मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी स्मार्ट सिटी में सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का जायजा लिया

हल्द्वानी, 5 फरवरी 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हल्द्वानी स्मार्ट सिटी के तहत सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुमाऊंनी संस्कृति से प्रेरित भित्तिचित्रों की सराहना की, जो सड़कों की दीवारों पर बनाए गए थे। इन चित्रों को देखकर मुख्यमंत्री का चित्रकार मन जाग उठा, और उन्होंने खुद एक दीवार पर पेंटिंग बनाई।
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी यात्रा के दौरान नैनीताल रोड पर काठगोदाम से नरीमन चौराहे तक पैदल चलकर सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क के दोनों ओर बनाए गए भित्तिचित्रों और पेंटिंग को नजदीक से देखा और उनकी खूबसूरती पर प्रसन्नता जाहिर की।
सड़क के चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की दिशा में बड़ा कदम
हल्द्वानी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत, सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाते हुए सड़क को 9 से 24 मीटर चौड़ा किया गया है। इस कार्य के पीछे उद्देश्य शहर के ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान देना है। सड़क के दोनों ओर के अतिक्रमण को हटाने के बाद, यह क्षेत्र न केवल ट्रैफिक के लिहाज से आरामदायक हो गया है, बल्कि इसका सौंदर्यीकरण भी किया गया है, जिससे हल्द्वानी की पहचान और भी बेहतर हो रही है।
भित्तिचित्रों में कुमाऊंनी संस्कृति का अभिव्यक्तिकरण
हल्द्वानी के विभिन्न हिस्सों में बनी भित्तिचित्रों को देखकर मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊंनी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। इन चित्रों में कुमाऊंनी कला, रहन-सहन, और स्थानीय जीवनशैली की सुंदरता को दर्शाया गया है। भित्तिचित्रों के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को कुमाऊं की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह भित्तिचित्र सिर्फ कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का एक जीवंत चित्रण हैं। इन्हें देखकर हमें अपने इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व होता है।”
दीवार पर पेंटिंग करते हुए दिखे मुख्यमंत्री
सीएम धामी ने इन भित्तिचित्रों को देखकर खुद भी चित्रकला में भाग लिया और एक दीवार पर पेंटिंग बनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी संस्कृति की यह खूबसूरती न केवल देखने लायक है, बल्कि इसे महसूस भी किया जा सकता है। उन्होंने इस कला को देखकर प्रेरित होकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया और चित्रकला की दुनिया में कदम रखा।
मुख्यमंत्री धामी का यह कदम ना सिर्फ उनकी कला के प्रति रुचि को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वह अपनी संस्कृति और कला के महत्व को समझते हैं और उसे बढ़ावा देने के लिए खुद भी योगदान देना चाहते हैं।
पर्यटन और सांस्कृतिक संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम
इस परियोजना का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना है। डीएम वंदना ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन भित्तिचित्रों और सड़कों के सौंदर्यीकरण से पर्यटक कुमाऊं की संस्कृति, यहां के पर्यटन स्थलों और वाइल्डलाइफ से परिचित हो सकेंगे। इस तरह के प्रयास से न केवल हल्द्वानी का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि यहां पर्यटन की संभावनाओं में भी इजाफा होगा।
वंदना ने आगे कहा, “यहां की सड़कें अब न केवल सुगम हो गई हैं, बल्कि इनकी सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करेगी। इन चित्रों और सौंदर्यीकरण के जरिए हम हल्द्वानी को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।”
स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे अन्य विकास कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर हल्द्वानी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत शहर के विभिन्न हिस्सों में स्मार्ट सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, जैसे कि बेहतर यातायात व्यवस्था, जल आपूर्ति, जल निकासी, और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार।
धामी ने अधिकारियों से शहर के विकास के लिए योजना बनाते समय पर्यावरण और शहरवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखने की बात कही। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि शहर में स्मार्ट सुविधाएं लागू करते समय स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान किया जाए।
मुख्यमंत्री के दौरे से हल्द्वानी के विकास में नई उम्मीद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा हल्द्वानी में विकास की नई उम्मीदों को जन्म देता है। सड़कों के चौड़ीकरण से जहां ट्रैफिक की समस्या हल होगी, वहीं सौंदर्यीकरण और कुमाऊंनी संस्कृति से जुड़े भित्तिचित्र हल्द्वानी की पहचान को नया रूप देंगे। इसके साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों से यहां के व्यवसायों को भी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री धामी का यह दौरा हल्द्वानी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जहां विकास, संस्कृति और कला का संगम देखने को मिला। इससे शहरवासियों को न केवल बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि कुमाऊं की धरोहर से भी उनका जुड़ाव और बढ़ेगा।