Varanasi: दशाश्वमेध घाट के पास बड़ी नाव से टक्कर के बाद छोटी नाव पलटी

शुक्रवार सुबह दशाश्वमेध घाट के पास स्थित मानमंदिर घाट के सामने एक बड़ी नाव ने छोटी नाव से टक्कर मार दी, जिससे छोटी नाव पलट गई और उसमें सवार लोग पानी में गिरने लगे। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और नाव में सवार लोग शोर मचाने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, हालांकि दो लोगों को मामूली चोटों के कारण अस्पताल भेजा गया है।
बड़ी नाव की टक्कर से पलटी छोटी नाव
घटना शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे की है, जब बड़ी नाव ने छोटी नाव को टक्कर मार दी। बड़ी नाव में 58 लोग सवार थे, जबकि छोटी नाव में छह लोग सवार थे। टक्कर के कारण छोटी नाव पलट गई और उसमें सवार लोग पानी में गिरने लगे। यह दृश्य देखकर आसपास के लोग घबराए और मदद के लिए आवाज़ें लगाने लगे। इससे पहले कि स्थिति और बिगड़ती, घटनास्थल पर मौजूद जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों ने त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए सभी छह यात्रियों को बचा लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची। स्थानीय नाविकों की मदद से बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया। कुछ ही मिनटों में सभी सवारों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान दो व्यक्तियों को हल्की चोटें आई थीं, जिनमें से एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल भेजा गया। दोनों के स्वास्थ्य में सुधार है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
एनडीआरएफ और जल पुलिस के कर्मचारियों की तत्परता ने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया और सभी सवारों को सुरक्षित बचा लिया। स्थानीय प्रशासन ने इस बचाव कार्य की सराहना की और इसे त्वरित प्रतिक्रिया की मिसाल बताया।
पुलिस की रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई
अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. एस चनप्पा के अनुसार, घटना में शामिल दोनों नाव संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बड़ी नाव में 58 यात्री सवार थे, और छोटी नाव में छह। टक्कर के कारण छोटी नाव पलट गई और उसमें सवार छह लोग पानी में गिर गए। डॉ. चनप्पा ने बताया कि इस मामले में दोनों नाव संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
घटना के कारण घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन जल पुलिस और एनडीआरएफ के सक्रिय कदमों से स्थिति जल्दी नियंत्रण में आ गई। प्रशासन ने इस घटना के बाद घाट पर सुरक्षा प्रबंधों को और भी सख्त करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।