Uttarakhand

हरिद्वार को बनेगा चारधाम यात्रा का नया प्रवेश द्वार, यात्रियों के लिए तैयार हो रहे हैं कई अहम इंतजाम

देहरादून, 7 फरवरी 2025: हरिद्वार में चारधाम यात्रा की शुरुआत के लिए यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक वृहद योजना तैयार की जा रही है। उत्तराखंड शासन ने पर्यटन विभाग और नगर निगम को मिलकर एक ऐसे विशेष परिसर का निर्माण करने का निर्देश दिया है, जहां पर तीर्थयात्रियों को यात्रा से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर यह योजना बनाई जा रही है, जिससे यात्रियों को पंजीकरण से लेकर यात्रा के दौरान सभी आवश्यक सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल सके।

हरिद्वार में यात्रा सुविधाओं का विस्तार

हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है, क्योंकि यह वह स्थान है जहां श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर स्नान करके अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। वर्तमान में, यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं को हरिद्वार में पंजीकरण कराने के लिए विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है, और इसके बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। इस यात्रा की शुरुआत में ऋषिकेश से बस या अन्य संसाधनों की सुविधा मिलती है।

इसी समस्या के समाधान के लिए हरिद्वार में यात्रा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अब यात्रियों को एक ही परिसर में पंजीकरण कराने और यात्रा की शुरुआत करने की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें यात्रा की प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और वे आसानी से अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे।

यात्रियों के लिए पंजीकरण और यात्रा की सुविधा

यात्रियों को पंजीकरण की प्रक्रिया में आसानी हो, इसके लिए हरिद्वार में एक बड़ा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां पर एक ही स्थान पर अलग-अलग काउंटर पर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों को पंजीकरण के साथ-साथ यात्रा से जुड़ी अन्य सारी जानकारी भी मिलेगी, जिससे उन्हें आगे की यात्रा के लिए किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इसके साथ ही, यात्रा के दौरान यात्रियों को जो भी संसाधन चाहिए होंगे, जैसे कि बस सेवा या टैक्सी, वे सभी निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएंगी। खासकर, प्राइवेट टैक्सी चालकों द्वारा मनचाहा शुल्क लेने की समस्या को भी इस योजना के तहत हल किया जाएगा। इससे यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ट्रांजिट कैंप की तरह व्यवस्थाएं

जैसे ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध कराई जाती हैं, ठीक उसी तरह हरिद्वार में भी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मुहैया कराई जाएंगी। शासन ने नगर निगम प्रशासन को एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जहां पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई जा सकें। नगर निगम और अन्य विभागों ने इस कार्य की शुरुआत कर दी है और स्थल चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है।

यात्रियों को मिलेंगी विभिन्न प्रकार की सुविधाएं

हरिद्वार में तीर्थयात्रियों के लिए जो सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, वे निम्नलिखित हैं:

  • ऑफलाइन पंजीकरण और टोकन सुविधा: यात्री पंजीकरण के लिए ऑफलाइन पंजीकरण और टोकन की व्यवस्था होगी, जिससे उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया में कोई परेशानी नहीं होगी।
  • स्वास्थ्य जांच और अस्पताल की सुविधा: यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, और यहां पर निशुल्क दवाइयों की सुविधा भी दी जाएगी।
  • वातानुकूलित हॉल और आरामदायक वातावरण: यात्रियों के आराम के लिए वातानुकूलित हॉल, पंखे और कूलर की सुविधा होगी, जिससे वे यात्रा के दौरान आराम से बैठ सकेंगे।
  • मनोरंजन के साधन: यात्रियों के मनोरंजन के लिए टीवी और समाचार पत्र-पत्रिकाओं का स्टॉल भी उपलब्ध होगा।
  • डोरमेट्री की सुविधा: यात्रियों को आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जहां वे विश्राम कर सकेंगे।
  • स्नानघर और शौचालय: यात्रियों के लिए स्नानघर और शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि उन्हें स्वच्छता में कोई समस्या न हो।
  • कैंटीन सेवा: यात्री के खानपान के लिए कैंटीन की व्यवस्था होगी, जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जो खासकर तीर्थयात्रियों के लिए उपयुक्त होगा।

प्रशासन और विभागों की भूमिका

इस पूरे प्रस्ताव में उत्तराखंड के पर्यटन विभाग, नगर निगम प्रशासन, प्रवर्तन और पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन विभागों के संयुक्त प्रयास से यह योजना धरातल पर उतारी जाएगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग की निगरानी भी रहेगी, ताकि यात्रियों को कोई समस्या न हो।

हरिद्वार का महत्व

हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार मानते हुए इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को एक सुव्यवस्थित और आरामदायक अनुभव देना है। जहां एक ओर श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर स्नान करके अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं, वहीं दूसरी ओर इस नए सुविधा केंद्र से उनकी यात्रा का प्रारंभ भी सहज और सुविधाजनक होगा। यह न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतर अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में भी उत्तराखंड की छवि को और मजबूत करेगा।

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