पंजाब सरकार का आगामी बजट 2025-26, आम आदमी क्लीनिकों की सुविधा बढ़ाने पर फोकस

पंजाब सरकार आगामी 26 मार्च को वित्त वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह बजट खासतौर पर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए अहम साबित हो सकता है, क्योंकि इस वक्त प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई जरूरी सुधारों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेष रूप से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र, सरकार की ओर से इस बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने की योजना है।
कैंसर डे-केयर सेंटरों की कमी और उनकी बढ़ती आवश्यकता
प्रदेश में कैंसर के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों की दर में पिछले एक दशक में 25.8% और 26.26% की वृद्धि हुई है, जो दर्शाता है कि कैंसर के मामलों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति को देखते हुए राज्य में कैंसर के उपचार के लिए बुनियादी ढांचे को सुधारने की आवश्यकता है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रदेश में कैंसर डे-केयर सेंटरों की संख्या बहुत कम है। इसके अलावा, वर्तमान सेंटरों पर रेडिएशन मशीन की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए, मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्रों में अतिरिक्त कैंसर डे-केयर सेंटर खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संगठनों का मानना है कि बजट में इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रावधान किए जाने चाहिए ताकि कैंसर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए बजट में वृद्धि की आवश्यकता
पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिल सरीन ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के लिए बजट में वृद्धि करना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि सभी जिला अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लैस करने की आवश्यकता है, और इसके लिए बजट को दोगुना किया जाना चाहिए। विशेष रूप से, ऑपरेशन थिएटरों को मॉर्डन बनाए जाने की जरूरत है, ताकि सर्जरी और इलाज में कोई कमी न आए।
इसके अलावा, राज्य में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। डॉ. सरीन ने सरकार से अपील की कि इस कमी को दूर करने के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएं, ताकि सभी खाली पदों पर जल्द भर्ती की जा सके। इसके अलावा, सरकार ने 1390 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की घोषणा की है, और इन पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए।
आम आदमी क्लीनिकों की संख्या बढ़ाने पर जोर
पंजाब सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम आम आदमी क्लीनिकों की संख्या बढ़ाने का है। अब तक पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं, जहां 80 प्रकार की दवाएं और 38 प्रकार के डायग्नोस्टिक लैब टेस्ट की सुविधाएं दी जा रही हैं। इन क्लीनिकों में पुराने स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया गया है, और अब सरकार इनकी संख्या को बढ़ाने की योजना बना रही है।
आम आदमी क्लीनिकों के विस्तार से न सिर्फ गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी, बल्कि इससे पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। बजट में इस पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किए जा सकते हैं।
नशा छुड़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम
पंजाब में नशे की समस्या एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। राज्य में नशा छुड़ाओ अभियान के तहत 306 पुनर्वास केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन नशे के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र इस अभियान को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। आगामी बजट में इस दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए जा सकते हैं, ताकि नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार किया जा सके और नशे के आदी लोगों को बेहतर उपचार और पुनर्वास सेवाएं मिल सकें।
पिछले साल के बजट में स्वास्थ्य के लिए आवंटन
पिछले साल के बजट में पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 5264 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इसके अलावा, शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यदि आगामी बजट में इन सभी स्वास्थ्य सुधारों को शामिल किया जाता है, तो इसके लिए बजट में तीन गुना वृद्धि की आवश्यकता होगी।