कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का महाकुंभ भगदड़ पर बयान, राज्यसभा में हुआ हंगामा

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को राज्यसभा में एक विवादित बयान देते हुए कहा कि हाल ही में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में ‘हजारों’ लोग मारे गए। उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा मच गया और सभापति जगदीप धनखड़ ने खरगे से अपना बयान वापस लेने की अपील की।
खरगे का बयान और हंगामा
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, खरगे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उच्च सदन में चल रही चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ में हुई भगदड़ के बारे में बोलते हुए कहा, “महाकुंभ में पिछले दिनों भगदड़ के दौरान हजारों लोग मारे गए।” उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्य तुरंत भड़क उठे और उन्होंने विरोध जताया।
खरगे ने आगे कहा कि यह उनका अनुमान था, और अगर यह सही नहीं है, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि सही आंकड़ा क्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को दोषी ठहराने का नहीं था, बल्कि वे महाकुंभ में मारे गए लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते थे। खरगे ने कहा, “मैंने किसी को दोषी ठहराने के लिए ‘हजारों’ नहीं कहा। लेकिन कितने लोग मारे गए, कम से कम यह जानकारी तो दीजिए। अगर मैं गलत हूं तो मैं माफी मांगूंगा।”
आंकड़े पर विवाद और सरकार की स्थिति
29 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ के दौरान एक भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और कुछ की जान भी गई थी। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इस भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, खरगे ने इस आंकड़े को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संख्या सही नहीं हो सकती है। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “मैं महाकुंभ में मारे गए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि देता हूं… कुंभ में मारे गए हजारों लोगों को…” इस पर सत्ता पक्ष के सदस्य ने विरोध किया और बयान को गलत करार दिया।
सभापति जगदीप धनखड़ की प्रतिक्रिया
जगदीप धनखड़, जो राज्यसभा के सभापति हैं, ने इस बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खरगे से अपना बयान वापस लेने की अपील की और कहा, “विपक्ष के नेता ने हजारों की संख्या में आंकड़ा दिया है… मैं उनसे अपील करता हूं कि इस सदन में जो भी कहा जाता है, उसका बहुत महत्व होता है। आपने कुछ ऐसा कहा है, जिससे सभी स्तब्ध हैं। यहां से जो संदेश जाता है, भले ही उसका खंडन हो, वह पूरी दुनिया में जाता है।”
धनखड़ ने यह भी कहा कि राज्यसभा एक सम्मानित मंच है और यहां से दिए गए बयान का असर देशभर में होता है। इस पर खरगे ने अपना बयान वापस लेने से इंकार किया, लेकिन उन्होंने यह कहा कि अगर उनकी बात गलत साबित होती है, तो वह माफी मांगने को तैयार हैं।
खरगे का स्पष्टिकरण
खरगे ने सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी को दोषी ठहराना नहीं था। उन्होंने महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के सही आंकड़े के बारे में सरकार से जानकारी देने की मांग की। उन्होंने आगे कहा, “कृपया सरकार यह बताए कि कितने लोग मारे गए, कितने लापता हैं। अगर मैं गलत हूं तो मैं माफी मांगूंगा।”
इसके अलावा, खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण था।
कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी
खरगे के बयान पर भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने जानबूझकर गलत आंकड़ा दिया। भाजपा नेताओं ने इस पर आक्रोश जताया और इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि खरगे ने महाकुंभ के आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और समाज में दहशत फैलाने की कोशिश की।
वहीं, कांग्रेस ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि खरगे ने केवल अनुमान व्यक्त किया था और उनकी intention किसी को दोषी ठहराने की नहीं थी। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने यह भी कहा कि सरकार को महाकुंभ में मारे गए लोगों के बारे में सही जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
महाकुंभ में हादसा: क्या था वास्तविक घटनाक्रम?
महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। इस दौरान एक भगदड़ मच गई थी, जिससे कई लोग घायल हो गए और कुछ की जान चली गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस हादसे में 30 लोग मारे गए। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
यह घटना महाकुंभ के इतिहास में एक गंभीर हादसा साबित हुई, जिसके बाद राज्य सरकार और प्रशासन की आलोचना की गई। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उचित इंतजाम नहीं किए और भगदड़ की स्थिति को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।