Uttarakhand

UTTARAKHAND : 38वें राष्ट्रीय खेलों का शानदार समापन, अब मेघालय की बारी

उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों के शानदार समापन के साथ अब यह खेल मेघालय को सौंपे गए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम, गौलापार में समापन समारोह के दौरान 39वें राष्ट्रीय खेलों का ध्वज मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को सौंपा। इस अवसर पर गृहमंत्री ने यह भी घोषणा की कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए मेघालय के साथ-साथ पूर्वोत्तर के अन्य छह राज्यों में भी राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन

38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड में भव्य रूप से हुआ, जो पूरे देश में एक यादगार और प्रेरणादायक घटना बनकर उभरा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी, रुद्रपुर और अन्य शहरों में लगभग 32 खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस बार खेलों के आयोजन में उत्तराखंड ने न केवल खेलों की व्यवस्था में बेहतरीन प्रदर्शन किया, बल्कि मेज़बान राज्य के रूप में एक उच्च मानक भी स्थापित किया।

समापन समारोह के दौरान, राष्ट्रीय खेलों के ध्वज को भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने गृहमंत्री अमित शाह को सौंपा। फिर, यह ध्वज मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को सौंपा गया, जिन्होंने 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी का संकल्प लिया।

पदक तालिका में सर्विसेज ने मारी बाजी, उत्तराखंड ने 103 पदक जीते

38वें राष्ट्रीय खेलों में सर्विसेज टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 121 पदक जीते। इन पदकों में 68 स्वर्ण, 26 रजत और 27 कांस्य शामिल रहे। महाराष्ट्र और हरियाणा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मेज़बान राज्य उत्तराखंड ने 103 पदक जीते, जिसमें 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य पदक शामिल थे। यह प्रदर्शन उत्तराखंड के लिए एक गौरव का क्षण था, क्योंकि यह राज्य कुल मिलाकर सातवें स्थान पर रहा।

खेलों के समापन समारोह में रंगारंग कार्यक्रम के बीच ध्वज सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस मौके पर खेलों के ध्वज को भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा को सौंपा गया, जिन्होंने इसे गृहमंत्री अमित शाह को सौंपा। इसके बाद, अमित शाह ने यह ध्वज 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को सौंपा।

केंद्र सरकार का दृष्टिकोण: भारत बनेगा खेलों का हब

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन करके यह साबित कर दिया है कि यह राज्य अब केवल देवभूमि नहीं, बल्कि खेलभूमि भी बन चुका है। मांडविया ने कहा, “उत्तराखंड ने इस आयोजन के जरिए साफ संदेश दिया है कि यहां खेलों का माहौल बन चुका है और यह राज्य आगामी वर्षों में खेलों के आयोजन के लिए एक आदर्श बन सकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के सफल आयोजन से पूरे देश को यह संदेश गया है कि आने वाले वर्षों में भारत खेलों का हब बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 2036 के ओलंपिक में भारत उच्चतम शिखर पर रहेगा। मांडविया ने खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी और कहा कि उनका शानदार प्रदर्शन देश की खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा, “इन खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया है, उससे यह साफ है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभर सकते हैं। उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है, और आने वाले समय में ये खिलाड़ी हमारे देश का नाम गर्व से रोशन करेंगे।”

मेघालय में 39वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन

39वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अब मेघालय में 2027 में होगा। गृहमंत्री अमित शाह ने इस मौके पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को ध्वज सौंपते हुए कहा कि यह राज्य न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अब इसे खेलों की मेज़बानी करने का भी अवसर मिलेगा। शाह ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी खेलों का स्तर बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

साथ ही, गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य देश भर में खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देना है, और इसके लिए सभी राज्यों को सहयोग देना जारी रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

खिलाड़ियों की भूमिका और भविष्य की उम्मीदें

38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे राज्य को कुल 103 पदक मिले। इन पदकों में से 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य पदक शामिल थे। राज्य के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया, और यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड में खेलों के लिए एक समृद्ध पारिस्थितिकी है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में और भी बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आगामी ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इन खिलाड़ियों की भागीदारी से भारतीय खेलों की सफलता की कहानी और भी मजबूत होगी।

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