Uttarakhand

ठंड से राहत, चुनावी माहौल में मौसम ने दी राहत, आगामी मतगणना के दिन भी आसमान साफ रहने के आसार

प्रदेश के निकाय चुनाव के दिन मौसम ने चुनावी प्रक्रिया में एक अहम भूमिका अदा की। मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम शुष्क रहने के कारण जहां एक ओर ठंड से राहत मिली, वहीं लोग बिना किसी असुविधा के अपने मतदान अधिकार का प्रयोग करने के लिए घरों से बाहर निकले। मौसम विज्ञान केंद्र की भविष्यवाणी के बावजूद, जहां बृहस्पतिवार को हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी, वहीं प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहा और चुनावी माहौल में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हुई।

आगे की ओर, मतगणना के दिन भी मौसम के अनुकूल रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में चुनाव परिणामों की घोषणा के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को मौसम से कोई समस्या नहीं होने वाली है।

मौसम की अनुकूलता से चुनावी माहौल में राहत

बृहस्पतिवार को मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन प्रदेशभर में मौसम शुष्क ही बना रहा। खासकर, मैदान और शहरी इलाकों में मौसम ने अपना साथ दिया। ठंड में कुछ कमी आने से वोट डालने के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकले और चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया। यह राहतकारी स्थिति थी क्योंकि मतदाता मौसम की कठिनाइयों से बचकर आराम से मतदान स्थल तक पहुंच पाए।

मैदानी क्षेत्रों में, विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, और अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया। यही नहीं, रात में भी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई, जिससे मौसम में शीतलता का अहसास कम हुआ और वोट डालने वाले लोग सहज महसूस कर सके।

देहरादून में तापमान की स्थिति

देहरादून का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक था। इस बढ़ोतरी के साथ, रात का न्यूनतम तापमान भी 9.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा, जो पहले से तीन डिग्री अधिक था। यह स्थिति चुनाव के दिन तो राहतकारी रही ही, साथ ही मतगणना के दिन भी मौसम सुहाना रहने की उम्मीद है। मौसम के इस प्रकार से ठंडक से राहत देने वाले बदलाव से चुनावी कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि वे चुनाव परिणामों का उत्साहपूर्वक स्वागत कर सकेंगे।

आने वाले दिनों का मौसम

मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी मौसम की भविष्यवाणी की है। 27 जनवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे ठंड में और अधिक राहत मिलेगी। खासकर 25 जनवरी को होने वाली मतगणना के दिन मौसम का साफ रहना चुनाव परिणामों के जश्न के लिए उपयुक्त साबित होगा।

इस दौरान, उम्मीद की जा रही है कि आसमान साफ रहेगा और किसी प्रकार की बारिश या अन्य मौसमीय समस्या नहीं आएगी। परिणामस्वरूप, मतदान से लेकर मतगणना तक का चुनावी माहौल सुहाना और अनुकूल रहेगा।

विंटर बारिश का कम होना और मौसम का नया पैटर्न

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल विंटर बारिश में कमी देखी जा रही है और मौसम का पैटर्न भी बदला हुआ है। इस बदलाव के कारण प्रदेश में ठंड का प्रभाव कम हो रहा है और शुष्क मौसम का प्रभाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान में अधिक वृद्धि देखने को मिल रही है। इस कारण से ठंड के मौसम में राहत मिलने के साथ-साथ चुनावी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को भी कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।

मौसम के इस पैटर्न का प्रभाव आगामी दिनों में भी देखने को मिलेगा, जिससे आगामी चुनावों और मतगणना के दिन भी मौसम सहयोगी रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मौसम परिवर्तन से कृषि, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि शुष्क मौसम के कारण किसानों को फसल की रोपाई में मदद मिल सकती है और पर्यटन उद्योग भी अधिक सक्रिय हो सकता है।

निर्वाचन आयोग और मौसम का तालमेल

इस चुनावी मौसम में निर्वाचन आयोग ने अपनी ओर से हर पहलू पर ध्यान दिया और चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरी तैयारी की थी। मौसम विभाग और निर्वाचन आयोग के बीच तालमेल भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि सही मौसम की जानकारी चुनाव के समय सुरक्षा, व्यवस्था और मतदान केंद्रों की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की मौसमीय कठिनाई से निपटा जा सके। चुनाव से पूर्व आयोग ने अधिकारियों को बारिश और ठंड के प्रभावों से निपटने के लिए निर्देश दिए थे। हालांकि, मौसम ने सहयोग किया और चुनाव सुचारु रूप से संपन्न हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button