Uttarakhand

उत्तरकाशी जिले का सीमांत जादुंग गांव अब बनेगा पर्यटन ग्राम, सरकार ने शुरू की विकास योजना

भारत-चीन युद्ध के बाद से वीरान पड़ा उत्तरकाशी जिले का सीमांत जादुंग गांव अब पर्यटन गांव के रूप में पहचान पाएगा। प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। शीतकाल के दौरान रुके निर्माण कार्यों को अप्रैल और मई महीने से फिर से शुरू करने की तैयारी है। जादुंग को पर्यटन ग्राम बनाने का निर्णय पिछले साल लिया गया, और अब इसके लिए योजनाएं धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगी हैं।

जादुंग गांव: 1962 के युद्ध के बाद से वीरान

वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद उत्तरकाशी जिले के जादुंग गांव का माहौल वीरान हो गया था। इस गांव की दुर्गमता और पहाड़ी इलाका लोगों के लिए एक बड़ा चुनौती बन गया था। लेकिन अब सरकार ने इस गांव को एक नया जीवन देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

जादुंग गांव में सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है, जिससे यह क्षेत्र न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को इस परियोजना का कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है।

जीएमवीएन के निदेशक विशाल मिश्रा का बयान

जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक, विशाल मिश्रा के अनुसार, जादुंग गांव में शीतकाल के दौरान जिन निर्माण कार्यों को रोका गया था, उन्हें अब दो महीने बाद फिर से शुरू किया जाएगा। यह विकास कार्य गांव को पर्यटन के लिहाज से तैयार करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

विशाल मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में छह जीर्ण-शीर्ण घरों के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह कार्य 19 सितंबर 2024 से शुरू किया गया था और अब इसका अधिकतर काम पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि शासन स्तर पर इसके लिए 146 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है और कुल मिलाकर इस पुनर्निर्माण कार्य के लिए 365.33 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

पुनर्निर्माण की प्रक्रिया

जादुंग गांव में पहले चरण में छह घरों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिनमें चार घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया था। इन घरों के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे गांव के निवासी और पर्यटक दोनों ही यहां की ऐतिहासिक वास्तुकला का आनंद ले सकेंगे।

इसके अलावा, आठ अन्य भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य भी योजना में शामिल है, जिसके लिए 493.36 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। यह पुनर्निर्माण गांव के पुराने आकर्षण को बहाल करेगा और साथ ही पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव प्रस्तुत करेगा।

उत्सव मैदान और अन्य पर्यटन सुविधाएं

जादुंग गांव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। गांव में एक विशाल उत्सव मैदान बनाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए 997.31 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इस मैदान के निर्माण से गांव में विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए स्थान उपलब्ध होगा, जिससे गांव की रौनक लौटेगी।

साथ ही, भेरोंघाटी जादुंग मोटर मार्ग पर हिंडोलीगाड़ में कारवां पार्क का विकास भी प्रस्तावित है, जिसके लिए 999.89 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह पार्क पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान होगा, जहां वे विश्राम कर सकते हैं और गांव की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

प्रवेश द्वार और चेक पोस्ट का निर्माण

जादुंग गांव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रवेश द्वार और चेक पोस्ट का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए 91.38 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की गई है और अप्रैल माह से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रवेश द्वार के निर्माण से न केवल पर्यटकों को गांव में प्रवेश की सुविधा मिलेगी, बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

व्यू प्वाइंट्स का निर्माण

जादुंग गांव के आसपास के क्षेत्र की सुंदरता को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ व्यू प्वाइंट्स का निर्माण किया जाएगा। इनमें से एक व्यू प्वाइंट गर्तांग गली के सामने हवा बैंड में बनेगा, जिसके लिए 50.43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, श्रीकांठा में एक और व्यू प्वाइंट के लिए 66 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन व्यू प्वाइंट्स से पर्यटक पहाड़ों और प्राकृतिक दृश्यावलियों का लुत्फ उठा सकेंगे।

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