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पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेश किया 2025-26 का बजट: सेहत कार्ड, स्वास्थ्य बीमा और आर्थिक सुधारों पर जोर

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार, 26 मार्च को विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया। इस बजट का आकार 2.36 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जिसे ‘विकासात्मक’ और ‘समृद्धि की ओर एक कदम’ के रूप में प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने इस बजट के माध्यम से पंजाब के स्वास्थ्य, शिक्षा, और आर्थिक सुधारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। खासकर, राज्य के लोगों के लिए सेहत कार्ड जारी करने और व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने इस बजट को ‘भविष्य की ओर एक मजबूत कदम’ बताया है और यह राज्य के विकास के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इस बजट में खासतौर पर गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, टैक्स राजस्व में वृद्धि, और नशे से मुक्ति के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई।

राज्य की स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करना: सेहत कार्ड और स्वास्थ्य बीमा

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपने बजट भाषण में सबसे पहले राज्य के लोगों के स्वास्थ्य पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में पंजाब सरकार राज्य के सभी नागरिकों को सेहत कार्ड जारी करेगी, जिसके माध्यम से सरकारी और निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज किया जा सकेगा। यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम है।

इसके अलावा, पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 778 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान करेगा। इस योजना का उद्देश्य हर परिवार को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना में कोई भेदभाव नहीं होगा और हर वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिलेगा, चाहे वे ग्रामीण इलाकों से हों या शहरी, अमीर हों या गरीब।

आर्थिक सुधार: जीएसडीपी में 9% की वृद्धि, टैक्स राजस्व में 14% की बढ़ोतरी

वित्त मंत्री ने पंजाब की आर्थिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला और बताया कि भगवंत मान सरकार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में 15वें स्थान पर पहुंच गया है और यह राज्य की आर्थिक वृद्धि की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

इस साल पंजाब की ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीएसडीपी) में 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, और अगले वित्त वर्ष में इसमें 10 प्रतिशत की और बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री ने राज्य के टैक्स राजस्व में 14 फीसदी की वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य के वित्तीय आत्मनिर्भरता को दर्शाता है और राज्य सरकार की नीतियों का सकारात्मक परिणाम है।

65 लाख परिवारों के लिए बीमा योजना

हरपाल सिंह चीमा ने अपने बजट भाषण में एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना को सार्वभौमिक बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत राज्य के 65 लाख परिवारों को बीमा कवर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना कोई भेदभाव नहीं करेगी, और हर वर्ग के लोग – चाहे वे शहरी हों या ग्रामीण, अमीर हों या गरीब – इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

यह फैसला राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है, ताकि किसी भी परिवार को इलाज के खर्च के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े। इस योजना के तहत अस्पताल में इलाज कराने के लिए लोग किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में जा सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।

नशे से मुक्ति के लिए सरकारी पहल

वित्त मंत्री ने नशे की समस्या से निपटने के लिए भी अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पहली बार नशे से जुड़ी गणना (Drug Census) कराएगी, जिसमें राज्य में नशे की समस्या के आकार को समझने के लिए एक व्यापक जनगणना की जाएगी। इस सेंसस के तहत हर घर की जानकारी ली जाएगी, ताकि नशे के प्रभाव और नशा मुक्ति केंद्रों की आवश्यकता का आकलन किया जा सके।

इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर 5 हजार होमगार्ड तैनात करेगी ताकि राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा को बढ़ाया जा सके। यह कदम राज्य में नशे के व्यापार और तस्करी को रोकने के लिए उठाया गया है।

अन्य मुख्य घोषणाएं

1. ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार

हरपाल सिंह चीमा ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण, पानी की आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। सरकार ने इसके लिए 3500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसके अलावा, सरकार ने प्रत्येक गांव में खेल के मैदान और जिम बनाने का भी ऐलान किया है ताकि युवाओं को स्वस्थ जीवन जीने के अवसर मिल सकें।

2. नौकरियों का सृजन

बजट में पंजाब सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रयासों को भी प्राथमिकता दी है। सरकार ने कृषि और उद्योगों में रोजगार के नए अवसर बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इसमें कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्मार्ट खेती और ऑर्गेनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान हैं।

3. सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत, राज्य सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन, महिलाओं के लिए सुरक्षा योजनाएं और बालकों के लिए शिक्षा योजनाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के कमजोर वर्गों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

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