Uttarakhand

UTTARAKHAND : देहरादून एयरपोर्ट को मिला बड़ा एयरपोर्ट का दर्जा

देहरादून, 18 फरवरी 2025: देहरादून एयरपोर्ट को भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) द्वारा बड़ा एयरपोर्ट घोषित कर दिया गया है। अब देहरादून एयरपोर्ट का मुकाबला न केवल राष्ट्रीय स्तर के, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट से भी होगा। यह कदम देहरादून एयरपोर्ट के लिए एक नई उपलब्धि है, जिसने इस एयरपोर्ट को देश और दुनिया के चुनिंदा हवाई अड्डों के समूह में शामिल कर दिया है। इसके साथ ही एयरपोर्ट की जिम्मेदारियां और चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।

बड़े एयरपोर्ट का दर्जा मिलने से नई चुनौतियां और जिम्मेदारियां

देहरादून एयरपोर्ट को बड़े एयरपोर्ट का दर्जा मिलने के बाद अब इस एयरपोर्ट को एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वेक्षण में भाग लेना होगा। इससे पहले, देहरादून एयरपोर्ट पर ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (सीएसआई) होता था, जो अब बदलकर एएसक्यू सर्वेक्षण में बदल जाएगा।

सीएसआई सर्वेक्षण भारत के विभिन्न एयरपोर्टों में किया जाता था, जबकि एएसक्यू सर्वेक्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। यह बदलाव इस बात का प्रतीक है कि अब देहरादून एयरपोर्ट की प्रतिस्पर्धा न केवल भारत के अन्य एयरपोर्ट से होगी, बल्कि एशिया और विश्व स्तर के बड़े एयरपोर्ट से भी होगी।

एएसक्यू सर्वेक्षण और इसकी महत्वता

एएसक्यू सर्वेक्षण हर तीन माह में आयोजित किया जाएगा, जो कि सीएसआई सर्वेक्षण से अधिक आवधिक होगा। सीएसआई सर्वेक्षण में हर छह महीने में डेटा एकत्रित किया जाता था, जबकि एएसक्यू सर्वेक्षण को हर तीन महीने में अपडेट किया जाएगा। एएसक्यू सर्वेक्षण एशिया-पैसिफिक के 18 देशों के 98 एयरपोर्ट पर आयोजित किया जाता है, जिनमें भारत के लगभग 15 एयरपोर्ट भी शामिल हैं। इस सर्वेक्षण के माध्यम से एयरपोर्ट की सेवाओं, ग्राहक संतुष्टि, सुविधाओं और ऑपरेशन की गुणवत्ता को मापा जाता है।

देहरादून एयरपोर्ट की बढ़ती यात्रियों की संख्या

देहरादून एयरपोर्ट की सफलता का एक बड़ा कारण यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि है। कोविड-19 महामारी से पहले, देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या 13 लाख से कम थी। लेकिन वित्तीय वर्ष 2020-23 के दौरान, देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या 15 लाख को पार कर गई, और जून 2023 में इसे एएआई द्वारा लेवल तीन से लेवल दो का दर्जा दे दिया गया। अब, 2024 में यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 40 लाख प्रति वर्ष तक पहुंच गई है, जो एयरपोर्ट की बढ़ती लोकप्रियता और क्षेत्रीय विकास को दर्शाता है।

नई उपलब्धि और इसके परिणाम

देहरादून एयरपोर्ट को बड़े एयरपोर्ट का दर्जा मिलने का यह कदम सिर्फ एक प्रतिष्ठा नहीं है, बल्कि इसके साथ ही एयरपोर्ट की सेवाओं, सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, और व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता भी उत्पन्न होती है। एएसक्यू सर्वेक्षण में शामिल होने के बाद, एयरपोर्ट प्रशासन को अपनी सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।

यह कदम न केवल एयरपोर्ट के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देहरादून और उत्तराखंड के पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए भी एक नई दिशा प्रदान करेगा। अब देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, उच्च गुणवत्ता की सेवाएं और सुरक्षा मिलेगी, जो राज्य के विकास में योगदान देगी।

एयरपोर्ट अधिकारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम

देहरादून एयरपोर्ट को बड़ा एयरपोर्ट बनाने में एयरपोर्ट के अधिकारियों और कर्मियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का बड़ा हाथ है। ऐरा (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इस एयरपोर्ट को बड़ा दर्जा देने का फैसला एयरपोर्ट की लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या, और बेहतर सुरक्षा और सेवाओं को देखते हुए लिया है।

देहरादून एयरपोर्ट की कड़ी मेहनत का यह परिणाम है कि अब इसे बड़े एयरपोर्ट के समूह में शामिल किया गया है। एएआई द्वारा दी गई नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों को संभालने के लिए एयरपोर्ट के अधिकारियों को अपने कार्यकुशलता और समर्पण को बढ़ाने की जरूरत है।

सीएसआई से एएसक्यू सर्वेक्षण का बदलाव

अब तक देहरादून एयरपोर्ट पर सीएसआई सर्वेक्षण होता था, जो राष्ट्रीय एयरपोर्टों के बीच आयोजित किया जाता था। इस सर्वेक्षण में यात्रियों से उनकी संतुष्टि के बारे में प्रतिक्रिया ली जाती थी। लेकिन अब बड़े एयरपोर्ट का दर्जा मिलने के बाद, सीएसआई के स्थान पर एएसक्यू सर्वेक्षण को लागू किया जाएगा। एएसक्यू सर्वेक्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े एयरपोर्टों के बीच होता है, और इसमें अधिक कठोर मानक और बारीकी से डेटा एकत्रित किया जाता है।

यह बदलाव देहरादून एयरपोर्ट के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि अब इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

आगे की दिशा

अब जब देहरादून एयरपोर्ट को बड़ा एयरपोर्ट का दर्जा मिल चुका है, तो एयरपोर्ट प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को और अधिक उन्नत करने की दिशा में काम करना होगा। बेहतर यात्री सुविधाएं, समय पर उड़ान संचालन, उच्च गुणवत्ता की सेवाएं और एयरपोर्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार, ये सब अब देहरादून एयरपोर्ट के लिए प्राथमिकता बन जाएंगे।

इस परिवर्तन के साथ-साथ, देहरादून एयरपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेगा, और यह न केवल प्रदेश के विकास के लिए, बल्कि पूरे उत्तर भारत और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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