उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं नकलमुक्त परीक्षा कराने के लिए सेंटर्स के बाहर धारा 163 लागू

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (यूबीएसई) द्वारा आयोजित हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) की बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी 2025 से शुरू हो गई हैं। यह परीक्षा 11 मार्च 2025 तक जारी रहेगी। इस साल राज्यभर में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं, ताकि छात्रों को एक शांतिपूर्ण और नकलमुक्त वातावरण मिल सके।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सख्त सुरक्षा उपाय किए
जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देशानुसार, उप जिलाधिकारी रामनगर, राहुल शाह ने परीक्षा केंद्रों के आसपास के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू करने का आदेश दिया है। यह कदम परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति बनाए रखने और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। धारा 163 के तहत, 200 मीटर के दायरे में बिना अनुमति प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है।
धारा 163 के तहत लागू किए गए कड़े नियम
धारा 163 के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास के 200 मीटर दायरे में बिना अनुमति प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति इस क्षेत्र में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट, या संबंधित क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा, पांच या अधिक व्यक्तियों का एकत्रित होना, सभा करना या प्रदर्शन करना भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर, डी.जे. या किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास शस्त्र, लाठी-डंडा या किसी भी प्रकार के हथियार लेकर आने की अनुमति नहीं होगी।
नकलमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा के लिए सख्त निगरानी
उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन ने नकलमुक्त परीक्षा के लिए विशेष कदम उठाए हैं। परीक्षा केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वॉड, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों की मदद से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी अनियमितता को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन ने इस बार नकल रोकने के लिए विशेष रूप से सावधानी बरतने की अपील की है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था
राज्यभर में इस बार कुल 2,23,403 छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में भाग ले रहे हैं। इनमें से हाई स्कूल (कक्षा 10) के 1,13,690 और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के 1,09,713 परीक्षार्थी शामिल हैं। इन परीक्षाओं के संचालन के लिए राज्यभर में कुल 1,245 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 49 एकल केंद्र और 1,196 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती की गई है। इन कदमों के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परीक्षा केंद्रों पर कोई भी अनियमितता न हो और छात्रों को नकल करने का अवसर न मिले। सीसीटीवी कैमरे, जाँच अधिकारी और पुलिस कर्मी इन केंद्रों पर पूरी निगरानी रखेंगे।
परीक्षा केंद्रों पर नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति इन कड़े नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि नकल करने वाले छात्रों या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील: छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से सहयोग की अपील
उप जिलाधिकारी राहुल शाह ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से परीक्षा के दौरान नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हम सभी को मिलकर इस महत्वपूर्ण परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग अपेक्षित है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई छात्र या व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे परीक्षा के दौरान केवल अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचें।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र
उत्तराखंड में इस साल बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक है। इस वर्ष कुल 2,23,403 परीक्षार्थी हैं, जो राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। इस वृद्धि का मुख्य कारण राज्य में शिक्षा की स्थिति में सुधार और छात्रों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा है।
परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए सभी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, ताकि वे परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करें। साथ ही, प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षा केंद्रों पर हर प्रकार की स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध रहें।