उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नंबर जारी, सहायता के लिए संपर्क करने की अपील

प्रयागराज में महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दिन संगम पर भगदड़ मच गई। इस हादसे के बाद विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालु फंस गए और कई लोग घायल भी हो गए। भगदड़ के कारण वहां स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, और श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ा। इस संकट के समय में उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य से महाकुंभ में गए श्रद्धालुओं के लिए मदद की पेशकश की है और सहायता के लिए तीन टोल फ्री नंबर जारी किए हैं।
भगदड़ के बाद प्रशासन की तत्परता
मौनी अमावस्या के दिन संगम में शाही स्नान के दौरान भारी भीड़ जमा थी, और अचानक भगदड़ मचने से कई लोग घायल हो गए। घटनास्थल पर गहमा-गहमी का माहौल था, और श्रद्धालुओं को जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। भगदड़ के कारण उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों के श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया और पुलिस ने तुरंत सुरक्षा घेरे बनाए, लेकिन फिर भी कई श्रद्धालुओं को सहायता की आवश्यकता थी।
उत्तराखंड सरकार ने इस स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक हेल्पलाइन जारी की है। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर श्रद्धालु किसी भी प्रकार की सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं। इन नंबरों के माध्यम से उन्हें न केवल आपातकालीन सहायता मिल सकेगी, बल्कि प्रशासन द्वारा सभी जरूरी सूचनाओं और मार्गदर्शन के लिए भी मदद दी जाएगी।
उत्तराखंड सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के सभी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा, “हमारे राज्य के श्रद्धालु जो महाकुंभ में पवित्र स्नान के लिए गए थे, उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।”
धामी सरकार ने महाकुंभ में गए उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के लिए तीन टोल फ्री नंबर जारी किए हैं, जिन पर कॉल करके वे किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ये नंबर हैं:
- टोल फ्री नंबर: 1070
- सहायता नंबर: 8218867005
- दूसरा सहायता नंबर: 9058441404
मुख्यमंत्री धामी ने इन नंबरों के माध्यम से श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यदि किसी प्रकार की परेशानी का सामना करें या फंसे हुए हों, तो इन नंबरों पर संपर्क करें। सरकार की ओर से समुचित सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।