News

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का हाईजैक, सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच हिंसक मुठभेड़

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जब बलूच विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन को अगवा कर लिया। यह घटना पूरे पाकिस्तान समेत दुनिया भर में हड़कंप मचा देने वाली थी। इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में हिंसा और विद्रोह की गंभीर स्थिति को उजागर किया। बलूचिस्तान में यह पहला मौका नहीं था, जब विद्रोहियों ने इस तरह के हमले को अंजाम दिया हो, लेकिन इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

जाफर एक्सप्रेस का हाईजैक

मंगलवार दोपहर को, जाफर एक्सप्रेस, जो कि क्वेटा से पेशावर जा रही थी, बलूचिस्तान के बोलान जिले में स्थित एक सुरंग के पास अचानक रुक गई। जानकारी के अनुसार, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के हथियारबंद लड़ाकों ने रेलवे ट्रैक पर विस्फोट कर ट्रेन को रोकने में सफलता प्राप्त की। इस विस्फोट के बाद, बीएलए के विद्रोहियों ने ट्रेन में घुसकर सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलाईं, जिससे ट्रेन का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद, विद्रोहियों ने पूरी ट्रेन को कब्जे में ले लिया। ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे।

मुठभेड़ और बचाव अभियान

जैसे ही ट्रेन को हाईजैक किया गया, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़े बचाव अभियान की शुरुआत की। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि बीएलए के विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच घमासान मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने 16 बीएलए के लड़ाकों को मार गिराया और 104 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। हालांकि, बीएलए का दावा था कि उन्होंने सभी बंधकों को छोड़ दिया है, लेकिन सुरक्षा बलों के अनुसार, कई यात्री अभी भी विद्रोहियों के कब्जे में हैं और कुछ को पहाड़ों की ओर ले जाया गया है।

सुरक्षा बलों ने यह भी पुष्टि की कि मुठभेड़ के दौरान कई पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं, जबकि बीएलए ने यह दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना के कई जवानों को मौत के घाट उतार दिया है। अभी भी मुठभेड़ जारी है और स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दावा

इस हमले की जिम्मेदारी लेने वाली बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सरकार से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। BLA ने मांग की है कि बलूच राजनीतिक बंदियों और जबरन गायब किए गए लोगों को बिना शर्त रिहा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी प्रकार का सैन्य हस्तक्षेप किया जाता है तो सभी बंधकों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। BLA का यह बयान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा चुनौती है, क्योंकि इसने सरकार को एक गंभीर दबाव में डाल दिया है।

जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमले की वजह

बलूचिस्तान क्षेत्र लंबे समय से अस्थिर है और यहां पर बलूच विद्रोही समूहों द्वारा पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जाता रहा है। बीएलए जैसे विद्रोही संगठन बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करते हैं। बलूचistan को आजादी दिलाने की मांग करने वाले इन अलगाववादी समूहों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार ने उनके इलाके की प्राकृतिक संपत्तियों का शोषण किया है और स्थानीय लोगों के अधिकारों का उल्लंघन किया है। इस संदर्भ में, जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला एक बड़ा संदेश देने की कोशिश थी, जो कि सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ विद्रोहियों का विरोध था।

स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा बलों की भूमिका

इस हमले के बाद, पाकिस्तान सरकार और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने स्थिति को काबू में करने के लिए कड़ी कार्रवाई की है। हालांकि, इलाके में संपर्क सीमित होने के कारण मरने वालों और घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटनास्थल पर फिलहाल सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, और सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि बाकी बचे हुए बंधकों को सुरक्षित बचाया जा सके।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 350 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन अभी भी कुछ लोग बंधक बने हुए हैं। यह भी बताया गया है कि ट्रेन के हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के दौरान कई अन्य विद्रोही घायल हुए हैं। पाकिस्तान सरकार ने बीएलए के खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि विद्रोहियों को कड़ा जवाब दिया जा सके और पूरी स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button