आतिशी ने दिल्ली की CM को लिखी चिट्ठी, मुलाकात के लिए मांगा समय

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक आतिशी ने नवनियुक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक चिट्ठी लिखी है। इस पत्र में उन्होंने 23 फरवरी को AAP विधायक दल के साथ बैठक करने का समय मांगा है। आतिशी ने इस पत्र में दिल्ली की महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। उनका मुख्य मुद्दा दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का था, जिसे चुनावी वादों के तहत लागू करने की मांग की गई है। आतिशी ने इस योजना के अमल में नाकामी पर भी सवाल उठाए हैं और पूछा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे के बावजूद पहली कैबिनेट बैठक में इसे क्यों नहीं पास किया गया।
आतिशी ने पत्र में यह भी कहा कि यह मुद्दा दिल्ली की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, और यह योजना उनकी पार्टी के चुनावी एजेंडे का एक प्रमुख हिस्सा थी। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अनुरोध किया कि इस योजना पर शीघ्र कार्रवाई की जाए और महिलाओं को इस वित्तीय मदद का लाभ दिया जाए।
आतिशी का तंज – “पहले दिन ही प्रधानमंत्री और बीजेपी को झूठा साबित किया”
आतिशी ने शनिवार को एक बयान जारी किया और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के खिलाफ बयान दिए, जो हैरान करने वाला था। आतिशी ने यह आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में उनकी सरकार है, और वह किसी को अपना एजेंडा बताने का अधिकार नहीं देने वाली हैं।
आतिशी ने कहा, “नवनियुक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह बयान यह संकेत देता है कि दिल्ली बीजेपी सरकार की मंशा क्या है। उन्होंने पहले ही दिन पीएम मोदी और जेपी नड्डा से सवाल किया कि आप कौन होते हैं मुझे एजेंडा बताने वाले? इस बयान ने पीएम मोदी और बीजेपी के नेताओं को झूठा साबित कर दिया। अब, इन नेताओं को मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का अधिकार नहीं होगा।”
आतिशी के इस बयान ने दिल्ली की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है, क्योंकि यह बयान सीएम रेखा गुप्ता के प्रति उनके आलोचकों की कड़ी प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
रेखा गुप्ता का बयान – “अब हमारी सरकार है, अपना एजेंडा रखें”
दिल्ली में 20 फरवरी को बीजेपी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में शपथ ली, जिसके बाद सीएम रेखा गुप्ता ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया। मीडिया की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने के वादे का क्या हुआ, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “उनसे (आप) वालों से कहिए, जब उनकी सरकार थी, उन्होंने अपने हिसाब से काम किया। अब सरकार हमारी है। हमें अपने एजेंडा पर काम करने दें। उनसे कहिए, दखल देने की जरूरत नहीं है।”
इस बयान से रेखा गुप्ता ने साफ किया कि वह अपने एजेंडे के अनुसार काम करेंगी और दिल्ली की राजनीति में अब उनकी सरकार के एजेंडे को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके इस बयान ने आम आदमी पार्टी और विशेष रूप से आतिशी के लिए एक और चुनौती पेश की है, क्योंकि उनका चुनावी वादा अब तक अमल में नहीं आ पाया है।
पीएम मोदी के वादों पर सवाल
आतिशी ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादों को भी झूठा साबित करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पीएम मोदी ने जो वादे किए थे, जैसे कि महिलाओं को 2500 रुपये देने की योजना, वह अब तक लागू क्यों नहीं हुई? उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह योजना इतनी महत्वपूर्ण थी, तो क्यों न बीजेपी सरकार ने इसे अपनी पहली कैबिनेट बैठक में लागू किया?
यह सवाल दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा आम आदमी पार्टी के चुनावी एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। अब, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस बयान के बाद यह सवाल और भी अहम हो गया है कि यह योजना कब लागू होगी और क्या यह बीजेपी सरकार के एजेंडे में शामिल होगी।
दिल्ली में राजनीति के नए समीकरण
सीएम रेखा गुप्ता के बयान ने दिल्ली में राजनीति के नए समीकरण को जन्म दिया है। आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच की राजनीतिक खाई अब और गहरी होती जा रही है। आतिशी द्वारा लिखी गई चिट्ठी और उनके बयान यह दर्शाते हैं कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।
दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा अभी तक पूरी तरह से अमल में नहीं आ सका है, और यह अब दिल्ली की राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। आम आदमी पार्टी और विशेष रूप से आतिशी इस मुद्दे को चुनावी लाभ के रूप में देख सकते हैं, जबकि बीजेपी अपनी सरकार के एजेंडे पर काम करने का दावा कर रही है।