बजट भाषण से पहले महाकुंभ में भगदड़ पर सपा सांसदों का हंगामा, अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

जैसे ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण देने के लिए लोकसभा में कदम रखा, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना को लेकर जमकर हंगामा किया। सपा के सांसदों का आरोप था कि सरकार महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों और लापता व्यक्तियों के आंकड़े छुपा रही है और इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के सांसदों के साथ बजट भाषण से पहले इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की।
लोकसभा स्पीकर ने किया हंगामा करने वाले सांसदों को सचेत
लोकसभा में हंगामे के बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने समाजवादी पार्टी के सांसदों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “इस प्रकार का हंगामा पहले कभी नहीं हुआ है। मैं आपसे निवेदन करता हूं, माननीय अखिलेश यादव जी, आप संसद की मर्यादा को बनाए रखें। बजट भाषण के दौरान इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।” स्पीकर ने कहा कि वह सपा सांसदों को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करने का मौका देंगे, लेकिन यह तरीका गलत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बजट भाषण के दौरान ऐसी स्थिति नहीं उत्पन्न की जानी चाहिए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान
महाकुंभ में हुई भगदड़ पर हंगामा करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “इस समय बजट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि महाकुंभ में लोग अपने अपनों को ढूंढ़ रहे हैं। कई लोग लापता हैं और वे मृतकों के आंकड़ों की तलाश में हैं। सरकार मृतकों के आंकड़े छुपा रही है, और लापता व्यक्तियों की संख्या बताने में विफल रही है।”
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “कई बार मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री महाकुंभ गए हैं, लेकिन इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सरकार को अब जागना चाहिए। मैंने पहले भी कहा था कि महाकुंभ में सेना को बुलाया जाए। यह पहली बार है कि संतों ने शाही स्नान से इनकार किया है। यह घटना गंभीर है, और इसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जान चली गई।”
महाकुंभ में हुई भगदड़: सरकार पर आरोप
महाकुंभ के दौरान हुए भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इस घटना को लेकर सही जानकारी देने में विफल रही है और मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस घातक घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
अखिलेश ने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब संतों ने शाही स्नान में भाग लेने से इनकार किया है, और यह संकेत देता है कि स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। उन्होंने सरकार से यह अपील की कि बजट की घोषणा अपनी जगह है, लेकिन इस समय महाकुंभ में हुई मौतों और लापता लोगों के मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बजट भाषण के दौरान हंगामा
अखिलेश यादव और अन्य सपा सांसदों के हंगामे के बावजूद, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना बजट भाषण शुरू किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने लगातार नारेबाजी की और महाकुंभ में हुई भगदड़ पर चर्चा करने की मांग की। हालांकि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हंगामा करने वाले सांसदों को शांत करने का प्रयास किया और संसद की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
सरकार पर सवाल उठाए
सपा सांसदों ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह महाकुंभ जैसी घटनाओं पर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है और जनता के जानमाल की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा किए गए ढिलाई और लापरवाही के कारण यह भगदड़ जैसी घटनाएं हुई हैं। सपा सांसदों ने यह तर्क दिया कि सरकार को पहले महाकुंभ में हुई भगदड़ पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उसके बाद ही अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता: कुंभ में जानें बचाना
अखिलेश यादव ने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के लिए बजट से ज्यादा महाकुंभ में जान बचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हमने पहले भी सरकार से यह आग्रह किया था कि महाकुंभ में सुरक्षा के लिए सेना को बुलाया जाए। यह घटना बहुत गंभीर है, और इसके लिए सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा करना अपनी जगह सही है, लेकिन कुंभ के दौरान हुई मौतें और लापता लोगों की खोज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय वित्त मंत्री का भाषण
वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान वित्तीय स्थिति, सरकारी योजनाओं, और आगामी वर्ष के लिए योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सपा सांसदों द्वारा किए गए हंगामे के बावजूद, उन्होंने अपना भाषण जारी रखा। निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास, रोजगार सृजन, और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सुधारों की चर्चा की। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आम जनता को सशक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।