देहरादून में परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को जोड़ने की योजना, पार्किंग की समस्या का होगा समाधान

देहरादून के प्रमुख स्थानों में से एक परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को जोड़ने की योजना तैयार की गई है, जिससे इन स्थानों पर आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस परियोजना के तहत, पार्किंग की समस्या को हल करने के लिए एक हजार वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग भी विकसित की जाएगी। यह योजना घंटाघर, राजपुर रोड और आसपास के अन्य इलाकों में वाहन पार्किंग की समस्या को काफी हद तक सुलझा सकती है, जो कि इन स्थानों पर व्यस्ततम समय में अक्सर उत्पन्न होती है।
परेड ग्राउंड और गांधी पार्क, देहरादून के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थल हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग हर रोज आते हैं। यहां व्यावसायिक संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी दफ्तर और अन्य सार्वजनिक स्थान मौजूद हैं, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही बहुत अधिक होती है। पार्किंग की कमी और सड़क पर खड़े वाहनों के कारण अक्सर यातायात जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस परियोजना का उद्देश्य इन समस्याओं का समाधान करना है और स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों के लिए बेहतर यातायात और पार्किंग व्यवस्था प्रदान करना है।
पार्किंग और अंडरपास की योजना
इस नई योजना के तहत, परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को जोड़ने के लिए एक भूमिगत अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। यह अंडरपास कनक चौक से लैंसडौन चौक तक बनाया जाएगा, जिससे इन दोनों प्रमुख स्थानों के बीच आवागमन आसान हो सकेगा। अंडरपास के ऊपर एक सार्वजनिक स्थान भी विकसित किया जाएगा, जिसमें लोग बैठ सकेंगे और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। अंडरपास का डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि वहां से गुजरने वाले लोग सुरक्षित रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकें, बिना सड़क पार किए।
अंडरपास के निर्माण के साथ-साथ, इस क्षेत्र में एक हजार वाहनों की पार्किंग की भी योजना बनाई गई है। यह पार्किंग स्थल कई मंजिला हो सकता है और इसमें लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, ताकि पार्किंग में आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। पार्किंग स्थल का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा, जहां पहले चरण में 200 वाहनों की पार्किंग का विकास किया जाएगा। यदि यह सुविधा सफल रहती है, तो इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
गांधी पार्क और परेड ग्राउंड को जोड़ने की योजना
परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के बीच बेहतर संपर्क के लिए प्रस्तावित अंडरपास के साथ-साथ पार्किंग की सुविधा भी महत्वपूर्ण है। इस परियोजना का उद्देश्य इन दो प्रमुख स्थलों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है, ताकि लोग आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकें। गांधी पार्क और परेड ग्राउंड दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग आते हैं, खासकर छुट्टियों और त्योहारों के समय। ऐसे में यदि पार्किंग की सुविधा नहीं होती है तो सड़क पर खड़े वाहनों के कारण यातायात की स्थिति खराब हो सकती है।
इस परियोजना में शामिल पार्किंग स्थल का डिज़ाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वाहन मालिकों को पार्किंग के लिए कोई परेशानी न हो। पार्किंग के बाद, वे आसानी से पार्क में घूमने या अन्य स्थानों पर जाने के लिए अंडरपास का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा, अंडरपास के ऊपर एक सुंदर सार्वजनिक स्थान विकसित किया जाएगा, जहां लोग आराम से बैठ सकेंगे और आस-पास के वातावरण का आनंद ले सकेंगे।
अंडरपास के ऊपरी हिस्से का सौंदर्यीकरण
अंडरपास के ऊपरी हिस्से का सौंदर्यीकरण भी एक अहम हिस्सा होगा। इसके डिजाइन में ऐसी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा जो लोगों के लिए आकर्षक और आरामदायक हों। इसके साथ ही, पैदल चलने के लिए भी पर्याप्त रास्ते बनाए जाएंगे ताकि लोग बिना किसी परेशानी के पैदल भी यात्रा कर सकें। इस सौंदर्यीकरण में स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक दृश्य का समावेश किया जाएगा, ताकि यह स्थान एक पर्यटन स्थल की तरह नजर आए।
इसके अलावा, परियोजना में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से सुझाव भी लिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह से परियोजना को हर पहलू से समझकर और सबकी राय लेकर बेहतर बनाया जा सकता है। विभिन्न हितधारकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पार्किंग की योजना में महत्वपूर्ण कदम
देहरादून के व्यस्त इलाकों में पार्किंग की समस्या एक पुरानी और लगातार बढ़ती हुई चुनौती रही है। घंटाघर, राजपुर रोड और अन्य आसपास के इलाकों में वाहनों की बढ़ती संख्या ने इस समस्या को और जटिल बना दिया है। हालांकि, इस नई योजना से इन इलाकों में वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पार्किंग स्थल को बनाने का उद्देश्य केवल वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था प्रदान करना है। इस योजना से पार्किंग के साथ-साथ यातायात नियंत्रण में भी सुधार होगा, और यह शहर के विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा।