पंजाब को नशे की चपेट से मुक्त कराने के लिए CM मान ने शुरू किया बड़ा अभियान

पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नशे की तस्करी और माफिया के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, सोमवार (24 फरवरी) की देर रात लुधियाना के तलवंडी गांव में ड्रग माफिया द्वारा चलाए जा रहे अवैध निर्माण पर सरकार ने बुलडोजर चलवाया। यह कार्रवाई “वार ऑन ड्रग्स” के तहत की गई है, जो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए चलाया जा रहा प्रमुख अभियान है।
लुधियाना में ड्रग माफिया पर कठोर कार्रवाई
लुधियाना के तलवंडी गांव में जिस ड्रग माफिया के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया गया, वह सोनू नामक तस्कर द्वारा संचालित था, जो पिछले तीन वर्षों से ड्रग तस्करी में शामिल था। इस ड्रग माफिया के खिलाफ पहले ही छह मामले दर्ज हो चुके थे। पंजाब सरकार ने इस कार्रवाई को नशे की तस्करी और माफिया के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस कार्रवाई को राज्य की जनता के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में देखा, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि पंजाब में नशे के कारोबार को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “हमारा उद्देश्य पंजाब को नशामुक्त बनाना है। हम ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं, और यह कार्रवाई उन सभी लोगों के खिलाफ जारी रहेगी जो इस अवैध धंधे में शामिल हैं।” राज्य सरकार ने इस अभियान को पूरी तरह से प्राथमिकता दी है और इसके लिए सभी प्रशासनिक तंत्रों को सक्रिय किया गया है।
मुख्य सचिव का निर्देश: पुनर्वास केंद्रों की तैयारी
मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने पंजाब के सभी जिलों के उपायुक्तों को एक पत्र भेजकर यह आदेश दिया कि राज्य सरकार की आगामी मुहिम के दौरान नशे के आदी लोगों को समस्याओं का सामना हो सकता है। इसलिए, सभी नशा मुक्ति केंद्रों को पूरी तरह से तैयार करना होगा। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि इन पुनर्वास केंद्रों में सभी प्रकार की दवाइयां, टेस्टिंग किट और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध होने चाहिए, ताकि नशे के आदी लोगों को सही उपचार मिल सके।
इस संबंध में, सभी डिप्टी कमिश्नरों को दो दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों के पुनर्वास केंद्रों को पूरी तरह से सुसज्जित करने का आदेश दिया गया है। यदि किसी जिले में पुनर्वास केंद्रों में कोई कमी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नशा तस्करी के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। सरकार ने न केवल ड्रग तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है, बल्कि नशे के आदी लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्रों को भी पूरी तरह से तैयार किया जा रहा है।
यह अभियान राज्यभर में एक साथ चलाया जाएगा, और इसकी निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस अभियान के तहत किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और इसकी सफलता के लिए सभी सरकारी तंत्र सक्रिय रूप से काम करेंगे।
पुनर्वास केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका
पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के आदी लोगों को पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में लाना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नशे के आदी लोगों को ठीक करके उन्हें समाज का सक्रिय सदस्य बनाना है। इसके लिए पुनर्वास केंद्रों की भूमिका बेहद अहम होगी।”
इन पुनर्वास केंद्रों में न केवल दवाइयां और उपचार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, बल्कि लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ करने के लिए समग्र कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इन केंद्रों में परीक्षण किट और चिकित्सा उपकरण भी मौजूद होंगे, ताकि नशे के आदी लोगों का सही तरीके से इलाज किया जा सके।
डीसी की जिम्मेदारी: सुविधाओं की निगरानी
मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (डीसी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी नशा मुक्ति केंद्र पूरी तरह से सुसज्जित हों और किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नशा मुक्ति केंद्रों में सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं, दवाइयां, और उपकरण उपलब्ध हों। डीसी की जिम्मेदारी होगी कि वे इन केंद्रों की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि यह केंद्र प्रभावी रूप से काम कर रहे हों।
मुख्य सचिव ने कहा, “यह सुनिश्चित करना डीसी की जिम्मेदारी है कि नशा मुक्ति केंद्र पूरी तरह से सुसज्जित हों। यदि किसी जिले में कोई कोताही पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।”
सरकार का उद्देश्य: पंजाब को नशामुक्त बनाना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को नशामुक्त बनाना है। इसके लिए सरकार सभी प्रकार की नशे की तस्करी और अवैध धंधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार केवल ड्रग माफिया के खिलाफ ही नहीं, बल्कि नशे के आदी लोगों के पुनर्वास के लिए भी काम करेगी।
सरकार के अनुसार, यह अभियान राज्य के हर जिले में एक साथ चलाया जाएगा, और इसकी सफलता के लिए उच्च स्तर की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी सरकारी तंत्रों से सहयोग की अपील की है, ताकि यह अभियान सफलता की ओर बढ़ सके और पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सके।