उत्तराखंड में फरवरी के अंत में मौसम बिगड़ा, ठंड और बर्फबारी ने मचाई हलचल

फरवरी के महीने में उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में हो रही हल्की-फुल्की बारिश और बर्फबारी से ठंड की चुभन बढ़ गई है। फरवरी के चौथे हफ्ते में, खासकर 20 और 21 फरवरी को, ठंडी हवाओं और बर्फबारी के कारण प्रदेशभर में ठंड ने फिर से दस्तक दे दी। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तो मैदानों में रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे दिन का तापमान घट गया। हालांकि, रात का न्यूनतम तापमान सामान्य रहा, जिससे थोड़ी राहत मिली है।
इस बदलाव के बाद मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड का जोर बढ़ने के साथ-साथ, 22 फरवरी से प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी, मैदानों में बारिश
गुरुवार को चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तगड़ी बर्फबारी हुई। औली से लेकर बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और अन्य ऊंचाई वाली चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। औली में एक फीट तो बदरीनाथ में दो फीट तक ताजी बर्फ जमी है। हेमकुंड साहिब में भी लगभग तीन फीट बर्फ पड़ी है। हालांकि, निचले क्षेत्रों में बारिश की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
औली और बदरीनाथ में बर्फ की चादर
चमोली जिले के पर्वतीय क्षेत्र औली में इस बार बर्फबारी ने वहां के पर्यटन स्थलों को फिर से अपनी चादर से ढक लिया। औली में एक फीट तक ताजी बर्फ जमी है, और बदरीनाथ धाम में दो फीट तक बर्फ पड़ने से यहां के दृश्य और भी आकर्षक हो गए हैं। हेमकुंड साहिब और नीती घाटी सहित अन्य उच्च स्थानों पर भी भारी बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी के कारण पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि बर्फबारी की वजह से यातायात में कुछ रुकावटें आ सकती हैं।
केदारनाथ में डेढ़ फीट बर्फ
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ में भी 20 फरवरी को ताजा बर्फबारी हुई। यहां तैनात पुलिसकर्मियों के मुताबिक, केदारनाथ में डेढ़ फीट बर्फ जमी है। केदारनाथ मंदिर से लेकर मंदिर मार्ग तक बर्फ की चादर बिछी हुई है। बर्फबारी की वजह से यहां की सर्दी और भी बढ़ गई है, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। साथ ही, केदारनाथ-गौरीकुंड मार्ग पर भी बर्फबारी हुई है, जिससे मार्ग पर बर्फ की परतें जम गई हैं।
मौसम में राहत की उम्मीद
हालांकि, इस बार की बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, लेकिन अगले कुछ दिनों में मौसम साफ होने की संभावना है। 22 फरवरी से मौसम साफ रहेगा और उत्तराखंड के पहाड़ों और मैदानों में ठंड से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और ठंडी हवाओं का असर कम होगा, जिससे प्रदेशवासियों को राहत मिलेगी।
किसानों के लिए राहत
इस बार की बारिश और बर्फबारी के कारण किसानों ने कुछ राहत की सांस ली है। लंबे समय से मौसम में सूखा पड़ा हुआ था, जिसके कारण फसलें प्रभावित हो रही थीं। लेकिन अब हुई बारिश से कृषि कार्यों में थोड़ा सुधार हो सकता है। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए काफी नहीं है, क्योंकि अधिक बारिश और बर्फबारी की आवश्यकता है ताकि फसलों को बढ़ावा मिल सके।
पर्यटन पर भी असर
उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश का असर पर्यटन पर भी देखने को मिल सकता है। जहाँ एक तरफ बर्फबारी के कारण पर्वतीय क्षेत्रों का दृश्य और भी आकर्षक हो गया है, वहीं, बर्फबारी के कारण पर्यटन स्थलों पर यात्रा में रुकावटें भी हो सकती हैं। खासकर, उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ के कारण यातायात बाधित हो सकता है।
संक्षेप में
फरवरी के अंत में उत्तराखंड में मौसम ने अपना रुख बदला है और ठंड लौट आई है। बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, लेकिन 22 फरवरी से मौसम साफ होने के बाद राहत की उम्मीद जताई जा रही है। इस दौरान किसानों को कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि उन्हें और अधिक बारिश की आवश्यकता होगी। वहीं, पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी के दृश्य अद्भुत हो सकते हैं, लेकिन यातायात में बाधाएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।