UTTARAKHAND : औली में पर्यटकों के प्रवेश पर सोमवार तक रोक, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम के ताजा अलर्ट के बाद प्रशासन ने औली में पर्यटकों के प्रवेश पर सोमवार तक रोक लगा दी है। यह फैसला हाल ही में माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन और भारी हिमपात की घटनाओं के बाद लिया गया है। रविवार को भी भारी बर्फबारी के कारण प्रशासन ने पर्यटकों को ज्योतिर्मठ में ही रोक दिया था, और मंगलवार को मौसम सामान्य होने के बाद ही औली जाने की अनुमति दी जाएगी।
मौसम के ताजा अलर्ट ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
मौसम विभाग के ताजा अलर्ट को ध्यान में रखते हुए, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के हालात को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों के लिए सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। रविवार को मौसम में अचानक बदलाव आया, जिससे औली की ओर जाने वाले सभी पर्यटकों को ज्योतिर्मठ में रोक दिया गया। औली, जो कि उत्तराखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल है, अक्सर बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण खतरनाक हो सकता है, खासकर जब पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अधिक हो।
ज्योतिर्मठ में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित
ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि सोमवार को भी मौसम का अलर्ट जारी रहेगा और इस कारण से औली में पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार तक मौसम के सामान्य होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही पर्यटकों को औली जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के अप्रिय हादसे से बचा जा सके।
मौसम विभाग का चेतावनी और संभावित असर
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम में फिर से बदलाव हो सकता है। देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और टिहरी जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है, जिससे येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो रहा है, लेकिन फिलहाल प्रदेश में हल्की बारिश और तूफान की संभावना बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि 3 मार्च के बाद प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
येलो अलर्ट की स्थिति और सुरक्षा उपाय
येलो अलर्ट का मतलब होता है कि मौसम की स्थिति में अचानक बदलाव हो सकता है, जिससे कुछ क्षति की संभावना रहती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं और मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट का पालन करें। इसके अलावा, पर्वतीय इलाकों में यात्रा करते समय अधिक सतर्कता बरतने की भी सलाह दी गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बर्फबारी और हिमस्खलन की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में मौसम का प्रभाव
उत्तराखंड के पर्वतीय जिले, जैसे उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, और चमोली, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थल हैं। लेकिन इन इलाकों में अचानक मौसम के बदलाव के कारण पर्यटकों के लिए खतरे की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और हिमस्खलन से जीवन को खतरा हो सकता है, और इसी कारण से प्रशासन ने बार-बार मौसम के अलर्ट को गंभीरता से लिया है।
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी किए गए अलर्ट ने पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
पर्यटन व्यवसाय पर असर
उत्तराखंड में पर्यटन व्यवसाय के लिए बर्फबारी और ठंड का मौसम महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह स्कीइंग और अन्य बर्फ आधारित खेलों के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है। हालांकि, अत्यधिक बर्फबारी और हिमस्खलन जैसे घटनाओं के कारण यह मौसम स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बन सकता है।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देने और पर्यटकों के लिए यात्रा में असुविधा की स्थिति को कम करने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। पर्यटकों को इस बार विशेष तौर पर सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।
प्रदेशभर में मौसम के बदलते हालात
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम में अचानक बदलाव का असर केवल पर्यटकों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय जीवन पर भी पड़ सकता है। खासकर, जब मौसम में बदलाव के साथ बर्फबारी होती है तो स्थानीय सड़कें भी बाधित हो सकती हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है। ऐसे में प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि मौसम के बदलाव से पहले स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी हों, ताकि किसी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, 3 मार्च के बाद प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जिससे स्थिति सामान्य हो सकती है।