धामी कैबिनेट की बैठक: सड़क हादसे रोकने के लिए अहम प्रस्ताव, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी हो सकती है पेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक में सड़क हादसों की रोकथाम, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, भू-कानून संशोधन और पेपरलेस रजिस्ट्री जैसे मुद्दों पर फैसले लिए जाने की संभावना है।
सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को लेकर सरकार की रणनीति
उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन चुकी है। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री धामी की सरकार ने कई कदम उठाने की योजना बनाई है। राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों को रोकने के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
राज्य के परिवहन सचिव ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, जो कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए लाया जाएगा। इन प्रस्तावों में, सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन जांच व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा हुआ है। प्रस्ताव के तहत, पर्वतीय क्षेत्रों में एआरटीओ के 11 नए पद सृजित किए जाने का सुझाव दिया गया है। इससे वाहनों की जांच को आसान बनाने में मदद मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। इन पदों का 50 प्रतिशत हिस्सा पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा, जबकि 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।
अनुबंधित बस परमिट पर सरकार का कड़ा कदम
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए दूसरे महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत, सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस परमिट को पूरी तरह से समाप्त करने पर विचार कर रही है। वर्तमान में पर्वतीय मार्गों पर कई निजी बसों द्वारा परिवहन सेवाएं प्रदान की जाती हैं, लेकिन इन बसों के संचालन में कुछ समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। सरकार का मानना है कि यदि परिवहन निगम अपनी बसों का संचालन करेगा, तो सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस प्रस्ताव के तहत, परिवहन निगम को नई बसें खरीदने की योजना है, जिसे कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है।
नए सड़क सुरक्षा नीति और एक्ट का प्रस्ताव
तीसरे महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत, सरकार एक नई सड़क सुरक्षा नीति और एक्ट लाने पर विचार कर रही है। सड़क सुरक्षा को लेकर कई समस्याओं का समाधान इस नीति और एक्ट के माध्यम से किया जा सकता है। इस नीति के तहत, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और सुरक्षा के मानकों को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
दुर्घटनाओं की जांच और जिम्मेदारी तय करने की योजना
राज्य सरकार ने दुर्घटनाओं की जांच को लेकर एक नया दिशा-निर्देश तैयार किया है। अब हर सड़क दुर्घटना की जांच एक विशेषज्ञ समिति द्वारा गहनता से की जाएगी। दुर्घटना के कारणों का पता चलने के बाद, संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर दुर्घटना का कारण खराब सड़क है, तो लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अगर किसी दुर्घटना का कारण ड्रिंक एंड ड्राइव है, तो स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस को जिम्मेदार माना जाएगा। इसी तरह, ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन, ड्राइविंग लाइसेंस या परमिट न होने जैसे मामलों में परिवहन विभाग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और भू-कानून संशोधन पर चर्चा
बजट सत्र से पूर्व, कैबिनेट बैठक में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है। इस रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति का विस्तृत आंकलन किया गया है, जिसे आगामी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है।
इसके अलावा, भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया जा सकता है। यह संशोधन राज्य के भूमि कानूनों को और भी प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण, उपयोग और संरक्षण से जुड़ी नीतियों में बदलाव किए जा सकते हैं, जो राज्य के विकास के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
पेपरलेस और वर्चुअल रजिस्ट्री की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री धामी की सरकार एक डिजिटल और पेपरलेस शासन की ओर भी कदम बढ़ा रही है। कैबिनेट बैठक में पेपरलेस और वर्चुअल रजिस्ट्री की दिशा में एक प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। वर्चुअल रजिस्ट्री प्रणाली से नागरिकों को सेवाओं का त्वरित और सहज अनुभव मिलेगा, जबकि पेपरलेस रजिस्ट्री से सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा और संरक्षण में भी वृद्धि होगी।