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DELHI : भाजपा की बड़ी जीत, केजरीवाल को नई दिल्ली सीट पर झटका

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों की गिनती आज सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है। राजधानी दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती हो रही है। कुल 70 विधानसभा सीटों के लिए 699 उम्मीदवार मैदान में हैं। 5 फरवरी को हुए चुनाव में करीब 13,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर 60.54% मतदान हुआ था। मतगणना केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और पर्यवेक्षकों द्वारा की जा रही है, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

1. नई दिल्ली विधानसभा सीट: अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका

दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला परिणाम नई दिल्ली सीट से सामने आया है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर भाजपा के प्रवेश वर्मा ने शानदार जीत हासिल की है।

नई दिल्ली सीट, जो पहले दिवंगत शीला दीक्षित द्वारा तीन बार प्रतिनिधित्व की गई थी, को लेकर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प था। 2013 के विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को हराकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा किया था। इसके बाद से अरविंद केजरीवाल ने लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन अब भाजपा के प्रवेश वर्मा ने इस सीट पर जीत दर्ज कर दी है। यह आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह सीट न केवल राजधानी दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पार्टी के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल था।

आम आदमी पार्टी का दिलचस्प संघर्ष

इस सीट पर केजरीवाल की हार के बाद आम आदमी पार्टी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा की इस जीत से यह साफ हो गया है कि दिल्ली में भाजपा की पकड़ मजबूत हो रही है और आम आदमी पार्टी को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह परिणाम भाजपा के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी को इस हार ने एक नई दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है।

2. कालकाजी विधानसभा सीट: भाजपा के रमेश बिधूड़ी की बढ़त

कालकाजी सीट पर मतगणना के दौरान सात राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है, और यहां भाजपा के प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी आगे चल रहे हैं। भाजपा को यहां बड़ी सफलता मिलती दिख रही है, क्योंकि बिधूड़ी को 29,481 वोट मिले हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की मुख्यमंत्री प्रत्याशी आतिशी को 26,599 वोट मिले हैं।

कालकाजी सीट इस बार बेहद चर्चित रही, क्योंकि यहां आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री आतिशी को टिकट दिया था। वहीं कांग्रेस ने पूर्व विधायक अलका लांबा को उम्मीदवार बनाया। भाजपा ने यहां से रमेश बिधूड़ी को मैदान में उतारा, जिनके विवादास्पद बयानों ने चुनाव प्रचार के दौरान सुर्खियां बटोरीं।

भाजपा की मजबूत स्थिति

रमेश बिधूड़ी के बयानों को लेकर बहुत चर्चा रही, लेकिन चुनावी परिणामों ने यह साबित कर दिया कि उनकी लोकप्रियता का कोई न कोई असर जरूर था। इस सीट पर इस बार कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां थीं, जिनके चलते यह सीट हॉट सीट बन गई थी। अब जब मतगणना के रुझान भाजपा के पक्ष में हैं, तो यह पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण जीत साबित हो सकती है।

3. जंगपुरा विधानसभा सीट: मनीष सिसोदिया को हार

जंगपुरा विधानसभा सीट पर भी एक बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता मनीष सिसोदिया यहां से चुनाव हार गए हैं। भाजपा के प्रत्याशी तरविंदर सिंह मारवाह ने इस सीट पर जीत दर्ज की है। जंगपुरा सीट पर यह मुकाबला काफी दिलचस्प था, क्योंकि इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया को टिकट दिया था, जबकि वह इससे पहले पटपड़गंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके थे।

आम आदमी पार्टी की उम्मीदें टूटीं

जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के वर्तमान विधायक प्रवीण कुमार भी चुनावी मैदान में थे, जिन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी। इस बार जब मनीष सिसोदिया को जंगपुरा से उम्मीदवार बनाया गया, तो पार्टी को यहां से जीत की उम्मीद थी, लेकिन भाजपा के प्रत्याशी तरविंदर सिंह मारवाह ने जीत का परचम लहराया।

यह हार आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा धक्का है, खासकर जब मनीष सिसोदिया जैसे बड़े नेता को हार का सामना करना पड़ा हो। जंगपुरा की इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी की जीत ने यह साबित कर दिया कि भाजपा दिल्ली में आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर दे रही है और चुनावी रणनीतियों के मामले में भी वह पीछे नहीं है।

4. सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता की गारंटी

दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई, और चुनाव आयोग ने इसे पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और पर्यवेक्षकों की निगरानी सुनिश्चित की। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो और मतगणना के परिणाम पूरी तरह से सही और स्पष्ट हों।

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