Uttarakhand

National Games: मुक्केबाजों की सेहत का ध्यान रखते हुए, ज्वालामुखी जल से होगी हाइड्रेशन

राष्ट्रीय खेलों के तहत मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स कॉलेज में किया जाएगा, जहां देशभर के बेहतरीन मुक्केबाज अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सेहतमंद और ऊर्जा से भरपूर बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है – उन्हें पिलाया जाएगा ज्वालामुखी जल। यह जल विशेष रूप से खनिजों और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जिससे खिलाड़ियों की सेहत को फायदा होगा और वे रिंग में अपनी पूरी ताकत लगा सकेंगे।

पिथौरागढ़: राष्ट्रीय खेलों का पहला अनुभव

उत्तराखंड को पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी मिली है और यह आयोजन विशेष रूप से मुक्केबाजी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पिथौरागढ़ का स्थल, जो हिमालय के करीब स्थित है, एक बहुत ही शुद्ध और ताजगी से भरा वातावरण प्रदान करता है। यहाँ के हरे-भरे पेड़ और शुद्ध हवा ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया है। इस प्रतियोगिता में 208 खिलाड़ियों और 200 से अधिक ऑफिशियल टीमों के भाग लेने की उम्मीद है। इन खिलाड़ियों के लिए विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि उनकी शारीरिक स्थिति और मानसिक संतुलन बनाए रखे जा सकें।

इस आठ दिन की प्रतियोगिता के दौरान, मुक्केबाजों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की गई है, जिसमें ज्वालामुखी जल को भी शामिल किया गया है। इस जल का सेवन खिलाड़ियों के ऊर्जा स्तर को बनाए रखने के लिए किया जाएगा, ताकि वे अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकें और अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर सकें।

ज्वालामुखी जल: एक प्राकृतिक स्रोत

ज्वालामुखी जल, जिसे वोल्केनिक वाटर भी कहा जाता है, अत्यधिक शुद्ध और खनिजों से भरपूर पानी है। यह पानी ज्वालामुखी चट्टानों से निकलकर हजारों फीट की दूरी तय करता है और फिर इसे फिल्टर कर शुद्ध किया जाता है। यह जल न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि पीने में भी मुलायम और ताजगी से भरा महसूस होता है।

इस जल में मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम और सिलिका जैसे खनिज पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जो शरीर के लिए अत्यधिक लाभकारी हैं। ज्वालामुखी जल प्राकृतिक रूप से क्षारीय होता है, जो शरीर की पीएच संतुलन को बनाए रखता है और शरीर के विभिन्न अंगों को ठीक से काम करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, यह जल शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूत करता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक है।

ज्वालामुखी जल की सप्लाई और कीमत

ज्वालामुखी जल की सप्लाई विशेष रूप से महाराष्ट्र से की गई है, और इसके लिए 300 मिली और एक लीटर की बोतलें मंगवाई गई हैं। एक 300 मिली की बोतल की कीमत 250 रुपये है, जबकि एक लीटर की बोतल की कीमत 800 रुपये से अधिक है। मुक्केबाजों की सेहत के लिए यह जल एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना है और इसे पिथौरागढ़ में विशेष रूप से खिलाड़ियों को पिलाने के लिए मंगवाया गया है।

थामस कुक कंपनी के मैनेजर विनोद ने बताया कि खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्वालामुखी जल पिलाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह जल केवल पिथौरागढ़ में ही खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध होगा, क्योंकि यह विशेष रूप से यहां के वातावरण और खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए मंगवाया गया है।

ज्वालामुखी जल के फायदे

ज्वालामुखी जल के बारे में कहा जाता है कि यह न केवल ऊर्जा बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह शरीर के अंदर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का भी काम करता है। यह पानी शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है, जो विशेष रूप से उन खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद है जो शारीरिक रूप से अत्यधिक मेहनत कर रहे होते हैं। ज्वालामुखी जल में मौजूद खनिज तत्व शरीर को प्राचीन ऊर्जा का अनुभव कराते हैं, जिससे खिलाड़ी रिंग में अपनी अधिकतम क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं।

इसके अलावा, यह जल त्वचा की सेहत में भी सुधार करता है और शरीर के आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है। एक अच्छे हाइड्रेशन से खिलाड़ी अपने खेल के प्रति ध्यान केंद्रित करने में सक्षम रहते हैं और मानसिक स्थिति भी बेहतर होती है, जो किसी भी प्रतियोगिता में जीत के लिए जरूरी होती है।

पिथौरागढ़ में बॉक्सिंग प्रतियोगिता का महत्व

पिथौरागढ़ में होने वाली बॉक्सिंग प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी उत्तराखंड कर रहा है, और पिथौरागढ़ का यह आयोजन न केवल राज्य के लिए, बल्कि देशभर के मुक्केबाजों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।

यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच है, बल्कि उत्तराखंड राज्य के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे पर्यटन और खेल गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। पिथौरागढ़ जैसे सुंदर स्थान पर होने वाले इस आयोजन से राज्य की खेल गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सकती है।

सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएँ

इस प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पिथौरागढ़ में प्रत्येक खिलाड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा, खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा और आराम देने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

खेल प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यकताएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे अपनी पूरी ऊर्जा के साथ मुकाबलों में भाग ले सकें। इसके साथ ही, मुक्केबाजी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने के लिए कोचिंग कैम्प भी आयोजित किए गए हैं।

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