राहुल गांधी के चीन को लेकर दावे पर मचा सियासी बवाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया पलटवार

दिल्ली: लोकसभा में चीन से संबंधित राहुल गांधी के विवादास्पद बयान को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 3 फरवरी 2025 को संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जो दावे किए, उनका जवाब देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (4 फरवरी) को उन्हें झूठा करार दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए उन्हें ‘गैरजिम्मेदार राजनीति’ करने के लिए आलोचना की।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि चीन ने भारत के 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है, और भारतीय उद्योगों की बजाय चीनी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग का काम दे दिया गया है। उनके इस बयान पर राजनाथ सिंह ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा, वह पूरी तरह से गलत है और यह भारतीय सेना के प्रमुख के बयान के साथ भी मेल नहीं खाता।
रक्षा मंत्री का राहुल गांधी पर पलटवार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल गांधी ने 3 फरवरी को संसद में भारतीय सेना के प्रमुख द्वारा दिए गए बयान के बारे में झूठे आरोप लगाए। सेना प्रमुख ने जो बयान दिया, उसमें केवल दोनों देशों द्वारा पारंपरिक गश्त में व्यवधान का उल्लेख था। इसमें कोई भी बयान या दावा भारतीय सीमा के संबंध में नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में हुए सैन्य वापसी के दौरान इन पारंपरिक गश्त प्रथाओं को बहाल किया गया था। सरकार ने इस बारे में संसद में सही जानकारी साझा की है।”
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि “जो राहुल गांधी ने सेना प्रमुख के बारे में कहा, वह उनके द्वारा कभी नहीं कहा गया। यह एक गंभीर विषय है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में झूठ बोल रहे हैं और गैरजिम्मेदार राजनीति कर रहे हैं। उन्हें अपने बयान के लिए जवाब देना होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई भारतीय क्षेत्र चीन के कब्जे में है, तो वह 1962 के युद्ध के परिणामस्वरूप अक्साई चीन में 38,000 वर्ग किलोमीटर और 1963 में पाकिस्तान द्वारा चीन को अवैध रूप से सौंपे गए 5,180 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है। राहुल गांधी को हमारे इतिहास के इस चरण पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।”
राहुल गांधी के बयान में क्या था?
राहुल गांधी ने 3 फरवरी को लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना के प्रमुख के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग का काम चीनी कंपनियों को दे दिया गया है। यह मेड इन इंडिया नहीं, बल्कि असेंबल्ड इन इंडिया हो गया है।” इस बयान को लेकर उन्होंने कहा कि चीन के घटक भारतीय उत्पादों में डाले जा रहे हैं, जिससे भारतीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है।
इसके बाद, राहुल गांधी ने चीनी उत्पादों को लेकर कहा, “संघर्ष की स्थिति में हमारा देश चीन में निर्मित घटकों पर निर्भर रहेगा। चीन भारत के अंदर बैठा है क्योंकि मेक इन इंडिया की योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने इस बात का खंडन किया है और सेना ने प्रधानमंत्री का खंडन किया है कि चीन हमारे इलाके के 4000 वर्ग किलोमीटर पर बैठा है।”
राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी दावा किया था कि चीन ने भारतीय सीमा के 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। इस पर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि यह एक गंभीर मामला है, और सांसदों को संसद में ऐसे मनचाहे बयान देने से बचना चाहिए।
राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि सेना प्रमुख के बयान में किसी प्रकार का ऐसा दावा नहीं था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सेना प्रमुख के शब्दों को तोड़मरोड़ कर पेश किया है और यह पूरी तरह से गलत है। “सेना प्रमुख ने केवल पारंपरिक गश्त और हाल की सैन्य वापसी पर टिप्पणी की थी, जो किसी भी तरह से भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे से संबंधित नहीं था।”
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को इस तरह के आरोप लगाने से पहले सोच-समझकर बोलना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देना देश के हित में नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे 1962 के युद्ध के परिणामस्वरूप अक्साई चीन और पाकिस्तान द्वारा चीन को सौंपे गए क्षेत्रों के बारे में विचार करें, क्योंकि यही वह क्षेत्र है जिस पर आज चीन का कब्जा है।
सियासी बवाल
राहुल गांधी के इस बयान ने संसद में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता के इन आरोपों पर सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को पूरी तरह से बेबुनियाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला करार दिया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने जो मुद्दा उठाया है, वह पूरी तरह से सही है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट बयान देना चाहिए।
चीन और भारत के रिश्ते
भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। 1962 में हुआ भारत-चीन युद्ध, जो अक्साई चीन और अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र को लेकर था, आज भी दोनों देशों के रिश्तों पर प्रभाव डालता है। हाल के वर्षों में भी, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के बीच सीमा विवाद गहराया है, जिससे दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच कई बार टकराव हो चुका है।
राहुल गांधी का यह बयान इस संदर्भ में सामने आया है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद फिर से गर्मा गया है और कई बार दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़पें भी हो चुकी हैं। ऐसे में राहुल गांधी का आरोप कि प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख इस मामले में झूठ बोल रहे हैं, ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को एक नया मोड़ दिया है।