CM योगी ने पौड़ी गढ़वाल में मां गढ़वासिनी देवी की प्राण प्रतिष्ठा में लिया हिस्सा, भतीजी की शादी में भी होंगे शामिल

पौड़ी, 6 फरवरी 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने पहले पौड़ी गढ़वाल स्थित अपने पैतृक गांव पंचूर में मां गढ़वासिनी देवी की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने यहां पूजा अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया और गांववासियों से मिलकर उनकी समस्याओं का भी जायजा लिया।
सीएम योगी आदित्यनाथ अपने इस यात्रा के दौरान अपनी भतीजी की शादी में भी शामिल होंगे और अपने पैतृक गांव में आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।
उत्तराखंड पहुंचने पर हुआ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत
सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी यात्रा के पहले दिन विमान से जौलीग्रांट पहुंचे, जहां उनका स्वागत करने के लिए उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और गणेश जोशी मौजूद थे। दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद सीएम योगी हेलिकॉप्टर से यमकेश्वर के तल्ला बनास गांव रवाना हुए, जहां उन्हें प्रमुख धार्मिक और विकास कार्यक्रमों में शामिल होना था।
सीएम योगी ने मां गढ़वासिनी मंदिर में पूजा अर्चना की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तल्ला बनास गांव में स्थित मां गढ़वासिनी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा अर्चना की और देवी मां का आशीर्वाद लिया। यह आयोजन खासतौर पर धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसमें गांववासियों और धार्मिक जनों की भारी भीड़ जुटी थी।
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा, “मां गढ़वासिनी देवी की कृपा से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों प्रदेशों में समृद्धि और शांति बनी रहे। इस अवसर पर मैं सभी को आशीर्वाद देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यहां के लोग अपने प्रयासों से समृद्धि की ओर अग्रसर हों।”
सीएम योगी ने इस दौरान स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को लेकर चर्चा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारें मिलकर विकास और समृद्धि के लिए काम कर रही हैं।
तल्ला बनास में रुद्राक्ष के पेड़ लगाएंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस यात्रा के दौरान तल्ला बनास के ग्रामीणों के साथ रुद्राक्ष के पेड़ लगाएंगे। रुद्राक्ष का पौधा विशेष रूप से धार्मिक और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, और यह क्षेत्र में प्रचलित धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल पर्यावरण को संरक्षण प्रदान करना है, बल्कि धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी एक नई पहचान देना है।
सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा, “रुद्राक्ष का पौधा यहां की संस्कृति का हिस्सा बन जाएगा और यहां की धार्मिक गतिविधियों को और अधिक मजबूत करेगा। हमें यह सुनिश्चित करना है कि हम प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करें और उनका संरक्षण करें।”
महा योगी गुरु गोरखनाथ डिग्री कॉलेज में 100 फीट तिरंगा पार्क का अनावरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अगला कदम महा योगी गुरु गोरखनाथ डिग्री कॉलेज में 100 फीट तिरंगा पार्क का अनावरण करना था। यह पार्क भारतीय संस्कृति और तिरंगे के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इस पार्क के उद्घाटन के साथ ही राज्य सरकार ने छात्रों को राष्ट्रीयता और संस्कृति के महत्व को समझाने की कोशिश की है।
सीएम योगी ने तिरंगे को सलामी देते हुए कहा, “हमारा तिरंगा हमारी स्वतंत्रता और एकता का प्रतीक है। यह पार्क आने वाली पीढ़ियों को अपने देश और उसके सम्मान के प्रति जागरूक करेगा।” उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों से भी देशभक्ति और राष्ट्रीयता के महत्व को समझने की अपील की।
सीएम योगी की यात्रा का समापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे का समापन शनिवार को देहरादून एयरपोर्ट से होगा, जहां से वह लखनऊ वापस लौटेंगे। इस दौरान उनके द्वारा किए गए धार्मिक और विकासात्मक कार्यों की सराहना की जा रही है। योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा ने उत्तराखंड में धार्मिक और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न विकास योजनाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
योगी आदित्यनाथ की उत्तराखंड यात्रा का महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उत्तराखंड यात्रा का न केवल धार्मिक बल्कि विकासात्मक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्व है। उनका उद्देश्य उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और विकासात्मक सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस यात्रा के दौरान, उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर प्रदेश की धार्मिक धरोहर को सम्मानित किया, जबकि विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करके स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।
योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड दौरा दोनों राज्यों के बीच सहयोग और सशक्तीकरण का प्रतीक बन सकता है। इसके जरिए यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सरकारें विकास और समाज कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।