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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2025-26 का बजट, डीप टेक पर दिया जोर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 2025-26 के लिए भारत सरकार का बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने कई अहम योजनाओं का एलान किया, जिसमें देशभर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार और डीप टेक पर जोर दिया गया है। खासकर, उन्होंने घोषणा की कि देश के सभी सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी दी जाएगी, ताकि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा, सरकार ने नेशनल मैन्यूफैक्चरिंग मिशन की भी घोषणा की, जिसके तहत क्लीन टेक को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दौरान वित्त मंत्री ने डीप टेक के महत्व को भी रेखांकित किया और सरकार के इस क्षेत्र में विस्तार के लिए कदम उठाने की योजना का उल्लेख किया। आइए, जानते हैं कि आखिर डीप टेक क्या है और यह भारत के विकास में किस प्रकार सहायक हो सकता है।

डीप टेक क्या है?

डीप टेक (Deep Tech) को सरल शब्दों में गहन या एडवांस प्रौद्योगिकी कहा जा सकता है। यह एक ऐसा तकनीकी क्षेत्र है जिसमें जटिल, उच्च तकनीकी समाधान होते हैं और ये वर्तमान तकनीकी सीमाओं को चुनौती देते हैं। डीप टेक का उपयोग करते हुए स्टार्टअप्स और कंपनियां बेहद क्रांतिकारी और स्थायी समाधानों की तलाश करती हैं। इस क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, रोबोटिक्स और जैव प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। इन तकनीकों का उद्देश्य विभिन्न उद्योगों में बदलाव लाना, समस्याओं को हल करना और जीवन को बेहतर बनाना है।

डीप टेक में कौन-कौन से क्षेत्र आते हैं?

  1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): कृत्रिम बुद्धिमत्ता, यानी मशीनों को इंसानों की तरह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता देना, डीप टेक का सबसे प्रमुख हिस्सा है। AI स्टार्टअप्स मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और अन्य तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो खुद से सीखने और सुधारने की क्षमता रखती हैं।
  2. क्वांटम कंप्यूटिंग: यह कंप्यूटिंग की एक नई पद्धति है, जो परमाणु और अणुओं के क्वांटम गुणों का उपयोग करती है। क्वांटम कंप्यूटिंग बेहद जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता रखती है, जैसे कि बडी डेटा प्रोसेसिंग और उच्च स्तरीय सिमुलेशन।
  3. ब्लॉकचेन: ब्लॉकचेन एक विकेन्द्रीकृत और सुरक्षित डेटा प्रणाली है, जो डिजिटल लेन-देन और सूचना की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह तकनीक वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और कई अन्य उद्योगों में क्रांति ला रही है।
  4. रोबोटिक्स: रोबोटिक्स में मशीनों और रोबोटों का निर्माण किया जाता है, जो मानव कार्यों को स्वचालित और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। इसमें औद्योगिक, चिकित्सा, और अन्वेषण कार्यों के लिए विशेष रोबोटों का विकास किया जाता है।
  5. जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology): जैव प्रौद्योगिकी में जीवन विज्ञान का उपयोग कर नई चिकित्सा विधियों, कृषि तकनीकों और पर्यावरणीय समाधानों का विकास किया जाता है। यह स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरणीय संकटों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  6. वर्चुअल रियलिटी और आग्युमेंट रियलिटी: ये दोनों तकनीकें उपयोगकर्ताओं को एक संपूर्ण और इंटरैक्टिव डिजिटल अनुभव प्रदान करती हैं, जो विशेष रूप से शिक्षा, गेमिंग, और चिकित्सा में उपयोगी साबित हो रही हैं।

डीप टेक स्टार्टअप्स

भारत में डीप टेक के क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 3,000 से अधिक डीप टेक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। ये स्टार्टअप्स विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जैसे कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जीवन विज्ञान, एयरोस्पेस, कृषि, रसायन विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा, और उद्योग 4.0 के लिए समाधान विकसित करना।

इन स्टार्टअप्स का उद्देश्य न केवल तकनीकी नवाचार लाना है, बल्कि समाज में वास्तविक और दीर्घकालिक सुधार करना भी है। उदाहरण के लिए, कृषि क्षेत्र में डीप टेक का इस्तेमाल फसलों की निगरानी और कीट नियंत्रण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा, चिकित्सा क्षेत्र में भी, डीप टेक का उपयोग लाइलाज बीमारियों के उपचार और मरीजों की देखभाल में किया जा रहा है।

डीप टेक के प्रमुख उदाहरण

  1. एआई-ड्रोन: कृषि और सुरक्षा क्षेत्र में AI-ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ये ड्रोन किसी क्षेत्र की निगरानी करते हैं, मौसम की स्थिति का आकलन करते हैं और आवश्यकतानुसार स्वचालित कार्रवाई करते हैं।
  2. एआई-रोबोट्स: एआई आधारित रोबोट्स न केवल उद्योगों में उत्पादन को बढ़ाते हैं, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। इन रोबोट्स का उपयोग सर्जरी, मरीजों की देखभाल और अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।

बजट में डीप टेक को प्राथमिकता देना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में डीप टेक को एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभारा। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और डीप टेक के स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पहलें करेगी। इन पहलों में अनुकूल नीतियां, वित्तीय सहायता, और शोध एवं विकास में सहयोग शामिल हो सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि भारत को वैश्विक डीप टेक हब के रूप में स्थापित किया जाए, जो न केवल तकनीकी समाधान प्रदान करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा।

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