धामी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रदेशभर में जन सेवा शिविरों का आयोजन

उत्तराखंड में धामी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हर जिले में जन सेवा थीम पर बहुउद्देशीय और चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 22 से 25 मार्च तक चलेगा, जिसका उद्देश्य प्रदेशवासियों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना और उन्हें विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाना है। इस आयोजन के लिए राज्य सरकार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को इन शिविरों के आयोजन के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इन शिविरों में आम जन को राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही चिकित्सा शिविरों में निशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजन
मुख्य सचिव ने बताया कि इस विशेष आयोजन का मुख्य कार्यक्रम 22 मार्च को अल्मोड़ा जिले में और 23 मार्च को देहरादून जिले में आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 23 मार्च को प्रदेश के सभी अन्य जिलों में भी जन सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। जहां कहीं पर प्रभारी मंत्री उपलब्ध नहीं होंगे, वहां सांसदों को कार्यक्रम की अध्यक्षता करने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
यह आयोजन प्रदेश सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह धामी सरकार के तीन वर्षों की उपलब्धियों को आम जन तक पहुँचाने का एक अवसर है। कार्यक्रमों के दौरान सरकारी योजनाओं की जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुँचाने के प्रयास किए जाएंगे।
बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। बहुउद्देशीय शिविरों में लोगों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा, जैसे कि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, पेंशन योजनाएं आदि। शिविरों में लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक जानकारी दी जाएगी और उन्हें आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी मार्गदर्शन किया जाएगा।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि इन शिविरों में आम जनता को यह बताया जाए कि वे किस प्रकार इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं और इसके लिए किन कागजात की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, शिविरों में उपयुक्त अधिकारियों को मौजूद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि यदि किसी को कोई समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान किया जा सके।
चिकित्सा शिविरों का महत्व
इसके अलावा, चिकित्सा शिविरों में प्रदेशवासियों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चिकित्सा शिविरों में मेडिकल जांच, दवाइयों का वितरण और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन शिविरों का आयोजन उन क्षेत्रों में किया जाएगा जहां स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सीमित है और लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सही इलाज नहीं मिल पा रहा है।
चिकित्सा शिविरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, रक्त परीक्षण, शारीरिक जांच और आयुर्वेद, होम्योपैथी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की सेवाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी की जाएगी।
जन सेवा शिविरों के आयोजन की पूरी प्रक्रिया
कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने एक सुसंगत योजना बनाई है, जिसमें जिला स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और विधानसभा तथा ग्राम स्तर पर भी इन शिविरों का विस्तार किया जाएगा। 24 से 30 मार्च तक प्रत्येक विधानसभा और लॉक स्तर पर भी बहुउद्देशीय और चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में सांसदों और विधायकों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे भी इन शिविरों का हिस्सा बन सकें और जनता से सीधा संवाद कर सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन शिविरों के आयोजन के दौरान सभी जिलों में जिला प्रशासन के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अपने स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाएं और कार्यक्रम को ठीक से संचालित करें।