके लिए फायदेमंद होगा, बल्कि आपकी सेहत को भी सुरक्षा मिलेगी।
2. गलत पोस्चर में वर्कआउट करना
वर्कआउट करते वक्त यदि आपके शरीर के अंग सही पोस्चर में नहीं होते हैं, तो इससे मसल्स को नुकसान हो सकता है। आपके हाथ, पैर, और गर्दन का सही पोस्चर होना चाहिए, तभी आपकी बॉडी पर सही प्रेशर पड़ेगा और आप अपने वर्कआउट का पूरा फायदा उठा पाएंगे। इसलिए, सही पोस्चर के लिए ट्रेनर की मदद लें और इससे आपके शरीर को अधिक लाभ होगा।
3. वॉर्म अप की अनदेखी करना
बहुत से लोग जिम में आते हैं और सीधे कसरत करने लगते हैं। यह एक खतरनाक तरीका हो सकता है। वर्कआउट से पहले वॉर्म अप करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि इससे आपके शरीर के अंगों को खिंचाव और चोट से बचाव मिलता है। वॉर्म अप करने से मांसपेशियों में लचीलापन आता है और आपके शरीर को कसरत के लिए तैयार करता है। इसलिए, हमेशा वॉर्म अप करने के लिए 15-20 मिनट का समय दें।
4. अधिक वर्कआउट करने की कोशिश
कुछ लोग यह सोचते हैं कि जल्दी फिट होने के लिए अधिक से अधिक वर्कआउट करना चाहिए। यह उनकी सोच गलत है। जब आप शरीर को उसकी क्षमता से ज्यादा मेहनत करवाते हैं तो न केवल आपको थकावट महसूस होती है, बल्कि इससे आपकी सेहत भी खराब हो सकती है। अधिक वर्कआउट से आपके शरीर पर दबाव बढ़ता है और यह आपके लिए चोटों का कारण बन सकता है। इसलिए, अपनी क्षमता के हिसाब से वर्कआउट करें और शरीर को पर्याप्त आराम भी दें।
5. स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान जिम जाना
यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, जैसे कि हार्ट प्रॉब्लम, शुगर या कोई पुरानी बीमारी हो, तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेकर ही जिम जाना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से ही आप यह तय कर सकते हैं कि वर्कआउट आपके लिए सुरक्षित है या नहीं। अन्यथा, यह आपकी बीमारी को गंभीर बना सकता है और शरीर को अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।