Punjab

PUNJAB में नई आबकारी नीति को मिली मंजूरी, 2025-26 के लिए 11,020 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य

पंजाब में बढ़ते आबकारी विवाद और हाल ही में दिल्ली में इस मुद्दे पर मचे बवाल के बीच, पंजाब सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व लक्ष्य को 11,020 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इस नई नीति के तहत पंजाब सरकार शराब कारोबार को पारदर्शी और बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।

नई आबकारी नीति का उद्देश्य और वित्तीय लक्ष्य

पंजाब के वित्त एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस साल मार्च तक विभाग का लक्ष्य 10,200 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है, जबकि 2024-25 के लिए लक्ष्य 10,145 करोड़ रुपये का रखा गया था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग ने 11,020 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पिछले सरकारों के दौरान इस क्षेत्र से 6,100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन इस नई नीति से पंजाब सरकार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति में मौजूदा खुदरा व्यापार को संतुलित करने के लिए कई प्रावधान हैं, जिससे शराब कारोबार को बेहतर और पारदर्शी तरीके से चलाया जा सकेगा।

एल-2/एल-14ए ठेकों का ई-टेंडर के माध्यम से आवंटन

आबकारी मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एल-2 और एल-14ए ठेकों का नया आवंटन ई-टेंडर के माध्यम से किया जाएगा। इससे व्यापार में पारदर्शिता आएगी और सभी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि सरकार के पास शराब के कारोबार से संबंधित हर जानकारी सही और अद्यतित रहती है, जिससे किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितता की संभावना कम हो।

यह कदम शराब कारोबार के बेहतर संचालन और निगरानी के लिए एक अहम पहल है, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध कारोबार पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।

आबकारी पुलिस थानों का गठन और विजिलेंस विंग को मजबूती

नई नीति के तहत आबकारी विभाग के विजिलेंस विंग को मजबूत करने के साथ-साथ नए आबकारी पुलिस थानों के गठन का भी प्रस्ताव है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन नए पुलिस थानों की स्थापना से आबकारी विभाग की निगरानी और नियंत्रण प्रणाली को और भी सशक्त बनाया जाएगा। इस कदम से अवैध शराब कारोबार और उसके प्रभावों पर रोक लगाई जा सकेगी।

इसके अलावा, पंजाब सरकार ने आबकारी विभाग के विजिलेंस विंग को मजबूत करने के लिए एक कमेटी भी गठित की है, जो इस नई नीति के प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करेगी। यह कदम सरकारी योजनाओं और नीतियों के प्रति पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।

गौ कल्याण उपकर में वृद्धि

पंजाब सरकार ने इस बार शराब पर गौ कल्याण उपकर को बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले यह उपकर एक रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कर दिया गया है। हरपाल सिंह चीमा ने इस वृद्धि का कारण बताते हुए कहा कि इससे राज्य के राजस्व में 16 से 24 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की संभावना है।

गौ कल्याण उपकर का उद्देश्य राज्य में गायों के कल्याण के लिए धन जुटाना है। इससे जो धन प्राप्त होगा, उसका उपयोग गायों की देखभाल और संरक्षण के लिए किया जाएगा, जोकि राज्य की कृषि और पर्यावरण के लिए भी अहम है।

सरकार के कदमों से आबकारी नीति में आएगी सुधार

पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति के तहत उठाए गए कदमों से यह प्रतीत होता है कि सरकार शराब कारोबार में पारदर्शिता और सुधार लाने के लिए गंभीर है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह नीति न केवल सरकार की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि राज्य में शराब के कारोबार का संचालन साफ-सुथरा और नियमों के अनुसार हो।

यह नीति राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, क्योंकि इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। शराब उद्योग से जुड़े कई लोग इस नीति के कारण अपने कारोबार में सुधार और पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं।

कैबिनेट की बैठक में हुई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इन फैसलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, आबकारी नीति के संबंध में लिए गए निर्णय को सबसे ज्यादा सुर्खियां मिलीं, क्योंकि यह सीधे तौर पर राज्य के वित्तीय स्थिति को प्रभावित करता है।

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