Uttarakhand

UTTARAKHAND : 47 मजदूरों को बचाया गया, आठ की तलाश जारी, सीएम धामी ने किया चमोली में बचाव कार्य का निरीक्षण

चमोली जिले में हुई हिमस्खलन की आपदा ने एक बार फिर क्षेत्र के लोगों को दहशत में डाल दिया है। बर्फ में फंसे हुए 47 मजदूरों को सेना, पुलिस और आपदा राहत टीमों ने सफलतापूर्वक बचा लिया है, जबकि आठ अन्य मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन कार्यों को युद्धस्तरीय गति से चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

सीएम धामी का आपदा परिचालन केंद्र का दौरा

मुख्यमंत्री धामी ने चमोली जिले में हिमस्खलन के बाद चार घंटे में दूसरी बार आपदा परिचालन केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से घटनास्थल पर चल रहे बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने आपदा में फंसे लोगों के शीघ्र और सुरक्षित बचाव के लिए त्वरित कदम उठाने की निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि बर्फ में फंसे सभी मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। हमने राज्य और केंद्र सरकार की सभी संसाधनों को जुटा लिया है और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर प्रकार की मदद प्रदान की जाएगी।

हिमस्खलन से हुई तबाही

यह हादसा चमोली जिले के एक पहाड़ी इलाके में हुआ, जहां भारी हिमपात और बर्फबारी के कारण एक बड़ा हिमस्खलन हुआ। हिमस्खलन में करीब 55 मजदूर फंसे थे, जो सड़क निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक आए इस बर्फीले तूफान के कारण मजदूरों को अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

अब तक 47 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि आठ मजदूरों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। बर्फ के नीचे दबे इन मजदूरों की तलाश के लिए सेना, NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और राज्य पुलिस की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हिमस्खलन के कारण इलाके में बर्फ की मोटी परत जम गई है, जिससे बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद सभी टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं।

सीएम धामी ने स्थिति का लिया जायजा

मुख्यमंत्री धामी ने चमोली के आपदा नियंत्रण केंद्र का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। हमारी पूरी टीम चौबीसों घंटे काम कर रही है। मुझे उम्मीद है कि हम सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने में सफल होंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी और उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय सरकार से हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त संसाधन मांगने की बात की है, ताकि इस तरह की आपदाओं से बचने के लिए भविष्य में बेहतर उपाय किए जा सकें।

बचाव कार्य में जुटी टीमें

हिमस्खलन के बाद, भारतीय सेना, NDRF, और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू किया। बर्फ में दबे मजदूरों को निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, हेलीकॉप्टरों का भी सहारा लिया जा रहा है, ताकि जमीनी रास्तों से पहुंचने में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जा सके।

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने बर्फ की परतों के नीचे दबे हुए मजदूरों की तलाश के लिए विभिन्न उपकरणों का इस्तेमाल किया है। टीमों ने बचाव अभियान में पूरी मुस्तैदी से काम किया है। हम आठ अन्य मजदूरों की तलाश में हैं और हमें उम्मीद है कि वे जल्द ही सुरक्षित बाहर निकलेंगे।”

प्रभावित परिवारों के लिए राहत

राज्य सरकार ने हिमस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्यों का विस्तार किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और उनकी हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने राहत कार्यों में कोई कसर बाकी नहीं रखी है और प्रभावित परिवारों को मानसिक और शारीरिक रूप से समर्थन देने के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, “हम प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। यह एक कठिन समय है, लेकिन हमारी सरकार उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और अधिक बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे राहत कार्यों में और भी कठिनाई आ सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले 48 घंटों में पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके बावजूद, प्रशासन और बचाव टीमों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और वे किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

प्रदेश सरकार की तैयारियां

राज्य सरकार ने आपदा के मद्देनजर अपने तंत्र को मजबूत किया है और सभी संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस तरह की घटनाओं के मद्देनजर प्रदेश के अन्य पहाड़ी इलाकों में भी बचाव और सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी किसी आपदा से निपटा जा सके।

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