PUNJAB के CM भगवंत मान ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कहा – “बीजेपी की हार की बौखलाहट में रेड की गई”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली पुलिस द्वारा उनके दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास कपूरथला हाउस में की गई रेड को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उनके परिवार की महिलाओं के कपड़ों तक की तलाशी ली। उन्होंने इसे बीजेपी की हार के बाद की बौखलाहट और एक अपमानजनक कदम करार दिया।
भगवंत मान ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को किया निंदनीय
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस द्वारा उनके दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास कपूरथला हाउस में की गई रेड को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनके परिवार की महिलाओं के कपड़े वाले संदूकों तक की जांच की है। यह कदम उन्होंने बीजेपी की हार की बौखलाहट बताया। भगवंत मान ने कहा कि इस तरह से मुख्यमंत्री के आवास पर रेड करना निंदनीय है और यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली और कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उनका कहना था, “बीजेपी को यह देखकर परेशानी हो रही है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अच्छी शुरुआत की है, और वे हर तरीके से इसका विरोध करने के लिए दमनकारी कदम उठा रहे हैं। यह सब उनकी हार की बौखलाहट का परिणाम है।”
भगवंत मान ने बीजेपी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस को क्या बीजेपी नेताओं के घरों पर रेड करने की हिम्मत है? उन्होंने कहा कि बीजेपी का दफ्तर दिल्ली पुलिस के मुख्य दफ्तर से केवल 500 मीटर दूर है। मान ने यह भी सवाल किया कि क्या केवल आम आदमी पार्टी और पंजाब के लोगों के साथ ही इस तरह का व्यवहार किया जाएगा, या फिर बीजेपी के लिए कानून अलग होगा?
उनका कहना था, “अगर दिल्ली पुलिस को इतना ही भरोसा है तो क्या वह बीजेपी के नेताओं के घर पर रेड करने की हिम्मत दिखाएगी?” उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से पंजाब की जनता और आम आदमी पार्टी के समर्थकों को और अधिक सशक्त किया जाएगा।
अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर साधा हमला
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर ट्वीट किया और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “BJP की खुली गुंडागर्दी देखिए। बीजेपी के नेता खुलेआम पैसे, जैकेट, साड़ियाँ, जूते बांट रहे हैं। पुलिस और चुनाव आयोग सब देख कर भी अंधे बने बैठे हैं। कानून BJP के लिए मज़ाक बन चुका है।”
उन्होंने आगे कहा, “वहीं दूसरी तरफ़ बिना किसी सुबूत के पंजाब के मुख्यमंत्री के घर में घुसकर रेड कर रहे हैं। यह गुंडागर्दी नहीं तो क्या है?” केजरीवाल ने यह भी कहा कि बीजेपी ने सरकारी सिस्टम को अपनी जागीर बना लिया है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का समर्थन करते हुए कहा, “पंजाब के लोगों द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री का अपमान किया गया है, हर पंजाबी का अपमान किया गया है। अब जनता चुप नहीं बैठेगी।” उनके ट्वीट में स्पष्ट तौर पर बीजेपी की आलोचना की गई और इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया गया।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 30 जनवरी, गुरुवार को चुनाव आयोग की एक टीम दिल्ली स्थित पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास कपूरथला हाउस पर पहुंची थी। अधिकारी ने बताया कि कपूरथला हाउस से पैसे बांटे जाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच के लिए यह कदम उठाया गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इस जांच के दौरान मुख्यमंत्री के आवास पर छापा मारा था और किसी प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की।
हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई और इससे उनका अपमान हुआ है। उन्होंने इसे बीजेपी द्वारा किए गए राजनीतिक दमन का हिस्सा करार दिया है।
पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी का आरोप
पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी चुनावी हार के बाद बौखलाहट में है और वह विपक्षी दलों के खिलाफ इस तरह के कार्रवाई करने में लगी हुई है। उनका कहना है कि बीजेपी की ओर से की गई यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है, ताकि पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाया जा सके।
पंजाब सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई से राज्य में आम आदमी पार्टी के प्रति जनता का समर्थन और मजबूत होगा, और पार्टी इस तरह के दबाव के बावजूद अपना काम करती रहेगी। पार्टी ने यह भी कहा कि इस तरह के कदमों से उनका संघर्ष और मजबूत होगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे हर तरह की चुनौती का सामना करेंगे।
दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग की सफाई
इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इसे एक नियमित जांच प्रक्रिया बताते हुए कहा है कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों को लेकर कोई भी जांच की जा सकती है, और यह किसी विशेष पार्टी या नेता के खिलाफ नहीं है।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी इस कार्रवाई को एक सामान्य प्रक्रिया करार दिया है, और कहा कि यदि किसी को भी कानून के उल्लंघन का संदेह होता है, तो ऐसे मामलों की जांच की जाती है।