केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन और भत्ते में किया इजाफा, 1 अप्रैल से लागू

केंद्र सरकार ने सोमवार को सांसदों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। 1 अप्रैल 2023 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी के तहत सांसदों का वेतन अब 1 लाख रुपये से बढ़कर 1.24 लाख रुपये हो जाएगा। इसके अलावा, सांसदों के दैनिक भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे दैनिक भत्ता अब 2000 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो जाएगा। इस फैसले के साथ ही सांसदों की पेंशन और अन्य भत्तों में भी इजाफा किया गया है। यह कदम संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 की प्रदत्त शक्तियों के तहत लिया गया है, और यह आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है।
5 साल बाद सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने 5 साल बाद सांसदों के वेतन में संशोधन किया है। पिछले संशोधन अप्रैल 2018 में किया गया था, जिसके बाद सांसदों का वेतन 1 लाख रुपये प्रति माह था। अब 1 अप्रैल 2023 से यह बढ़कर 1.24 लाख रुपये हो जाएगा। साथ ही, सांसदों के भत्तों में भी इजाफा किया गया है। यह कदम सरकार द्वारा उनकी कार्यशक्ति और सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में इस बदलाव को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि यह निर्णय संसद के समक्ष विधायिका के कर्मचारियों और उनके भत्तों के बारे में समीक्षा के बाद लिया गया है। इससे पहले, संसद में सांसदों के भत्तों में 2018 में संशोधन किया गया था।
पेंशन और भत्तों में बढ़ोतरी
सांसदों की पेंशन में भी इजाफा किया गया है। पहले, सांसदों को 25,000 रुपये की पेंशन मिलती थी, जो अब बढ़कर 31,000 रुपये हो गई है। साथ ही, जो सांसद दो बार या तीन बार संसद के सदस्य रह चुके हैं, उनकी अतिरिक्त पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। यह अतिरिक्त पेंशन अब 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है।
दैनिक भत्ते में भी 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे दैनिक भत्ता अब 2,000 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है। इसके अलावा, सांसदों को निर्वाचन क्षेत्र भत्ते के रूप में 70,000 रुपये मिलते हैं, जो चुनावी गतिविधियों और अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए उपयोग में लाए जाते हैं।
2018 में हुआ था वेतन और भत्ते में संशोधन
सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में अंतिम बार संशोधन अप्रैल 2018 में किया गया था। उस समय घोषित संशोधन के तहत, सांसदों का वेतन 1 लाख रुपये प्रति माह किया गया था। इसके साथ ही सांसदों को अपने कार्यालय को अपडेट रखने और अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद बनाए रखने के लिए 70,000 रुपये का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता भी दिया गया था। साथ ही, कार्यालय भत्ते के रूप में उन्हें 60,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं।
इस बढ़ोतरी से सांसदों के जीवन स्तर में निश्चित रूप से सुधार होगा, और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए बेहतर संसाधन मिलेंगे। सांसदों के लिए यह व्यवस्था एक तरह से उनकी कार्यशक्ति को बढ़ावा देने वाली है, ताकि वे अपनी भूमिका और दायित्वों को और बेहतर तरीके से निभा सकें।
सांसदों को कौन सी अन्य सुविधाएं मिलती हैं?
सांसदों को सिर्फ वेतन और भत्ते ही नहीं, बल्कि कई अन्य विशेष सुविधाएं भी दी जाती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख सुविधाओं का विवरण इस प्रकार है:
- फोन और इंटरनेट भत्ता: सांसदों को सालाना फोन और इंटरनेट के लिए भत्ता मिलता है, ताकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र और अन्य कार्यों के लिए आवश्यक संपर्क बनाए रख सकें।
- फ्री घरेलू उड़ानें: सांसदों को हर साल अपने और अपने परिवार के लिए 34 मुफ्त घरेलू उड़ानें मिलती हैं।
- फर्स्ट क्लास ट्रेन यात्रा: सांसदों को किसी भी समय फर्स्ट क्लास की ट्रेन यात्रा की सुविधा मिलती है, जिससे वे यात्रा के दौरान आराम से और सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकें।
- मुफ्त बिजली और पानी: सांसदों को हर साल 50,000 यूनिट मुफ्त बिजली और 4,000 किलोलीटर पानी का लाभ मिलता है। यह सुविधाएं उनके घरेलू खर्चों को कम करने में मदद करती हैं।
- आवास की सुविधा: सांसदों को सरकारी आवास और उनके परिवार के लिए रहने की व्यवस्था की जाती है, जो उन्हें संसद के कार्यकाल के दौरान मिलती है।