पंजाब के CM मान का चौथा बजट, केजरीवाल ने किया स्वागत, “अब उड़ता पंजाब नहीं, बदलता पंजाब होगा”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चौथे बजट को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुशी जताई है। केजरीवाल ने पंजाब सरकार के 2025-26 के बजट का स्वागत करते हुए इसे नशामुक्त, स्वस्थ और समृद्ध पंजाब की दिशा में एक महत्वपूर्ण और साहसिक कदम बताया है। केजरीवाल ने अपने ट्विटर (X) हैंडल पर लिखा, ”पंजाब का 2025-26 बजट एक नशामुक्त, स्वस्थ और समृद्ध पंजाब की ओर एक साहसिक कदम है। नशे के ख़िलाफ़ जंग, ग्रामीण विकास और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर में अब तक का सबसे बड़ा निवेश। आम आदमी पार्टी की सरकार ज़मीन पर असली बदलाव ला रही है। अब ‘उड़ता पंजाब’ नहीं, ‘बदलता पंजाब’ होगा।”
केजरीवाल का यह बयान पंजाब सरकार द्वारा बजट में की गई घोषणाओं के बाद आया, जिनका उद्देश्य नशे की समस्या को समाप्त करना, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना है।
नशे के खिलाफ जंग और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश
पंजाब सरकार के बजट में खास ध्यान नशामुक्त पंजाब बनाने पर दिया गया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट राज्य में नशे के खिलाफ एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिससे पंजाब के युवाओं को नशे की लत से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि यह बजट न सिर्फ नशे को खत्म करने के लिए रणनीतियां तैयार करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी अभूतपूर्व निवेश करेगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को ड्रग्स से दूर करना है। इसके लिए खेल को एक महत्वपूर्ण उपाय के रूप में अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में हर गांव में खेल का मैदान और जिम बनवाए जाएंगे ताकि युवा खेलों में भाग लेकर नशे से दूर रह सकें। यह कदम युवाओं को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन देने और उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए फायदेमंद होगा।
विपक्ष की आलोचना पर हरपाल सिंह चीमा की प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा, “विपक्ष वाले ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उनकी सरकार के दौरान पंजाब में ड्रग्स का कारोबार फैला। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो ड्रग्स ट्रैफिकिंग अपने चरम पर थी। इससे पहले बीजेपी और अकाली दल ने पंजाब को ड्रग्स की ओर धकेल दिया था।”
चीमा ने आगे कहा, “पंजाब के नौजवानों को नशे की लत लगाई गई। यह एक बड़ी साजिश थी, जिसे अकाली दल और बीजेपी ने अंजाम दिया। वे इसे रोकने की बजाय, इसका हिस्सा बने। जब हम इस पर अंकुश लगाने के लिए काम कर रहे हैं, तो विपक्ष को यह बुरा लग रहा है। हम नशे को खत्म करेंगे, क्योंकि पंजाब के लोगों ने हमें यह काम सौंपा है।”
खेल के जरिए नशे से दूरी बनाने की योजना
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार के बजट का अगला फोकस खेलों पर है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ एक अभियान के रूप में खेल को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे युवाओं को न केवल शारीरिक फिटनेस मिलेगी, बल्कि वे नशे से भी दूर रहेंगे। इस दिशा में सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है, जिनमें हर गांव में खेल के मैदान और जिम का निर्माण शामिल है।
इसके अतिरिक्त, खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बड़ा निवेश किया जाएगा। विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे, और युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे की लत से बाहर लाना और उन्हें सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन देना है।
पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई
पंजाब में नशे की समस्या एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जिससे राज्य के युवा वर्ग को काफी नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने इस मुद्दे को अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल किया है। पंजाब सरकार के मुताबिक, इस बजट के जरिए न केवल नशे के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा, बल्कि राज्य के ग्रामीण विकास और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी अभूतपूर्व सुधार किए जाएंगे।
पंजाब में नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं, जिनमें विशेष पुलिस यूनिट्स का गठन, ड्रग्स विरोधी अभियान, और युवाओं के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित करना शामिल है। इन प्रयासों के जरिए पंजाब सरकार न केवल नशे की समस्या का समाधान चाहती है, बल्कि राज्य में व्याप्त अपराध और असुरक्षा की भावना को भी समाप्त करना चाहती है।