पंजाब सरकार ने अवैध इमिग्रेशन कारोबार पर की बड़ी कार्रवाई, 1274 फर्मों पर छापेमारी

पंजाब सरकार ने अवैध इमिग्रेशन कारोबार पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्यभर में 1274 फर्मों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कई फर्जी इमिग्रेशन एजेंटों का पर्दाफाश हुआ है, जिनके खिलाफ 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं और सात एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। यह कदम पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में उठाया गया, जिन्होंने इमिग्रेशन के नाम पर हो रही धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को लेकर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था।
धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर सख्त कदम
पंजाब में अवैध इमिग्रेशन का कारोबार पिछले कुछ समय से बढ़ रहा था, जिसमें कई फर्जी एजेंट विदेश भेजने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठ रहे थे। कुछ एजेंटों द्वारा तो फर्जी दस्तावेज़ भी बनाए जाते थे, जिससे कई लोग बिना जाने-समझे ठगी का शिकार हो जाते थे। यह स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार इस अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
“पंजाब सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि राज्य में अवैध इमिग्रेशन की किसी भी गतिविधि को सख्ती से रोका जाएगा और उन एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो लोगों को धोखा दे रहे हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।
राज्यभर में व्यापक छापेमारी
पंजाब पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमों ने राज्यभर में 1274 इमिग्रेशन फर्मों पर छापेमारी की। इस दौरान कई संदिग्ध फर्मों को पकड़ा गया और उनके द्वारा संचालित किए जा रहे अवैध इमिग्रेशन नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। छापेमारी में सैकड़ों दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए, जिनकी जांच जारी है। यह दस्तावेज और उपकरण कथित रूप से अवैध वीजा और इमिग्रेशन सेवाओं से संबंधित थे।
24 एफआईआर और 7 गिरफ्तारियां
इस कार्रवाई के दौरान कुल 24 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो विभिन्न अवैध इमिग्रेशन एजेंटों और फर्मों के खिलाफ हैं। इन मामलों में फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी, और इमिग्रेशन के नाम पर ठगी करने वाले एजेंटों का नाम सामने आया है। अब तक सात एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है, और अन्य एजेंटों के खिलाफ भी जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह छापेमारी और गिरफ्तारियां इस अवैध कारोबार के खिलाफ एक मजबूत संदेश हैं।
एजेंटों और फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पंजाब सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में केवल रजिस्टर्ड और प्रमाणित एजेंटों को ही इमिग्रेशन सेवाएं देने की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल वैध और पंजीकृत एजेंटों से ही वीजा और इमिग्रेशन सेवाएं प्राप्त करें। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह कदम पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करेगा, जो विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे थे।
उन्होंने आगे कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब में अब कोई भी अवैध इमिग्रेशन का कारोबार न चले और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
लोगों को सतर्क रहने की अपील
पंजाब सरकार ने लोगों को सतर्क रहने और इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि जिन एजेंटों या फर्मों के पास उचित पंजीकरण नहीं है, उन्हें इमिग्रेशन सेवाएं न लें। इसके अलावा, लोगों को फर्जी वीजा, फर्जी दस्तावेज़ और अवैध चैनलों के बारे में सचेत किया गया है, जो उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बना सकते हैं।
साथ ही, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे इमिग्रेशन से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में पुलिस को सूचित करें, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास इस मामले में पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मजबूत प्रणाली होगी।
सरकार की सख्त नीति
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह कार्रवाई एक ठोस कदम है, जिसे उनके नेतृत्व में उठाया गया है, ताकि पंजाब के नागरिकों को अवैध इमिग्रेशन के नाम पर धोखा न दिया जा सके। राज्य सरकार ने अवैध इमिग्रेशन के मामलों पर सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है और इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
इसके साथ ही, सरकार ने वीजा धोखाधड़ी और अवैध इमिग्रेशन के मामलों को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करने की योजना बनाई है, जो इन मामलों पर निगरानी रखेगी और किसी भी अवैध गतिविधि का पर्दाफाश करेगी।
संभावित दंड और कानूनी कार्रवाई
पंजाब सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग अवैध इमिग्रेशन से संबंधित अपराधों में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी करने और अवैध इमिग्रेशन नेटवर्क चलाने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि भविष्य में इस तरह के अपराधों के लिए विशेष कानून बनाए जा सकते हैं ताकि इससे जुड़े सभी पहलुओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।