Punjab

केंद्र की सातवीं बैठक पंजाब के किसानों के साथ 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी, मान सरकार के मंत्री होंगे शामिल

पंजाब के किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अब, उनके आंदोलन को समाप्त करने के प्रयास के तहत, केंद्र और किसानों के बीच सातवीं बैठक 19 मार्च को चंडीगढ़ में होने जा रही है। यह बैठक पंजाब के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि इससे पहले केंद्र और किसानों के बीच छह बैठकों का आयोजन हो चुका है, जो शाम के समय हुई थीं। इस बार, केंद्र ने बैठक को सुबह 11 बजे के लिए निर्धारित किया है।

बैठक की महत्वपूर्ण जानकारी

यह बैठक महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, सेक्टर 26, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। बैठक के लिए पंजाब सरकार के मंत्रियों को भी न्योता भेजा गया है। इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत का प्रमुख उद्देश्य किसानों की मांगों को लेकर एक स्थायी समाधान खोजना है।

केंद्र और किसानों के बीच पिछले कुछ समय से बढ़ते तनाव और आपसी संवाद की कमी के कारण यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में पंजाब सरकार की तरफ से कई प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जिनमें कृषि मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। बैठक में किसानों के मुद्दों को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कुछ ठोस प्रस्ताव दिए जा सकते हैं।

पिछले छह बैठकों का क्या था परिणाम?

केंद्र और किसानों के बीच पिछले छह दौर की बैठकें सभी शाम के समय आयोजित की गई थीं, लेकिन किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंची जा सकी। इन बैठकों में पंजाब के किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और कृषि से संबंधित मुद्दों पर केंद्र से समाधान की मांग की थी। किसानों के प्रमुख मुद्दों में कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), मंडी शुल्क और अन्य कृषि नीतियों में सुधार शामिल थे।

हालाँकि, केंद्र की तरफ से कुछ पहल की गई थी, लेकिन किसानों को इससे पूरी तरह संतोषजनक परिणाम नहीं मिल पाए। किसानों का कहना था कि सरकार केवल आश्वासन देती है, जबकि उनके मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इन मुद्दों के चलते किसान आंदोलन जारी था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने सातवीं बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

पंजाब सरकार का समर्थन

पंजाब सरकार ने भी इस बैठक में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक से पहले कहा कि उनकी सरकार किसानों के हक के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो पंजाब सरकार किसानों के आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेगी।

मंत्री और अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार इस बैठक में किसानों के पक्ष को मजबूती से उठाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का सही तरीके से समाधान करे।

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