पंजाब का खेल प्रदर्शन राष्ट्रीय खेलों में गिरा, सरकार के प्रयासों को लगा बड़ा झटका

पंजाब सरकार के खेलों में पुराने गौरव को वापस लाने की कोशिशों को एक बड़ा झटका तब लगा, जब 2025 में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में राज्य का प्रदर्शन गिरता हुआ दिखाई दिया। लगातार तीन वर्षों से पंजाब के खेलों का प्रदर्शन कमजोर होता जा रहा है, जिससे राज्य सरकार की चिंता और बढ़ गई है।
पंजाब ने राष्ट्रीय खेलों में तो नौवां स्थान जरूर हासिल किया, लेकिन इस बार प्रदेश के पदक पिछले साल 2023 की तुलना में काफी कम हो गए हैं। यह गिरावट राज्य सरकार की कोशिशों के बावजूद बनी हुई है, जो राज्य के खेल ढांचे को सुधारने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की दिशा में काम कर रही थी।
पदक तालिका में पंजाब की स्थिति
पंजाब ने 2025 राष्ट्रीय खेलों में कुल 66 पदक जीते, जिनमें 15 स्वर्ण, 20 रजत और 31 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि यह संख्या पिछले साल के मुकाबले कम है, जब राज्य ने 75 पदक जीते थे, जिनमें 17 स्वर्ण, 26 रजत और 32 कांस्य पदक शामिल थे। यह गिरावट न केवल पंजाब सरकार के लिए चिंताजनक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य के खिलाड़ियों की तैयारी में कुछ कमी रह गई है।
2022 के राष्ट्रीय खेलों में भी पंजाब के खिलाड़ियों ने 76 पदक जीते थे, जिसमें से 17 स्वर्ण, 26 रजत और 32 कांस्य थे। 2015 में पंजाब का प्रदर्शन शानदार था, जब राज्य ने 93 पदक जीते थे, जिनमें 27 स्वर्ण, 34 रजत और 32 कांस्य पदक शामिल थे। तब पंजाब पांचवे स्थान पर रहा था, लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि राज्य का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिर रहा है, जो राज्य सरकार के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।
उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका
उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में 201 मेडल जीतकर महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र के खाते में 54 स्वर्ण पदक थे। हरियाणा ने भी 48 स्वर्ण पदकों के साथ 153 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया। इन राज्यों के मुकाबले पंजाब का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक नई खेल नीति की घोषणा की थी, जिसमें खेलों को प्रफुल्लित करने और आधारभूत ढांचे को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था। सरकार ने मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी और इनामी राशि में भी बढ़ोतरी की थी, लेकिन इसके बावजूद राज्य में ढांचागत सुविधाओं की कमी बनी हुई है, जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कमी का कारण हो सकती है।
पंजाब के खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन शूटिंग में
पंजाब के खिलाड़ियों ने इस बार शूटिंग के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया। 50 मीटर शूटिंग इवेंट में पंजाब की सिफत कौर समरा ने स्वर्ण पदक जीता और अंजुम मौदगिल ने रजत पदक हासिल किया। महिलाओं के स्कीट शूटिंग में गनेमत सेखों ने गोल्ड जीता, जबकि भवतेग सिंह गिल ने पुरुषों के मुकाबले में कांस्य पदक जीता। भवतेग गिल और गनेमत सेखों ने स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में रजत पदक जीता।
इसके अलावा, 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल इवेंट में सिमरनप्रीत कौर ने रजत पदक जीता। अन्य खेलों में भी पंजाब के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जैसे शॉटपुट में तजिंरपाल सिंह तूर ने स्वर्ण और प्रभकिरपाल सिंह काहलों ने कांस्य पदक जीता। हालांकि, पंजाब का प्रदर्शन अन्य खेलों में उतना मजबूत नहीं रहा, और इसने पदक तालिका में राज्य की गिरती स्थिति को और स्पष्ट किया।
पंजाब की खेल नीति में सुधार की आवश्यकता
पंजाब सरकार ने पिछले साल खेल नीति लेकर आई थी, जिसमें गांवों और शहरों में कोचों और खेल माहिरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया था, ताकि ये कोच प्राथमिक प्रशिक्षण, एथलेटिक्स, खेलों और फिटनेस में सही दिशा दे सकें। सरकार ने यह भी वादा किया था कि हर शहर, टाउन और गांव में चार किलोमीटर के दायरे में एक खेल मैदान तैयार किया जाएगा, लेकिन इस दिशा में काम अभी काफी कम हुआ है।
सरकार ने फिलहाल 260 खेल नर्सरियों की स्थापना की है, जिनका उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा। हालांकि, इन योजनाओं के बावजूद राज्य में खिलाड़ियों के लिए ढांचागत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। अगर राज्य को अपने खेल प्रदर्शन में सुधार करना है, तो सरकार को इन सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा और खेल ढांचे को और मजबूत करना होगा।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और विजेताओं का सम्मान
राज्य सरकार ने इस प्रदर्शन के बाद यह बयान दिया कि भले ही राज्य के पदकों की संख्या में कमी आई है, लेकिन तालिका में पंजाब की स्थिति अब भी काफी ऊंची है। सरकार ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए जल्द ही सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें उनके अद्वितीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि खेलों में यह गिरावट अस्थायी है, और वे इस पर ध्यान देंगे। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि वे भविष्य में खेल सुधार की दिशा में कदम उठाते रहेंगे और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करेंगे।