क्या BJP पंजाब में करेगी खेला? सुनील जाखड़ ने कहा- ‘अब प्रधानमंत्री को…’

बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल कर 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाने का सपना पूरा किया है। दिल्ली में बीजेपी की इस जीत ने न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित किया, बल्कि इसे दिल्ली की राजनीति में भी एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं, जिसमें से बीजेपी ने 34 सीटों पर बढ़त बनाई और 13 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने केवल 12 सीटों पर बढ़त बनाई और कुल 11 सीटें ही जीत पाई।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं: बीजेपी के नेताओं ने दी बधाई
बीजेपी की जीत के बाद पार्टी नेताओं ने इसका स्वागत किया और जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को दिया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा, “दिल्ली के लोगों ने बीजेपी पर विश्वास जताया है, और हम इस विश्वास को कायम रखते हुए दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगे। बीजेपी की इस जीत में पीएम मोदी की दिशा-निर्देशन और अमित शाह और जेपी नड्डा की रणनीतियों का अहम योगदान है।”
इस ऐतिहासिक जीत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट करते हुए कहा, “दिल्ली में बीजेपी की जीत देशभर में पार्टी के मजबूत आधार को और भी सशक्त करती है। हम दिल्ली के हर नागरिक की सेवा में तत्पर हैं।”
सुनील जाखड़ की अपील: पीएम मोदी से पंजाब को ‘आप-दा’ मुक्त करने की मांग
बीजेपी की दिल्ली में जीत के बाद पंजाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि अब पंजाब को भी ‘आप-दा’ मुक्त करने का बीड़ा उठाएं। उन्होंने शनिवार को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व को बधाई देते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली को ‘आप-दा’ मुक्त करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को बधाई, जिनकी मेहनत से 27 साल बाद दिल्ली में कमल खिला है।”
इसके साथ ही सुनील जाखड़ ने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, “अब पंजाब को भी आप-दा मुक्त करने का बीड़ा पीएम मोदी जी को उठाना होगा। पंजाबियों की नजर अब मोदी जी पर है, कब उनके नेतृत्व में पंजाब में मौजूद भय का माहौल खत्म होगा और लोग शांति से रह पाएंगे।” उनकी यह अपील पंजाब में बढ़ती आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीतिक ताकत के संदर्भ में आई है, जहां पिछले चुनाव में AAP ने अपनी सत्ता स्थापित की थी।
दिल्ली चुनाव में आप के बड़े नेताओं को मिली हार
बीजेपी की जीत के साथ ही आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं के लिए यह चुनाव एक बड़ा झटका साबित हुआ। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शाम 3 बजे तक बीजेपी ने 34 सीटों पर बढ़त बनाई थी और 13 सीटें जीत चुकी थी। वहीं, AAP केवल 12 सीटों पर आगे चल रही थी और केवल 11 सीटें ही जीत पाई थी।
इस चुनाव में AAP के बड़े नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन भी हार गए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जो इस बार फिर से चुनावी मैदान में थे, को उनकी ही पार्टी के लिए एक बड़ा झटका मिला। इसके अलावा, मनीष सिसोदिया, जो दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर थे, भी अपनी सीट गंवा बैठे।
AAP के इन प्रमुख नेताओं की हार पार्टी के लिए एक बड़ा setback साबित हुई है, क्योंकि दिल्ली में AAP ने 2020 में 62 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार, हालांकि, AAP का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और उसे अपनी हार स्वीकार करनी पड़ी।
दिल्ली चुनाव में मतदान का आंकड़ा और कम हुआ उत्साह
दिल्ली विधानसभा चुनाव में 5 फरवरी को मतदान हुआ था, लेकिन इस बार मतदान का प्रतिशत 2020 के मुकाबले काफी कम था। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार मतदान में गिरावट आई है, जो इस बात का संकेत हो सकता है कि दिल्ली के मतदाता उतने उत्साहित नहीं थे जितने पहले थे। हालांकि, इस बार बीजेपी की जीत में उनके जमीनी काम और रणनीतियों का अहम योगदान रहा है, जिसने उन्हें सफलता दिलाई।
चुनाव में मतदाता उत्साह में कमी के बावजूद बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगाकर दिल्ली में अपना दबदबा बनाया है। बीजेपी ने जन मुद्दों, दिल्ली के विकास और AAP के भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी नीतियों को प्रमुख रूप से प्रचारित किया था, जो जनता में गहरे प्रभाव डालने में सफल रहा।
पंजाब में बीजेपी की नीतियां और AAP के खिलाफ अभियान
दिल्ली की राजनीति में बीजेपी की इस सफलता के बाद, पार्टी के नेता पंजाब में भी AAP के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाने की ओर अग्रसर हैं। पंजाब में AAP ने 2022 में सत्ता हासिल की थी और प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार बनाई थी। हालांकि, बीजेपी नेताओं का मानना है कि पंजाब में भी AAP के प्रभाव को खत्म किया जा सकता है, जैसा कि दिल्ली में हुआ है।
सुनील जाखड़ का बयान इस दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है, क्योंकि वह पंजाब में बीजेपी के शीर्ष नेता हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से AAP को पंजाब से बाहर करने का आग्रह किया है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि बीजेपी अब पंजाब में AAP के खिलाफ अपनी ताकत बढ़ाने के लिए तैयार है।
पंजाब में AAP द्वारा बनाए गए भय के माहौल को समाप्त करने के लिए बीजेपी को एक मजबूत रणनीति की जरूरत होगी। फिलहाल, पार्टी पंजाब में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिशों में जुटी हुई है, और वह आगामी चुनावों में अपने अभियान को और भी तीव्र करेगी।