दिल्ली में चुनाव प्रचार थमने के बावजूद चुनावी क्षेत्र में विवाद बढ़ा, पुलिस ने दर्ज किए मामले

दिल्ली में चुनाव प्रचार के खत्म होने के बाद भी कई इलाकों में विवादों और गहमागहमी का माहौल देखा गया। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री आतिशी की शिकायत पर भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामला आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत गोविंदपुरी थाने में कानूनी कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर इस मामले की जानकारी दी, और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन: भाजपा नेता के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस के डीसीपी (साउथ ईस्ट) ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के बेटे मनीष बिधूड़ी और उनके सहयोगी रवि दयामा के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और धारा 126 (आरपी एक्ट) के तहत कार्रवाई की है। इस धारा के तहत चुनावी प्रचार के तय समय के बाद किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार पर पाबंदी होती है।
मुख्यमंत्री आतिशी की शिकायत पर पुलिस ने एक्शन लिया
दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री आतिशी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की और बताया कि आरोपी मनीष बिधूड़ी और रवि दयामा को गोविंदपुरी थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के मामलों में पुलिस की कार्रवाई चुनावी माहौल में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अहम मानी जाती है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, ताकि किसी भी पार्टी को गलत तरीके से लाभ न मिल सके। यही कारण है कि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है।
तुगलकाबाद में भाजपा नेता के परिवार के सदस्य पाए गए
दिल्ली पुलिस द्वारा दिए गए बयान में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा लगाए गए एक अन्य आरोप का जवाब देते हुए पुलिस ने बताया कि रमेश बिधूड़ी के परिवार के तीन सदस्य, जो तुगलकाबाद गांव में रहते हैं, रात एक बजे कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में घूमते हुए पाए गए थे। पुलिस ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना और मामले की जांच शुरू कर दी।
रात के समय चुनावी प्रचार के दौरान ऐसे घटनाक्रम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं, क्योंकि प्रचार के लिए निर्धारित समय समाप्त हो चुका था। इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
कालकाजी में आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ भी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) की उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, आतिशी को कालकाजी क्षेत्र में 50-70 समर्थकों और 10 वाहनों के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें एमसीसी (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करते हुए क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया।
पुलिस ने आगे बताया कि जब उन्हें क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया गया, तो उन्होंने एक अधिकारी को उसकी ड्यूटी करने से रोक दिया, जो आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी।
आदर्श आचार संहिता का पालन क्यों है जरूरी?
आदर्श आचार संहिता (MCC) चुनावी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है, जिसे चुनाव आयोग ने बनाए रखा है। इसका उद्देश्य चुनावों के दौरान किसी भी पक्ष को अनुचित लाभ से बचाना है। यह सुनिश्चित करता है कि चुनावी प्रचार निष्पक्ष रूप से हो और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसमें प्रचार के समय की सीमा, चुनावी क्षेत्र में गतिविधियों की पाबंदी, और सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल रोकने जैसे नियम शामिल होते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और चुनावी माहौल
दिल्ली में चुनाव प्रचार खत्म होने के बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में हो रही अनियमितताओं और उल्लंघनों ने चुनावी माहौल को गरम कर दिया है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिकारियों द्वारा सख्ती से काम लिया जा रहा है।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही प्रमुख दलों के नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसे राजनीतिक प्रचार के नियमों का उल्लंघन बताया है। वहीं भाजपा के नेताओं ने इस मामले पर अपनी चुप्पी साध रखी है, जबकि दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।