रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच में कांग्रेस नेता विजय सारस्वत से पूछताछ ,ED के सामने पेश हुए कांग्रेस नेता

उत्तराखंड में रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच में कांग्रेस नेता विजय सारस्वत शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। उन्हें इस मामले में कई सवालों का सामना करना पड़ा, जिनमें से कुछ सवाल उन्हें असहज भी कर गए। हालांकि, ईडी के अधिकारियों ने लगातार अपनी पूछताछ जारी रखी। इस फर्जीवाड़े में कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं, जिनकी जांच जारी है।
रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा जुलाई 2023 में सामने आया था, जब शहर की बेशकीमती जमीनों के दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे, और सैकड़ों करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। इस मामले में कई बड़े नाम जुड़े हुए हैं, जिनमें कांग्रेस नेता विजय सारस्वत का भी नाम सामने आया है। यह मामला खास तौर पर क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में हुआ था, जहां एक जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करके 4.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इस मामले में भूमाफिया समीर कामयाब और हुमायूं के साथ कांग्रेस नेता विजय सारस्वत का नाम भी जुड़ा था।
फर्जीवाड़े में शामिल नेताओं और अन्य व्यक्तियों की जांच
ईडी ने जब मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की, तो उन्होंने विजय सारस्वत को समन भेजकर शुक्रवार को पेश होने के लिए कहा था। इसके बाद, सारस्वत शुक्रवार सुबह ठीक 11 बजे ईडी के कार्यालय पहुंचे। बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारियों ने उनसे करीब 60 से 70 सवाल किए, जिनमें से कुछ सवाल उन्हें असहज भी कर गए।
ईडी के अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की कि इस फर्जीवाड़े में उनके और अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी। अधिकारियों ने सारस्वत से कड़ी पूछताछ की और उनके जवाबों को लेकर कुछ संदेह भी जाहिर किया। हालांकि, ईडी के सवालों के बावजूद, कांग्रेस नेता विजय सारस्वत ने कोई भी ऐसा जवाब नहीं दिया, जो उनकी स्थिति को खतरे में डाले।
ईडी की संपत्ति अटैच करने की तैयारी
ईडी की जांच के दौरान, अगस्त 2024 में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और असम में छापेमारी की गई थी। इस छापेमारी में 95 लाख रुपये नकद और करोड़ों रुपये की संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए थे। अब ईडी कुछ और लोगों की संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे, और जो लोग इस फर्जीवाड़े में शामिल पाए जाएंगे, उनकी संपत्तियों को अटैच किया जाएगा।
ईडी की कार्रवाई के दौरान कुछ संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया तेज हो सकती है। कई व्यक्तियों और संगठनों के नाम इस मामले में सामने आ सकते हैं, और अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और अगर कोई व्यक्ति या संगठन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में पाया जाता है, तो उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच की दिशा
रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में किसी भी दबाव या प्रभाव से प्रभावित नहीं होंगे और पूरी निष्पक्षता के साथ जांच करेंगे। इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अब तक कई लोग पूछताछ का सामना कर चुके हैं, और ईडी के अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
इसके साथ ही, अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस फर्जीवाड़े की जड़ें बहुत गहरी हैं, और इसे समयबद्ध तरीके से सुलझाया जाएगा। हालांकि, जांच में अब तक कुछ प्रमुख व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, लेकिन इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किसका कितना रोल था। ईडी इस मामले में पूरी तरह से कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बदलाव हो सकते हैं।