Virat Kohli 4,472 दिन बाद रणजी ट्रॉफी में खेलेंगे, दिल्ली के लिए करेंगे वापसी

भारतीय क्रिकेट के ‘किंग’ विराट कोहली एक बार फिर घरेलू क्रिकेट के मैदान पर लौटने जा रहे हैं। कोहली 4,472 दिनों के बाद रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लेंगे, और वह अपनी घरेलू टीम दिल्ली के लिए खेलेंगे। 30 जनवरी से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी के अंतिम राउंड मैच में वह दिल्ली के खिलाफ रेलवे की टीम के खिलाफ वापसी करेंगे। यह उनके लिए खास मायने रखता है क्योंकि यह मैच उनकी लंबे समय बाद रणजी क्रिकेट में वापसी का प्रतीक है।
कोहली की वापसी: घरेलू क्रिकेट में नया अध्याय
विराट कोहली, जो भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारे माने जाते हैं, ने लंबे समय से रणजी ट्रॉफी में हिस्सा नहीं लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, वह मंगलवार को दिल्ली की टीम से जुड़ेंगे और अपनी टीम को रणजी ट्रॉफी के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में अपनी सेवाएं देंगे। उनके रणजी ट्रॉफी में खेलने की खबर ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है, खासकर तब जब हाल ही में रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और रवींद्र जडेजा जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने रणजी ट्रॉफी में भाग लिया था।
विराट कोहली के रणजी ट्रॉफी में खेलने का कदम उनके क्रिकेट करियर में एक नया मोड़ है। यह उनके लिए एक बड़ी चुनौती भी हो सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारी सफलता के बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी करना हमेशा आसान नहीं होता है। लेकिन कोहली की घरेलू क्रिकेट में वापसी उनके खेलने के प्रति जुनून और समर्पण को दर्शाती है, जो उनकी क्रिकेट यात्रा का एक अहम हिस्सा है।
विराट कोहली की आखिरी रणजी ट्रॉफी उपस्थिति
कोहली ने रणजी ट्रॉफी में आखिरी बार नवंबर 2012 में हिस्सा लिया था। उस समय भारतीय क्रिकेट में कई दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे, जिनमें गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग और ईशांत शर्मा शामिल थे। कोहली ने 23 मैचों में करीब 50 की औसत से कुल 1,574 रन बनाए थे, जो उनके घरेलू क्रिकेट में उनके बेहतरीन प्रदर्शन का संकेत है। यह आंकड़ा यह बताता है कि कोहली ने रणजी ट्रॉफी में न सिर्फ अपनी टीम का नेतृत्व किया बल्कि अपने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया।
कोहली के लिए यह वापसी निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन उनके पास अनुभव और क्रिकेट की गहरी समझ है, जो उन्हें किसी भी चुनौती का सामना करने में मदद करेगा। उनकी बल्लेबाजी की शैली और मानसिक मजबूती को देखते हुए उनकी रणजी ट्रॉफी में वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकती है।
गर्दन में दर्द के कारण पहले मैच से हटे थे कोहली
हाल ही में, विराट कोहली को रणजी ट्रॉफी में खेलने की तैयारी करते हुए देखा गया था, लेकिन वह पिछले मैच में गर्दन के दर्द के कारण शामिल नहीं हो सके थे। उनकी फिटनेस को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन अब वह पूरी तरह से फिट हैं और आगामी मैच में वापसी के लिए तैयार हैं। यह साबित करता है कि वह अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अगले कुछ महीनों में होने वाली महत्वपूर्ण सीरीज के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार रखना चाहते हैं।
रणजी ट्रॉफी के बाद, इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज
रणजी ट्रॉफी के लीग चरण का समापन 2 फरवरी को हो जाएगा, और उसके कुछ ही दिनों बाद भारत को इंग्लैंड से तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। पहला वनडे मैच 6 फरवरी को खेला जाएगा, और विराट कोहली इस सीरीज में भी टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। यह वनडे सीरीज विराट के लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वह 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।
कोहली का फॉर्म इस सीरीज में टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर तब जब टीम को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। रणजी ट्रॉफी में खेलने से उन्हें अपने खेल को सुधारने का मौका मिलेगा, और वनडे सीरीज में वह ज्यादा आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं।
पर्थ टेस्ट में शतक, लेकिन उसके बाद का संघर्ष
विराट कोहली ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पर्थ टेस्ट मैच में शतक लगाया था, लेकिन उसके बाद उनका बल्ला खामोश हो गया। यह उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कठिन दौर था, जब उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत औसत था। भारत ने इस सीरीज को गंवाया और इसके बाद बीसीसीआई ने टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ियों से रणजी ट्रॉफी में खेलने का आग्रह किया था।
रणजी ट्रॉफी में खेलने का विचार कोहली के लिए आत्मविश्वास को पुनः हासिल करने का एक अवसर हो सकता है। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से फायदा पहुंचाएगा, बल्कि टीम इंडिया को भी भविष्य में लाभ मिलेगा।