शिमला एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा टला, तकनीकी खामी के कारण फ्लाइट में मचा हड़कंप

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर रिलायंस एयर की एटीआर फ्लाइट ने आधे रनवे पर लैंडिंग की, जिसके बाद इमरजेंसी ब्रेक से विमान को रोका गया। इस फ्लाइट में हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और राज्य के डीजीपी अतुल वर्मा भी सवार थे। विमान दिल्ली से शिमला आ रहा था, और हादसा सुबह के समय हुआ।
तकनीकी खामी के कारण फ्लाइट ने की इमरजेंसी लैंडिंग
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, इस फ्लाइट में तकनीकी खामी आने के कारण यह घटना घटी। अधिकारियों ने बताया कि विमान का टायर लैंडिंग के दौरान फट गया, जिससे विमान को इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल कर रोकने की आवश्यकता पड़ी। शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के प्रमुख अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि विमान में तकनीकी खामी आने के कारण लैंडिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई, और इसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना का खतरा पैदा हुआ।
इस घटना के बाद, जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट से धर्मशाला जाने वाली एक अन्य फ्लाइट को रद्द कर दिया गया, क्योंकि यह वही विमान था जो शिमला से धर्मशाला के लिए उड़ान भरता है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल विमान की जांच की जा रही है, और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी।
विमान में सवार यात्रियों ने अनुभव किया खौफ
विमान में सवार यात्रियों के मुताबिक, इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान में तेज आवाज आई और विमान थोड़ा डगमगाया। यात्रियों ने बताया कि यह आवाज विमान के टायर के फटने के कारण आई। हालांकि, विमान रनवे से बाहर नहीं गया और सभी यात्री सुरक्षित थे। एक यात्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “लैंडिंग के दौरान अचानक तेज आवाज आई और हम सभी थोड़े डर गए थे। लेकिन क्रू मेंबर्स ने हमें शांत रहने के लिए कहा और हमें किसी भी तरह की घबराहट नहीं करने की सलाह दी।”
यात्रियों ने आगे कहा कि विमान में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया था, लेकिन एयरलाइन के क्रू ने पूरी स्थिति को संभाल लिया। फ्लाइट क्रू के सही तरीके से प्रतिक्रिया करने के कारण यात्रियों ने किसी भी प्रकार के शारीरिक नुकसान से बचने में सफलता पाई। विमान के लैंडिंग के बाद, सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली और विमान से बाहर आते ही उनकी जान में जान आई।
शिमला एयरपोर्ट की विशेषताएँ और सुरक्षा व्यवस्था
जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट, शिमला का प्रमुख एयरपोर्ट है जो पहाड़ों के बीच स्थित है। यह एयरपोर्ट अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण प्रसिद्ध है और भारत के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट में गिना जाता है। सोशल मीडिया पर अक्सर इस एयरपोर्ट की तस्वीरें शेयर की जाती हैं, जो इसकी आकर्षक लैंडस्केप को दर्शाती हैं। हालांकि, यह एयरपोर्ट अपनी छोटी लैंडिंग स्ट्रिप के लिए भी जाना जाता है, जिससे यहां से विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान विशेष सावधानी बरती जाती है।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि शिमला एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता है, खासकर जब यह क्षेत्र पहाड़ी और कठिन परिस्थितियों में स्थित है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि इस घटना के बाद से विमान की सुरक्षा जांच को प्राथमिकता दी जाएगी और हर संभावित कारण की समीक्षा की जाएगी।
घटना के बाद की स्थिति और राहत कार्य
घटना के बाद, शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर सुरक्षा और राहत कार्यों को तुरंत सक्रिय किया गया। पुलिस और एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम ने मिलकर आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित किया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इस घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोटें नहीं आईं, फिर भी सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी स्थिति की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और डीजीपी अतुल वर्मा की मौजूदगी के कारण इस घटना ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया को भी उजागर किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जांच प्रक्रिया को तेज़ करने का निर्देश दिया।
विमान हादसे की जांच
एयरपोर्ट के अधिकारी के मुताबिक, विमान की जांच की जा रही है और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। शिमला पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां विमान की जांच कर रही हैं, ताकि इस घटना के कारणों का सही पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। विमान के तकनीकी खराबी के कारण यह घटना हुई या किसी अन्य कारण से, इसकी जांच की जाएगी।