Kedarnath Dham: लोक निर्माण विभाग केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग को और सुगम बनाने के लिए जुटा

लोक निर्माण विभाग (LONIVI) के द्वारा केदारनाथ धाम को जाने वाले मार्ग को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले साल केदारनाथ में आई आपदा के बाद से, जहां सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी, वहां पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस पुनर्निर्माण के तहत, केदारनाथ धाम को जाने वाले मार्ग पर कई नए पुलों का निर्माण हो रहा है, और साथ ही वैकल्पिक मार्गों की योजना भी बनाई जा रही है।
पिछली आपदा में हुए नुकसान के बाद किया जा रहा पुनर्निर्माण
गौरी कुंड से केदारनाथ धाम तक यात्रा करने वाली सड़क को पिछले साल के आपदा के दौरान भारी नुकसान हुआ था। खासकर, 31 जुलाई 2024 को आई आपदा में इस मार्ग के 17 किलोमीटर के हिस्से का बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। इसके चलते यात्रा पर भारी असर पड़ा था। हालांकि, अधिकारियों ने कड़ी मेहनत और त्वरित कदम उठाकर इस मार्ग को काफी हद तक ठीक कर लिया है। अब, इसके और अधिक सुगम बनाने के लिए पुलों का निर्माण और एक वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाई जा रही है।
वैकल्पिक मार्ग निर्माण में 400 मीटर का हिस्सा बचा
केदारनाथ यात्रा के मार्ग को और सुरक्षित बनाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को किसी भी आपदा या हादसे के दौरान एक और रास्ता उपलब्ध हो सके। इस वैकल्पिक मार्ग में 400 मीटर का एक हिस्सा शेष रह गया है, जिसका निर्माण तेजी से किया जा रहा है। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार के अनुसार, इस मार्ग को तैयार करने के लिए अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ 400 मीटर की चट्टान को काटने का काम शेष है। इस मार्ग की चौड़ाई दो मीटर होगी, जो खासतौर पर कठिन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए एक और विकल्प प्रस्तुत करेगी।
मुकेश परमार बताते हैं कि चूंकि यह क्षेत्र ऊंचाई पर स्थित है और यहां मौसम के प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ता है, निर्माण कार्य में कई बार चुनौतियाँ आईं। बावजूद इसके, लोनिवि के अधिकारी प्रयास कर रहे हैं कि अगले एक महीने में इस शेष हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया जाए।
पुलों का निर्माण
केदारनाथ यात्रा मार्ग को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पिछले साल आपदा में प्रभावित दो प्रमुख स्थानों पर पुलों का निर्माण किया जा रहा है। पहला पुल रामबाड़ा में स्थित वॉश आउट क्षेत्र पर बन रहा है, जहां पर पूरे रास्ते को बुरी तरह से बहा लिया था। अधिकारियों के मुताबिक, यहां पर पहले ही एक ब्रिज तैयार किया जा चुका है, लेकिन यात्रियों की सुविधा और यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यहां पर एक और बैली ब्रिज (सस्पेंशन ब्रिज) बनाने की योजना है।
दूसरा पुल जंगल चट्टी के पास बनाया जाएगा, जहां पर भी रास्ता पूरी तरह से वॉश आउट हो गया था। इस पुल के निर्माण के बाद यात्रियों को बहुत राहत मिलेगी, क्योंकि जंगल चट्टी के पास यह क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील है और यहां की सड़कों पर अक्सर दुर्घटनाएँ होती रही हैं।
2013 की आपदा से हुए मार्ग क्षति का सुधार
लोक निर्माण विभाग, केदारनाथ यात्रा मार्ग के पुराने मार्ग को भी ठीक करने के प्रयासों में जुटा हुआ है, जो 2013 की आपदा के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। गरुढ़चट्टी से केदारनाथ धाम तक के रास्ते को वर्ष 2021 में ठीक कर लिया गया था, लेकिन अभी भी गरुढ़चट्टी से रामबाड़ा तक लगभग पांच किलोमीटर के मार्ग को फिर से तैयार किया जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण में कई स्थानों पर भारी चट्टानों को हटाने का कार्य किया जा रहा है। इस मार्ग की मरम्मत का काम अब अंतिम चरण में है और इसके निर्माण में शेष 400 मीटर का हिस्सा बाकी है।
मुकेश परमार ने बताया कि इस मार्ग को तैयार करने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और अब यह कार्य अंतिम चरण में है। कुछ कठिनाइयाँ मौसम और स्थान की ऊंचाई के कारण आई हैं, लेकिन उन्हें हल करने की कोशिश की जा रही है।
लोक निर्माण विभाग का प्रयास और भविष्य की योजना
लोक निर्माण विभाग का उद्देश्य न केवल केदारनाथ धाम तक पहुंचने के रास्तों को सुगम बनाना है, बल्कि यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आगामी समय में यात्रा के मार्ग पर किसी प्रकार की बाधाएँ न आएं और यात्रियों को निर्बाध रूप से यात्रा करने की सुविधा प्राप्त हो।
इसके अलावा, भविष्य में यह मार्ग और पुलों का निर्माण केदारनाथ यात्रा के दौरान आने वाले समय में आने वाली आपदाओं से निपटने में भी सहायक सिद्ध होगा। जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, यात्रा मार्ग की सुरक्षा और सुविधाओं का महत्व और भी बढ़ जाएगा।