PM मोदी ने किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी की, महाकुंभ पर लालू यादव पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के भागलपुर में पहुंचे और वहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना “लाडला” बताते हुए राज्य की सरकार की सराहना की। हालांकि, पीएम मोदी ने अपनी बातों में विपक्षी नेता लालू यादव पर भी तीखा हमला किया, विशेष रूप से प्रयागराज महाकुंभ को लेकर उनके बयान पर।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त का वितरण
पीएम मोदी ने भागलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त का वितरण किया। इस योजना के तहत किसान परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मोदी ने इस योजना को किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके जरिए लाखों किसानों को मदद मिलने की बात की।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने भागलपुर में अन्य विकास योजनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें से कुछ परियोजनाएं कृषि क्षेत्र से संबंधित थीं, जिनका उद्देश्य राज्य के किसानों की समृद्धि को बढ़ाना था। प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार की योजनाओं को किसानों के कल्याण के लिए केंद्रित बताया और कहा कि किसानों के लिए सरकार हमेशा काम करती रही है।
महाकुंभ पर लालू यादव को घेरा
पीएम मोदी ने महाकुंभ महोत्सव को लेकर लालू यादव पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास होता है, लेकिन कुछ लोग हमेशा इसे गाली देने की कोशिश करते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “महाकुंभ जारी है, लेकिन ये जंगलराज वाले महाकुंभ को गाली दे रहे हैं, राम मंदिर से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को कोसने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। महाकुंभ को कोसने वाले को बिहार कभी माफ नहीं करेगा।”
यह बयान लालू यादव के उस विवादास्पद बयान के संदर्भ में था, जिसमें उन्होंने कुंभ मेला को “फालतू” और “बेकार” बताया था। पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ और उसकी आस्था को लेकर इस प्रकार के बयान देना बिल्कुल गलत है।
मंदराचल की पवित्र धरती पर पीएम मोदी का आशीर्वाद
पीएम मोदी ने भागलपुर को अपनी यात्रा का हिस्सा बनाने को अपने लिए सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा, “महाकुंभ के समय मंदराचल की इस धरती पर आना अपने आप में बड़ा सौभाग्य है। यह धरती आस्था, विरासत और विकसित भारत की सामर्थ्य का प्रतीक है।” उन्होंने भागलपुर को “शहीद तिलकामांझी की धरती” और “सिल्क सिटी” के रूप में उल्लेख किया और कहा कि यहां की पवित्रता और संस्कृति ने उन्हें एक बार फिर से प्रेरित किया है।
इस मौके पर पीएम मोदी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित तैयारियों का भी जिक्र किया और कहा कि बिहार में इस समय विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां चल रही हैं।
बिहार के किसानों के कल्याण के लिए एनडीए सरकार की प्राथमिकता
पीएम मोदी ने एनडीए सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि “मैंने लाल किले से कहा है कि विकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ हैं। ये स्तंभ हैं – गरीब, किसान, महिला और नौजवान।” प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे केंद्र में हो या राज्य में, एनडीए सरकार का प्राथमिक उद्देश्य किसानों का कल्याण करना है।
लालू यादव पर एक और हमला
लालू यादव पर पीएम मोदी ने एक और हमला किया। उन्होंने कहा, “पहले किसान संकट से घिरा रहता था, जो लोग पशुओं का चारा खा सकते थे, वे कभी इस स्थिति को नहीं बदल सकते। एनडीए सरकार ने इस स्थिति को बदला है।” पीएम मोदी ने यह भी बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में किसानों को सैकड़ों आधुनिक बीज दिए गए हैं, जिससे उनकी फसलें बेहतर हो सकीं।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने यह भी बताया कि पहले किसानों को यूरिया के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं और कालाबाजारी होती थी, लेकिन आज किसानों को पर्याप्त खाद मिल रही है।
कोरोना संकट के दौरान किसानों के साथ खड़ी रही एनडीए सरकार
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमने कोरोना महामारी के दौरान भी किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी। अगर एनडीए सरकार ना होती तो आज भी किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़तीं। अगर एनडीए सरकार ना होती, तो आज किसानों को यूरिया की एक बोरी 3 हजार रुपये में मिलती।” पीएम मोदी ने यह बयान देते हुए किसानों की समस्याओं के प्रति एनडीए सरकार की संवेदनशीलता को उजागर किया और यह भी बताया कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के सुधार के लिए कई योजनाओं पर काम किया है।
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार में विकास और समृद्धि का वादा
पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान बिहार के विकास की दिशा में कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, और राज्य की सरकार के साथ मिलकर बिहार को एक मजबूत और समृद्ध राज्य बनाने के लिए काम किया जाएगा।