चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर किराए पर देने का झांसा देकर 1.90 करोड़ रुपये ठगे

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर किराए पर देने का झांसा देकर एक नोएडा स्थित कंपनी से 1.90 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस ठगी का शिकार हुई कंपनी, मैक चार्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक शुभादीप साधू ने देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि चंद्रलेखा एयरलाइंस के तीन निदेशकों ने हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन निर्धारित समय पर न तो हेलिकॉप्टर दिए गए और न ही कंपनी को उसका पैसा वापस किया गया।
घटना का विवरण: ठगी का शिकार बनी मैक चार्टर्स
मैक चार्टर्स प्राइवेट लिमिटेड एक ऐसी कंपनी है जो चार्टर्ड हेलिकॉप्टर उड़ाने और सहायक परिवहन गतिविधियों में संलग्न है। कंपनी के मालिक शुभादीप साधू ने पुलिस को बताया कि उन्हें चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर किराए पर लेने थे। इसके लिए उन्हें देहरादून स्थित चंद्रलेखा एयरलाइंस के निदेशकों अभय कुमार, धीरेंद्र कुमार और चंद्रलेखा सिंह से संपर्क किया। आरोपियों ने दावा किया था कि उनके पास हेलिकॉप्टर किराए पर देने का पूरा अधिकार है और उनके पास आठ एविएशन कंपनियों के अधिग्रहण के अधिकार भी हैं।
चंद्रलेखा एयरलाइंस ने मैक चार्टर्स को छह हेलिकॉप्टर देने का वादा किया था, जिसमें अगस्ता वेस्टलैंड जैसे प्रीमियम हेलिकॉप्टर शामिल थे। यह हेलिकॉप्टर दो शिफ्टों में दिए जाने थे – पहली शिफ्ट 15 मई 2024 से 30 जून 2024 तक और दूसरी शिफ्ट 15 सितंबर 2024 से 28 अक्टूबर 2024 तक। इसके बदले मैक चार्टर्स ने चंद्रलेखा एयरलाइंस को 1.90 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान कर दिया।
आरोपियों ने दिए थे बाउंस चेक
शुरुआत में, चंद्रलेखा एयरलाइंस के निदेशकों ने हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने के लिए कई बार तारीखें दीं, लेकिन जैसे-जैसे समय निकला, कंपनी के मालिकों ने हेलिकॉप्टर नहीं दिए। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, आरोपियों ने अपने वादे को पूरा नहीं किया। इसके बाद, मैक चार्टर्स के मालिक शुभादीप साधू ने चंद्रलेखा एयरलाइंस से रकम की वापसी की मांग की। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने उन्हें कई चेक दिए, लेकिन ये चेक बाउंस हो गए।
बाउंस होने वाले चेकों ने कंपनी के मालिकों को यह आभास दिलाया कि आरोपियों का इरादा धोखाधड़ी करने का था। इसके बाद, उन्होंने चंद्रलेखा एयरलाइंस के सारे दस्तावेजों की जांच करवाई, जिसके परिणामस्वरूप यह खुलासा हुआ कि चंद्रलेखा एयरलाइंस के सभी दस्तावेज फर्जी थे। हेलिकॉप्टर किराए पर देने के जो दावे किए गए थे, वे भी पूरी तरह से झूठे थे।
जांच में फर्जी पाए गए कागजात
मैक चार्टर्स के मालिक ने अपनी शिकायत में कहा कि जब उन्होंने चंद्रलेखा एयरलाइंस के दस्तावेजों की जांच करवाई, तो पता चला कि कंपनी के पास हेलिकॉप्टर ऑपरेट करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा, जिन आठ एविएशन कंपनियों के अधिग्रहण का दावा किया गया था, उनका भी कोई आधार नहीं था। आरोपियों ने पूरी तरह से झूठी जानकारी देकर पैसे ठगने की साजिश रची थी।
इस प्रकार, चंद्रलेखा एयरलाइंस की ओर से किए गए दावों और वादों की कोई वास्तविकता नहीं थी, और यह ठगी का एक बड़ा मामला बनकर सामने आया। पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी निदेशकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेरफेर, और चेक बाउंस होने की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह साबित हो चुका है कि आरोपियों ने जानबूझकर ठगी की साजिश रची थी।
इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही गिरफ्तार हो जाएंगे। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त सजा दिलवाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
उत्तराखंड के हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों की विश्वसनीयता पर सवाल
यह घटना एक ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तराखंड में पर्यटन, विशेष रूप से चारधाम यात्रा, का मौसम अपने चरम पर होता है। प्रदेश में हेलिकॉप्टर सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच इस तरह की ठगी ने हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
चारधाम यात्रा के दौरान हर साल हजारों तीर्थयात्री हेलिकॉप्टर सेवा का इस्तेमाल करते हैं, और ऐसे में इस तरह की धोखाधड़ी से पर्यटन उद्योग को भी नुकसान हो सकता है। इस घटना के बाद अन्य हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों से भी सावधान रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि इस तरह के ठगों से बचा जा सके।