Uttarakhand

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के मुखबा-हर्षिल दौरे में दी नए पर्यटन विजन की दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों, मुखबा और हर्षिल का दौरा किया, जिससे प्रदेश में पर्यटन को नई दिशा मिली है। पीएम मोदी ने न केवल शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं साझा कीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास के लिए एक नए विजन का भी एलान किया। उनके इस दौरे में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जो प्रदेश के लिए भविष्य में बड़ी प्रगति की दिशा में कदम साबित होंगी। इस दौरे ने उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरकाशी के मुखबा और हर्षिल में कई कार्यक्रमों में भाग लिया और क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद किया। उनके इस दौरे को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि वे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल पहुंचे और वहां विशेष पूजा अर्चना की।

पीएम मोदी का उत्तराखंड में ऐतिहासिक दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड का यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। गुरुवार को उन्होंने सुबह भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उत्तरकाशी के लिए उड़ान भरी। उन्होंने सबसे पहले मुखबा में गंगा मंदिर में पूजा अर्चना की और लगभग 20 मिनट तक मां गंगा की विशेष पूजा की। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने हर्षिल की प्राकृतिक सुंदरता का नजारा लिया और वहां ट्रैकिंग व बाइक रैली को फ्लैग ऑफ किया।

यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल पहुंचें। इसके साथ ही वे उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों चमोली और पिथौरागढ़ के बाद अब उत्तरकाशी के मुखबा और हर्षिल पहुंचे, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

प्रधानमंत्री मोदी का शीतकालीन पर्यटन पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है, और इस दौरान राज्य में विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उनके अनुसार, शीतकालीन पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में स्थायी विकास संभव होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ‘घाम तापो’ पर्यटन का भी उल्लेख किया, जिसे उत्तराखंड का नया पर्यटन मॉडल बनाने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य यह है कि राज्य में हर मौसम में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि उत्तराखंड हर सीजन में ‘ऑन सीजन’ बना रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अब उत्तराखंड में हर मौसम में पर्यटकों का स्वागत करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे।”

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने माणा, जादूंग और टिम्मरसैंण जैसे पहाड़ी इलाकों में बढ़ते पर्यटन को एक नई दिशा देने की योजना साझा की। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर तेजी से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा और इन क्षेत्रों में पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे।

उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग और फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में शादी के लिए एक नई योजना की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में प्रमोट किया जाएगा। उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि वे उत्तराखंड को अपनी शादी के लिए चुनें और राज्य को एक नई पहचान दिलवाएं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने फिल्म इंडस्ट्री को भी उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में शूटिंग करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी को दिया शीतकालीन यात्रा का समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शीतकालीन यात्रा की पहल के लिए सराहा और उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इस यात्रा से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी, बल्कि इससे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं को भी समर्थन दिया और कहा कि यह राज्य के लिए प्रगति की नई शुरुआत होगी।

पहाड़ी भोजन का आनंद, मोदी का लोक संस्कृति से जुड़ाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहाड़ों से खासा जुड़ाव रहा है। उत्तराखंड के दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय पहाड़ी भोजन का स्वाद भी चखा। मुखबा में पूजा के बाद, पीएम मोदी को स्थानीय महिलाओं ने चीणा का भात, फाफरे के पोले और क्षेत्रीय राजमा के साथ बद्री गाय की दही मठ्ठा परोसा। ये सभी पकवान उत्तराखंड की लोक संस्कृति का हिस्सा हैं और यहां के उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों में प्रचलित हैं। पीएम मोदी ने इन व्यंजनों का स्वाद लिया और इन्हें बेहद स्वादिष्ट बताया।

हर्षिल की खूबसूरत वादियों में अद्वितीय नजारा

प्रधानमंत्री मोदी ने हर्षिल के प्राकृतिक सौंदर्य को भी निहारा और वहां की खूबसूरत वादियों में शांति का अनुभव किया। हर्षिल, जो हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा गांव है, समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां की बर्फ से ढकी वादियां सर्दियों में एक आकर्षण का केंद्र बन जाती हैं, जबकि गर्मियों में यह हरी-भरी हरियाली से भर जाती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने हर्षिल में ट्रैकिंग रूट और बाइक रैली को फ्लैग ऑफ किया और इसके बाद वहां के पर्यटन स्थलों का दौरा किया। उन्होंने इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं की घोषणा की और यहां के पर्यटन को एक नई दिशा देने की बात कही।

उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री की योजनाएं और घोषणाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के लिए कई योजनाओं का एलान किया। उन्होंने राज्य में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित करने की योजना की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने कॉर्पोरेट घरानों से अपील की कि वे अपनी बैठकों और सम्मेलन के लिए उत्तराखंड का चयन करें।

प्रधानमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड में विंटर योगा सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिससे यहां के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें वे उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन पर शॉर्ट फिल्म बनाएंगे।”

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