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पंजाब के फगवाड़ा में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, कांग्रेस के तीन पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल

पंजाब के कपूरथला जिले के फगवाड़ा नगर निगम में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस को एक जबरदस्त झटका देते हुए तीन कांग्रेस पार्षदों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब आम आदमी पार्टी ने फगवाड़ा नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के तीनों प्रमुख पदों पर कब्जा करने का दावा किया है।

कांग्रेस के तीन पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल

फगवाड़ा नगर निगम में इस बड़े राजनीतिक खेल में कांग्रेस के तीन पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं। इन पार्षदों में ब्लॉक कांग्रेस प्रधान मनीष प्रभाकर, पार्षद पदमदेव सुधीर निक्का और पार्षद रामपाल उप्पल शामिल हैं। इस जॉइनिंग के साथ, पार्टी ने न केवल अपनी संख्या बढ़ाई है, बल्कि फगवाड़ा में अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत किया है।

आम आदमी पार्टी ने इन पार्षदों का स्वागत करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। लोकसभा हलका होशियारपुर से सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, पार्टी के हलका इंचार्ज जोगिंदर सिंह मान, पंजाब प्रवक्ता हरजी मान और वरिष्ठ नेता दलजीत राजू ने इन पार्षदों को पार्टी में शामिल कर उन्हें पार्टी का पटका पहनाया।

पार्टी में शामिल होने वाले अन्य नेता

इन तीन कांग्रेस पार्षदों के अलावा, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस प्रधान पवन शर्मा पप्पी, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजन पराशर, युवा कांग्रेस नेता अर्जुन सुधीर और युवा नेता करण उप्पल भी आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं। यह आने वाले समय में फगवाड़ा में आम आदमी पार्टी के राजनीतिक आधार को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

डॉ. राजकुमार चब्बेवाल ने कहा कि इन नेताओं का पार्टी में शामिल होना फगवाड़ा में आम आदमी पार्टी को अत्यधिक मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी इन नेताओं और पार्षदों को पूरी सम्मान के साथ पार्टी में जगह देगी और उनके योगदान का सम्मान करेगी।

आम आदमी पार्टी की बढ़ी ताकत, कांग्रेस की कमजोर स्थिति

फगवाड़ा नगर निगम के मौजूदा राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में आम आदमी पार्टी के पास अब कुल 18 पार्षद हो गए हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 20 पार्षद रह गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब कांग्रेस के लिए फगवाड़ा नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर अपनी पकड़ बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

अगर बसपा के तीन पार्षद भी कांग्रेस के पक्ष में आ जाएं, तो भी कांग्रेस का कुल आंकड़ा केवल 23 तक पहुंचेगा, जो बहुमत के लिए आवश्यक 26 वोट से दो कम है। इस स्थिति में कांग्रेस के लिए फगवाड़ा नगर निगम में अपने उम्मीदवारों को चुनाव में विजयी बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

आम आदमी पार्टी के संपर्क में और पार्षद

आम आदमी पार्टी के होशियारपुर से सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल ने इस मौके पर कहा कि पार्टी अभी और कई पार्षदों से संपर्क में है और आने वाले दिनों में और पार्षद आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। यह निश्चित तौर पर पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे वह नगर निगम में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगी।

डॉ. चब्बेवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर विजय प्राप्त होगी। उनकी इस टिप्पणी से यह साफ होता है कि आम आदमी पार्टी फगवाड़ा नगर निगम में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और आगे की राजनीतिक लड़ाई में पूरी तरह से आश्वस्त है।

राजनीतिक जोड़-तोड़ की बढ़ी संभावनाएं

इस घटनाक्रम ने फगवाड़ा में राजनीतिक जोड़-तोड़ की संभावनाओं को और बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी के पास अब कांग्रेस के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए पर्याप्त संसाधन और संख्या है। कांग्रेस की संख्या घटने के कारण, पार्टी के भीतर नेतृत्व के सवाल और पार्टी की एकता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

इसके अलावा, आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत को देख कर यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी कांग्रेस के नेताओं और पार्षदों को पार्टी में शामिल किया जा सकता है। इससे कांग्रेस के लिए फगवाड़ा नगर निगम में अपनी राजनीतिक स्थिति को बनाए रखना और भी कठिन हो सकता है।

फगवाड़ा नगर निगम में नई राजनीतिक दिशा

इस पूरे घटनाक्रम ने फगवाड़ा नगर निगम की राजनीति में एक नया मोड़ लिया है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू किया और अपने प्रतिद्वंद्वी के कमजोर होते आधार को भुनाया। अब फगवाड़ा नगर निगम में आम आदमी पार्टी के पास बेहतर स्थिति है और पार्टी के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है।

राज्य में आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और सत्ता में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह माना जा रहा है कि फगवाड़ा नगर निगम में होने वाले आगामी चुनावों में पार्टी एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकती है। यह राजनीतिक परिदृश्य फगवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों के राजनीतिक खेल में नया उत्साह और विचार प्रस्तुत करेगा।

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