सरकार का संकल्प, “हमारी सरकार अवैध निर्माण और अवैध मदरसों के खिलाफ एकजुट कार्रवाई कर रही है”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कहा कि उनकी सरकार अवैध निर्माण और अवैध मदरसों के खिलाफ अपने अभियान को पूरी ताकत से जारी रखेगी। उन्होंने यह बयान एक कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए दिया। मुख्यमंत्री का कहना था कि ऐसे मामलों की जांच की जाएगी, और अगर कोई अवैध निर्माण पाया जाता है तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
अवैध निर्माण के खिलाफ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, “हमने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक सशक्त और प्रभावी अभियान शुरू किया है। प्रदेश के हर हिस्से से अगर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की कोई शिकायत मिलेगी, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित मामले की जांच की जाएगी।”
मुख्यमंत्री धामी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। सरकार के इस कदम को प्रदेश के लोगों द्वारा व्यापक समर्थन मिल रहा है, क्योंकि यह कदम अवैध निर्माणों और अनियंत्रित अतिक्रमण से होने वाली समस्याओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी
मुख्यमंत्री धामी ने अवैध मदरसों के खिलाफ जारी कार्रवाई की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों में प्रदेश भर में 52 से अधिक अवैध रूप से संचालित मदरसों को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत की गई है, और इसका उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा और सुरक्षा के मानकों को बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार अवैध मदरसों के खिलाफ पूरी तरह से एक्शन मोड में है। अगर किसी मदरसे का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा है, तो उसे किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि राज्य सरकार धार्मिक गतिविधियों या शिक्षा के नाम पर अवैधता को कतई सहन नहीं करेगी।”
विशेष कार्रवाई: देहरादून और खटीमा में अवैध मदरसों पर कारवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में देहरादून जिले के विकासनगर में 12 अवैध मदरसों को सील किया गया। इसके अलावा खटीमा में नौ अवैध मदरसों को बंद किया गया। इसके साथ ही अन्य जिलों में भी इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। अब तक विभिन्न जिलों में कुल 31 मदरसों पर कार्रवाई की गई है।
इन मदरसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कदम राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही, यह भी कहा गया कि जिन मदरसों में किसी प्रकार का अवैध कार्य हो रहा है, वहां के संचालनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में अवैध निर्माणों और मदरसों के खिलाफ यह अभियान राज्य सरकार अकेले नहीं चला रही है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस अभियान को लागू करने के लिए एक व्यापक योजना बनाई गई है, ताकि इन कार्यों को प्रभावी रूप से संपन्न किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी जिलों के अधिकारियों से लगातार संपर्क में है और उन्हें इस अभियान को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, ताकि आम जनता का विश्वास बना रहे और उन्हें यह लगे कि सरकारी कार्रवाई निष्पक्ष रूप से हो रही है।
जनता से अपील: अवैध गतिविधियों की रिपोर्ट करें
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे यदि किसी भी इलाके में अवैध निर्माण या अवैध मदरसों के बारे में जानकारियां प्राप्त करते हैं, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा, “जनता का सहयोग हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि लोगों को कोई अवैध निर्माण या मदरसा चलता हुआ दिखे, तो वे प्रशासन को सूचित करें, ताकि हम उस पर त्वरित कार्रवाई कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ इस अभियान में जनता की सहभागिता बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बिना यह अभियान सफल नहीं हो सकता। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समाज की भलाई के लिए काम कर रही है और इस तरह के कदम प्रदेश की विकास प्रक्रिया में मदद करेंगे।