UTTARAKHAND : सरकार की पहल से शीतकालीन यात्रा को मिली नई दिशा, होटल और होमस्टे में बढ़ी आवाजाही

बदरीनाथ धाम की शीतकालीन यात्रा इस बार बेहतर तरीके से चल रही है, और श्रद्धालुओं की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। 2025 की शीतकालीन यात्रा में अब तक करीब 13 हजार श्रद्धालु बदरीनाथ धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर और ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर के दर्शनों के लिए पहुंच चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग दोगुनी है, जब 2024 में यात्रा के दौरान सिर्फ 8 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे।
इस बार सरकार ने शीतकालीन चारधाम यात्रा के संचालन पर विशेष ध्यान दिया है और श्रद्धालुओं को यात्रा में आने के लिए प्रेरित किया। परिणामस्वरूप, यात्रा की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और श्रद्धालु विभिन्न पर्यटन स्थलों के अलावा बदरीनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थलों का भी दौरा कर रहे हैं।
शीतकालीन यात्रा पर बढ़ा श्रद्धालुओं का रुझान
बदरीनाथ धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर और ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही निरंतर बनी हुई है। इन धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की समुचित व्यवस्था की गई है और प्रतिदिन पूजा की जाती है। बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के अनुसार, इन स्थलों पर श्रद्धालुओं को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ दर्शन प्राप्त हो रहे हैं।
इस वर्ष शीतकालीन यात्रा के दौरान, बदरीनाथ धाम के प्रमुख स्थलों के साथ-साथ अन्य पर्यटन स्थल जैसे औली और तपोवन भी पर्यटकों से गुलजार रहे हैं। चमोली, पीपलकोटी, हेलंग, ज्योतिर्मठ, और पांडुकेश्वर जैसे स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जिससे यह साबित होता है कि शीतकालीन यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का रुझान बढ़ा है।
यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार का सक्रिय प्रयास
सरकार ने इस वर्ष शीतकालीन यात्रा के महत्व को समझते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। विशेष रूप से, सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रमुख शीतकालीन गद्दीस्थलों पर धार्मिक और पूजा की सुविधाएं बढ़ाई जाएं और यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो। यही कारण है कि इस वर्ष शीतकालीन यात्रा में अब तक 13 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में एक उल्लेखनीय वृद्धि है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि शीतकालीन यात्रा के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं देने के लिए पर्यावरणीय और भौतिक ढांचे का सुधार किया गया है। इस प्रयास ने यात्रा को और भी आकर्षक बना दिया है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहा है।
शीतकालीन यात्रा में होटल और होमस्टे व्यवसाय में वृद्धि
बदरीनाथ धाम की शीतकालीन यात्रा में बढ़ी हुई श्रद्धालु संख्या का सीधा असर स्थानीय पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। चारधाम होटल एसोसिएशन के संयोजक अतुल शाह, होटल व्यवसायी उमेश और अरविंद ने बताया कि शीतकालीन यात्रा के कारण होटल और लॉज व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि ने होटलों और अन्य आवासीय सुविधाओं की मांग को बढ़ाया है।
इस बार शीतकालीन यात्रा के कारण नीती घाटी के मलारी और उर्गम घाटी में भी स्थानीय युवाओं ने होमस्टे का संचालन शुरू किया है। इन घाटियों में बढ़ती संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए यह एक बेहतर रोजगार का अवसर बन गया है। उर्गम घाटी के स्थानीय युवक कहते हैं कि अगर हेलंग-उर्गम सड़क की स्थिति में सुधार होता है, तो यात्रा का अनुभव और भी बेहतर हो सकता है।
मलारी के मोहन सिंह ने बताया कि स्थानीय होमस्टे का संचालन करके वे अच्छी कमाई कर रहे हैं और क्षेत्र में पर्यटन के विकास को महसूस कर रहे हैं। इन होमस्टे सुविधाओं से स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ हो रहा है, और इससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है।
औली और तपोवन में भी बढ़ी पर्यटन की गतिविधियाँ
औली और तपोवन, जो पहले से ही प्रमुख पर्यटन स्थल रहे हैं, इस बार शीतकालीन यात्रा के दौरान और भी अधिक व्यस्त हो गए हैं। इन क्षेत्रों में न केवल श्रद्धालु, बल्कि पर्यटक भी शीतकालीन स्थलों का आनंद लेने पहुंचे हैं। बदरीनाथ धाम की शीतकालीन यात्रा को लेकर पर्यटकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है और यहां की बर्फ से ढकी पहाड़ियों और प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
आकर्षक गतिविधियों के अलावा, औली और तपोवन में विभिन्न प्रकार के साहसिक खेलों जैसे स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग का भी आयोजन किया जा रहा है, जो पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। इस क्षेत्र के प्राकृतिक दृश्य और साहसिक खेलों का मिश्रण शीतकालीन यात्रा को और भी रोमांचक बना रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर
शीतकालीन यात्रा की सफलता का प्रभाव केवल पर्यटन उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक बढ़ावा मिल रहा है। होटलों, रेस्त्रां, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यापारों में भी वृद्धि देखी गई है। यह स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है और आर्थिक स्थिति में सुधार ला रहा है।
इसके अलावा, स्थानीय दुकानदार और कारीगर भी शीतकालीन यात्रा के दौरान अपने उत्पादों को बेचने में सक्षम हो रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को एक नया जीवन मिल रहा है और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिल रहा है।