PUNJAB कैबिनेट की बैठक में उद्योगपतियों को मिलेगी बड़ी राहत, ओटीएस स्कीम पर फैसला

पंजाब में आज सीएम आवास पर हो रही कैबिनेट की बैठक में उद्योगपतियों के लिए एक बड़ी राहत की योजना तैयार की जा रही है। इस बैठक में सरकार इंडस्ट्रियल प्रमोटर्स के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी देने की संभावना है। सरकार की तरफ से उद्योगपतियों को बकाया राशि जमा करवाने में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम का प्रस्ताव लाया जा रहा है, जिससे राज्य के 1145 उद्योगपतियों को लाभ मिलेगा।
ओटीएस स्कीम से क्या होगा फायदा?
यह वन टाइम सेटलमेंट स्कीम विशेष रूप से उन उद्योगपतियों के लिए है जिनके पास पिछले कई वर्षों से बकाया राशि है। इन उद्योगपतियों के लिए सरकार बकाया राशि पर ब्याज दरों में राहत देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, उद्योगपतियों को जनवरी 2020 से पहले आवंटित किए गए प्लॉटों का बकाया बिना जुर्माने के सिर्फ 8 फीसदी ब्याज के साथ चुकता करने की अनुमति दी जाएगी।
यह प्रस्ताव इसलिए लाया गया है क्योंकि इन उद्योगपतियों पर कई वर्षों से बकाया राशि जमा करने के लिए दबाव बना हुआ था। राज्य सरकार ने इस दबाव को हल करने के लिए ओटीएस स्कीम का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत उद्योगपतियों को अपना बकाया 31 दिसंबर 2025 तक जमा करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, इस स्कीम के तहत उद्योगपतियों की सुविधा के लिए एक हेल्प डेस्क भी शुरू किया जाएगा, जहां वे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को दूर कर सकेंगे। इस स्कीम का लाभ सीधे तौर पर 1145 उद्योगपतियों को मिलेगा, जो पिछले पांच साल में प्लॉट अलॉट किए गए थे, और जिनके लिए बकाया राशि जमा करना मुश्किल हो रहा था।
सरकार का उद्देश्य: उद्योगों को प्रोत्साहन देना
पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहन देना और निवेशकों को आकर्षित करना है। इंडस्ट्रियल प्रमोटर्स के लिए ओटीएस स्कीम का प्रस्ताव लाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उद्योगपतियों को किसी प्रकार की वित्तीय दबाव का सामना न करना पड़े, जिससे उनका उद्योग बढ़ सके और राज्य में आर्थिक विकास हो।
सरकार ने यह कदम इसलिये उठाया है क्योंकि पिछले कुछ समय से उद्योगपतियों की तरफ से यह मांग उठाई जा रही थी कि उनकी बकाया राशि के मामले में उन्हें राहत दी जाए, ताकि वे अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला सकें। उद्योगपतियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना को लागू करने का फैसला किया है।
व्यापारियों को भी मिल सकती है राहत
बैठक में केवल उद्योगपतियों के लिए ही राहत की योजना नहीं बनाई जा रही, बल्कि व्यापारियों के लिए भी कुछ प्रस्ताव लाए जा सकते हैं। पिछले कुछ समय से व्यापारियों के लिए भी राहत देने की मांग की जा रही थी, जिसे लेकर सरकार गंभीर है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में व्यापारियों के लिए भी कोई राहत देने वाला प्रस्ताव पेश किया जा सकता है, ताकि वे अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें और व्यापार में आ रही दिक्कतों को कम किया जा सके।
यह कदम व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उनकी समस्याएं आम तौर पर छोटे और मंझले व्यापारियों से जुड़ी होती हैं, जिन्हें सरकारी प्रक्रिया और नियमों के कारण कई तरह की वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार की योजनाएं व्यापारियों को भी राहत देने में मदद कर सकती हैं और उनके व्यापार को बेहतर बनाने के लिए सरकार का समर्थन बढ़ा सकती है।
आगामी बजट के लिए भी हो सकती है घोषणा
बैठक में राज्य सरकार 2025-26 के बजट की घोषणा भी कर सकती है, जो आगामी वर्ष के लिए विकास योजनाओं और वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। यह बजट राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साबित हो सकता है, खासकर तब जब सरकार राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठा रही है।
सरकार के बजट में विभिन्न विकास योजनाओं और आर्थिक सुधारों का खाका पेश किया जा सकता है, जो राज्य के नागरिकों को लाभ पहुंचेगा। ऐसे में उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए आगामी बजट में राहत की उम्मीदें और भी बढ़ जाती हैं।
पंजाब सरकार की प्राथमिकताएं
पंजाब सरकार की प्राथमिकता हमेशा से राज्य के उद्योगों और व्यापारियों को प्रोत्साहन देने की रही है। राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अब सरकार की ओर से ओटीएस स्कीम लाने का निर्णय इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
इसके अलावा, पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के अंदर बेरोजगारी दर को कम करना और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके लिए उद्योगों को प्रोत्साहित करना और निवेश बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।